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कारगिल शहिदो के नाम पर सनेह श्रेत्र में वृहद वृक्षारोपण

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

    कारगिल  शहिदो के नाम पर सनेह श्रेत्र में वृहद वृक्षारोपण 

    वन विभाग कोटडीढाग व सनेह क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों द्वारा किया वृक्षारोपण 

   कोटद्वार। वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग से चिंतित हर कोई नजर आ रहा है चाहे वह पर्यावरणविद् हों, वैज्ञानिक हों, समाजसेवी हों, विद्यार्थी हो, आम जनमानस हो या सरकारें हर कोई अपने अपने स्तर से पर्यावरण को बचाने के लिए मुहिम चला रहे हैं। शुद्ध पर्यावरण को लेकर चिंतित उत्तराखंड सरकार ने तो उत्तराखंडी त्यौहार हरेला पर्व को राज्य त्यौहार के रूप में मान्यता देकर पूरे माह हरियाली माह घोषित करते हुए सरकारी विभागों से लेकर आमजन को सावन के महिने में वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राज्य के लोग भी पर्यावरण बचाने के लिए राष्ट्रीय और उत्तराखंडी त्यौहारों को यादगार बनाने के वृक्षारोपण बढ़चढ़ कर रहे हैं। 

  कोटद्वार नगरनिगम का वार्ड नंबर 3 सैनिक बाहुल्य क्षेत्र है,कोटडीढांग सनेह क्षेत्र के महिला पुरुषों ने भी कोटड़ी रेंज के वन कर्मियों के साथ कारगिल शहीदों के नाम पर सनेह क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर वृहद वृक्षारोपण कर पर्यावरण को शुद्ध करने का बीड़ा उठाया। सनेह क्षेत्र की महिलाओं पुरुषों ने वन विभाग के साथ अर्जुन,नीम, जामुन घास प्रजातियों सहित विभिन्न प्रजातियों के 500 के लगभग पौधों का वृक्षारोपण किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में नाम इस प्रकार है- डिप्टी रेंजर अशोक बिष्ट कोटड़ी रेंज के वन कर्मियों सहित हेमा जखमोला, लक्ष्मी नेगी, अंशु रावतकु, कुसुम  नेगी, कलावती देवी,आनन्दी देवी,विमला  नेगी, गोपाल दत्त जखमोला, केशर सिह  रावत, राजेन्द्र सिह, आकाश, सतपाल नेगी,शतीश जदली ।

भारत सरकार ,कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एवं उत्तराखंड कृषि विभाग के कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम ने किया धान और मक्का फसलों का सर्वेक्षण 



 किसानों की आय दोगुनी करने के केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों के तहत उत्तराखंड के देहरादून व हरिद्वार क्षेत्र के विभिन्न कृषकों के खेतों में भारत सरकार ,कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ( वनस्पति संरक्षण , संगरोध एवं संग्रह निदेशालय ) के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र ,देहरादून एवम उत्तराखण्ड राज्य कृषि विभाग के कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम में देहरादून के कृष्ण कुमार तिवारी (वनस्पति संरक्षण अधिकारी ), रामेश्वर तेलांग्रे,(सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी ) नितिन कुमार(सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी ) एवम उत्तराखण्ड राज्य कृषि विभाग की शशि बाला जुयाल( वनस्पति संरक्षण अधिकारी ) दिनेश कुमार चौहान (सहायक कृषि अधिकारी) के साथ  धान तथा मक्का में कीट और व्याधि का सयुंक्त दो दिवसीय सर्वेक्षण दिनांक 29.07.2022 से 31.07.2022 तक किया गया। 

मक्का में फॉल आर्मी वॉर्म कीट, ग्रासहॉपर कीट, स्टॉक रॉट बीमारी, बहुत ही कम संख्या में पाया गया। किसानों को प्रमुखता से फसलों में इनके लक्षण एवं प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई । 

धान में जड़ गांठ सूत्रकृमि, पत्तालपेटक कीट, ग्रासहोपर कीट, तनाछेदक कीट, पाया गया। धान की फसल पर अत्यधिक बारिश होने का अच्छा प्रभाव देखा गया और खर पतवार की समस्या बहुत ही सीमित मिली। हानिकारक कीटों की संख्या न्यूनतम मात्रा में पाई गई , मित्र कीटों की पर्याप्त संख्या देखने को मिली ।  सर्वेक्षण के दौरान सयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों के कृषकों से विस्तार पूर्वक कीट व्याधि के नियंत्रण के संदर्भ में चर्चा किया तथा एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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