मेनू
News

कोटद्वार की बाईं (पूर्वी) खोह नहर सिंचाई विभाग के लिए बनी दुधारू गाय

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

  कोटद्वार की बाईं (पूर्वी) खोह नहर सिंचाई विभाग के लिए बनी दुधारू गाय 

 पौने छह करोड़ की लागत से बन रही नहर पहली बरसात भी नहीं झेल पाई 

 बाईं खोह नहर में ठेकेदार और विभागीय अधिकारी मौज में, किसान की मेहनत पानी में और जनप्रतिनिधि मनमानी में 

 कोटद्वार। उत्तराखंड में डबल इंजन सरकार यानि सरकार और विभाग । दोनों की जोड़ी शोले के वीरू और जय की जोड़ी की याद दिला रहा है। दोनों की धमाल जोड़ी उत्तराखंडी जनता का खून पसीना चाय पानी की तरह पिया जा रहा। लोक संवाद टुडे आज अपने पाठकों को जय वीरू की जोड़ी अर्थात डबल इंजन सरकार द्वारा की जा रही उत्तराखंडी  किसानों  की बदहाल स्थिति के बारे में बताने जा रहा है।
  मामला उत्तराखंड के वीवीआईपी जिले के वर्तमान वीवीआईपी विधानसभा कोटद्वार में डबल इंजन सरकार के‌ विधानसभा अध्यक्ष की कर्मभूमि विधानसभा कोटद्वार में उनके खासमखास मित्र कामधेनु सिंचाई विभाग के कारण पिछले एक साल से पूर्वी खोह नहर की सिंचाई पर निर्भर तीन वार्डो के 12 राजस्व गांवों के किसानों की खून-पसीने की मेहनत को पानी की तरह पी रहे हैं। 
  सिंचाई विभाग को पिछले वर्ष पूर्वी खोह नहर की लगभग 10 किमी लम्बी नहर के लिए पौने छह करोड़ रुपए मिले थे जिसमें नहर की मलवा सफाई, झाड़ी कटान और क्षतिग्रस्त  नहर की मरम्मत होनी थी। विभाग और कोटद्वार विधानसभा जनप्रतिनिधि की जय-वीरु की जोड़ी ने कार्य का टेंडर अपने चहेते हरिद्वार जिले के ठेकेदारों को दिलवा, ठेकेदार ने नहर का कार्य में पेटी (कमीशन) में कोटद्वार के गैरपंजीकृत ठेकेदारों को थमा दिया। 

 नहर पर जितना भी काम हुवा वह भी मानकों को ठेंगा दिखाकर जब इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष से स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत की गई तो फोटो शेषन के साथ कुछ दिनों काम रुकवाया भी गया लेकिन दुनिया गोल है का फार्मूला लगाकर रेलगाड़ी पुरानी पटरियों पर ही दौड़ने लगी। बताते चलें कि नहर का जितना भी काम बरसात से पहले हुआ था वह इस बरसात में जस का तस हो गया और किसानों को नहर का पानी सिंचाई के मिलना बंद हो गया। कह सकते हैं कि जनप्रतिनिधि की लापरवाही विभाग की अनदेखी और ठेकेदार की लालची प्रवृत्ति के चलते किसानों को भारी नुक़सान के साथ मुसीबतें झेलनी पड़ रही है। वर्तमान में पुनः बरसात के बाद नहर की सफाई का काम चल रहा है विभाग के ठेकेदार विभागीय निर्देशानुसार नहर का मलवा वनविभाग क्षेत्र में नहर की ऊपरी हिस्से में डाल रहे हैं। इससे पूर्व भी इसी तरह की कार्यशैली अपनाई गई थी तो इस बरसात में नहर की दशा पहले जैसी स्थिति में हो गई। 
  डबल इंजन की दोस्ती के चलते किसानों को हो रही दिक्कतों से लालपानी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण सिंह नेगी ने अपनी विज्ञप्ति में प्रेस को जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष और सिंचाई विभाग से नहर की सफाई व मरम्मत में सावधानी व किसानों के हित में नहर के मलवे को सही दिशा में फेंकने का अनुरोध किया।

संबंधित खबरें