उत्तराखंड में भी मुखडी दिखाने पर सरकारी पिठाई की हुई शुरूआत
तीर्थ नगरी हरिद्वार और सरोवर नगरी नैनीताल में कट चुका रिबन
जी हां उत्तराखंड में भी सरकारी पिठाई की शुरुआत मुखड़ा दिखाने पर हो चुकी है। पिठाई लगाने की परम्परा राजधानी दिल्ली से शुरू होकर पांच छः राज्यों तक पहुंच गई है जिसमें उत्तराखंड भी शामिल हो गया है। यह सब मेहरबानी कोरोना के कारण हो रही है। लोगों की लापरवाही और हठधर्मिता के चलते सरकारों को यह कदम उठाना पड़ रहा है इसका सबसे बड़ा खामियाजा उन लोगों को उठाना पड़ रहा है जो अपना मुखड़ा दिखाने के शौकीन होते हैं। अब मुंह पर ढक्कन लगाकर जब शहर में निकलेंगे तो कौन मुखड़ा देखेगा ….. ? अगर अपनी जिद पर अड़े रहे तो सरकारी पिठाई लगाने के लिए तैयार रहें सरकार की तरफ से बहू और दामाद के लिए ₹500 की पिठाई लगाने की व्यवस्था की गई है। मज़ेदार बात तो है कि आप पिठाई लेने से मना भी नहीं कर सकते वर्ना बगैर सास ससुर साले साली की दावत का कमरा मिल सकता है ! तो हो जाएं तैयार जिन लोगों को मुखड़ा दिखाने का शौक है, ससुराल वालों पर रौब जमाने का शौक है तो अपनी जेब भी भर कर चलें, पिठाई आपको पक्की रशीद के साथ लगेगी और जेब आपकी खाली होगी। रोज की दिहाड़ी कमाने वाले ठेली,रेहडी और 10-20 रुपए का पेट्रोल भराने वाले अमीरों देखते हैं आप ससुराल पर भारी पडते हो या ससुराल वाले आपको मम्मी पापा की याद दिलाते हैं। जय हिंद, जय उत्तराखंड, जय कोराना ।
विधानसभा स्पीकर को वार्ड नंबर 3 के लोगों ने क्षेत्र की समस्या को लेकर दिया ज्ञापन
कोटद्वार। शुक्रवार को विधानसभा स्पीकर वार्ड नंबर 3 में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के तहत ‘किसान भागीदारी-प्राथमिकता हमारी’ कार्यक्रम में पहुची। कार्यक्रम में कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लालपानी में फसल बीमा पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने शिरकत कर किसानों को कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इस कार्यक्रम के दौरान वार्ड नं 3 के लोगों ने क्षेत्र की खोह नदी पर अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण करने, गांव के खेतों के बिचोबीच गुजर बिजली की लाईन शिफ्ट करने, क्षतिग्रस्त ह रही सिंचाई गूलों की मरम्मत करने, सनेह मल्ली में नये नलकू का निर्माण करने, स्ट्रीट लाईट, सडको की इंटर लाकिग जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया। इस मौके पर गोपाल जखमोला,हसवंत सिह, सतपाल सिंह, सहित कई लोग मौजूद रहे।
किसान भागीदारी-प्राथमिकता हमारी’ कार्यक्रम में स्पीकर खंडूड़ी ने की शिरकत
कोटद्वार 29 अप्रैल| कोटद्वार पहुंचीं उत्तराखंड विधानसभा स्पीकर और कोटद्वार का शुक्रवार का दिन बहुत व्यस्त रहा। कोटद्वार में सबसे पहले स्पीकर खंडूड़ी द्वारा कलालघाटी में क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया उसके पश्चात शिक्षा का विकास एवं शिक्षकों की भागीदारी विषय की गोष्ठी में भाग लिया। उसके बाद कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम 25 से 30 अप्रैल तक के ‘किसान भागीदारी-प्राथमिकता हमारी’ कार्यक्रम में शिरकत की। कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लालपानी में फसल बीमा पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने शिरकत कर किसानों को कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की|
लालपानी पंचायत घर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान न्याय पंचायत पदमपुर के 47 कृषको ने प्रतिभाग किया| जिसमें 10 कृषकों द्वारा कृषक क्रेडिट कार्ड एवं 18 कृषकों द्वारा फसल बीमा योजना के फार्म भरे गए| इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया की इससे किसानों को फसलों में होने वाली हानि से मुक्ति मिल जाती है, जानकारी के अभाव में बहुत से किसान अपनी फसलों का बीमा नहीं करवाते हैं। ऐसी स्थिति में बारिश, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदा होने पर उनको नुकसान उठाना पड़ता है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि और किसानो के विकास के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है यह सर्वोच्च प्राथमकिता भी है| उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ने किसानों के लिए कई प्रकार की योजनाएं शुरू की है. साथ ही अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि समय पर योजनाओं का कार्यान्वयन हो और किसानों को इसका लाभ मिल सके| किसानों को खेती-बारी करने के लिए आर्थिक तौर पर परेशानी नहीं हो इसके लिए राज्य के सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है|विधानसभा अध्यक्ष ने सभी किसानो से सरकार की योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया| उन्होंने कृषकों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।साथ ही कृषि में नई तकनीकी का प्रयोग एवं मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के अनुसार खाद का प्रयोग करना, मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाये रखने के लिए कृषकों को सुझाव दिए।
इस अवसर पर उद्यान विशेषज्ञ प्रभाकर सिंह, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अरविंद भट्ट, सहायक कृषि अधिकारी मुकेश त्यागी, सहायक कृषि अधिकारी ओमनाथ, राज गौरव सहित क्षेत्रीय ग्रामीण एवं अन्य अधिकारी एवं कृषक मौजूद रहे।

