उत्तराखंड मूल निवास ,भू कानून संरक्षण को लेकर उक्रांद का जनजागरण अभियान
कोटद्वार। उत्तराखंड में बाहरी राज्यों के प्रवासियों को ओनपोने में जमीन बेचने पर रोक लगाने के लिए सख्त भू संरक्षण कानून बनाकर लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं द्वारा कोटद्वार के सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोगों को साथ में जोड़ते हुए कोटद्वार के विभिन्न गांवों, वार्डों में जनजागरण अभियान शुरू किया है।
गुरुवार को कोटद्वार नगर निगम क्षेत्रांतर्गत कुम्भीचौड़ में उक्रांद के नेतृत्व में सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोगों ने जनता को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले 23 वर्षों से उत्तराखंड में बनी सरकारों ने उत्तराखंड की भोली-भाली पहाड़ी जनता को अंधेरे में रखते हुए पहाड़ की जनता के मूल हकों जल, जंगल और जमीन को बाहरी राज्यों के धन्ना सेठों को कौड़ियों के भाव लुटाने वाले कानून की आड़ में ठगने का काम किया है।
उत्तराखंड में आज यह नौबत आ गई कि पहाड़ की जवानी और पानी का फायदा बाहरी राज्यों को मिल रहा है। राज्य सरकारों द्वारा जल, जंगल, जमीन का अंधाधुंध दोहन करवा कर राज्य के मूल निवासियों के मूल निवास पर ही सेंध लगवा दी, हालात यह हो गए कि 10-12 साल से निवास कर रहे बाहरी राज्यों के मूल निवास बन गए और जो वास्तविक मूल निवासी हैं उन्हें स्थाई निवास के नाम पर बरगलाया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि अब अगर मूल उत्तराखंडी नहीं जागे तो आने वाले 10-15 सालों में उत्राखंडियों को अपनी पहचान,जल, जंगल और जमीनों से हाथ धोना पड़ जाएगा, इसलिए अब सभी उत्राखंडियों को एकजुट होकर अपने मूल अधिकारों, अपनी उत्तराखंडी पहचान और जल, जंगल जमीन के अधिकार पानें के लिए एकजुटता से सरकार पर दबाव बनाकर उत्राखंडियों के हितों हेतु कानून बनवाना होगा।
इस मौके पर परवेन्द्र रावत, महेंद्र सिंह रावत, शक्ति शैल कपर्वाण, अनुसुइया प्रसाद सेमवाल,पदम सिंह, प्रवेश नवानी, राजेन्द्र प्रसाद पंत
सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
