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उत्तराखंड बनने के बाद कोटद्वार के विकास की तस्वीर

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 उत्तराखंड बनने के बाद कोटद्वार के विकास की तस्वीर 

 भाजपा जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत अपनी टीम के साथ रात में बाढ़ पीड़ितों की मदद कर संकट मे दिलाया हौसला 

कोटद्वार को नगरनिगम तो घोषित कर दिया परन्तु पांच साल पूरे होने वाले है परन्तु आज तक ड्रैनैज सिस्टम, पानी निकासी, सडकों, गलियों के मानक तथा नदी नालों के तटों, सड़कों हो रहे अतिक्रमण कोई रोडमैप नहीं है‌

  रिपोर्ट- पुष्कर सिंह पवार


घरों व मुहल्लों में घुसे बाढ़ के पानी ने लोगों की जिंदगी की दूभर

      कौडिया में आर्मी को जोड़ने वाला क्षतिग्रस्त पुल और घरों में घुसा मलवा

 गैर सुनियोजित तकनीक और नकारा प्रशासन और लापरवाह जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की खामियों का जनता को भुगतना पड़ रहा। 

  कौडिया क्षेत्र में बाढ़ का तांडव

कोटद्वार। विगत दो दिन पूर्व पनियाली गदेरे में आए बरसाती नाले ने कौडिया सहित जानकीनगर, नजीबाबाद रोड से लगे मौहल्लों में जमकर तांडव मचाया। बरसाती नाले के तांडव ने बर सिंहआर्मी कैंप कौडिया व शहर को जोड़ने वाले पुल को नहीं बख्शा। 

  पनियाली गदेरे के बाढ का पानी कौडिया क्षेत्र में घुसने की खबर जैसे ही कोटद्वार भाजपा अध्यक्ष विरेन्द्र रावत को रात में मिली वैसे विरेन्द्र रावत अपने युवा सहयोगी शांतनु रावत सहित भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर बाढग्रस्त कौडिया क्षेत्र में पहुँच कर लोगों की सहायता में जुट गए। भाजपा अध्यक्ष की बाढ़ पीड़ितों को मौके पर मदद के लिए तत्परता कोटद्वार में काफी सराही जा रही है वहीं बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि दुख की घड़ी में जहाँ रात में लोग सो रहे थे वहीं भाजपा युवा कार्यकर्ताओं द्वारा मदद करना बहुत सराहनीय काम है। 

  बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने के बाद बहुत सारे जनप्रतिनिधि दूसरे दिन बाढ़ पीड़ितों के जख्मों में मरहम की वजाय फोटो शेसन ककर नमक छिडकते नजर आए। कोटद्वार की बरबादी का पिछले 22 वर्षों में जो हगल हुवा उसके जिम्मेदार कोटद्वार के चुने वे जनप्रतिनिधि जिन्होंने राज्य में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली, वे अधिकारी जिन्होंने कोटद्वार के गैर सुनियोजित मैप तैयार किया और वे तकनीकी अधिकारी जिन्होंने कार्यों की गुणवत्ता को दरकिनार किया। 

  कोटद्वार को नगरनिगम तो घोषित कर दिया परन्तु पांच साल पूरे होने वाले है परन्तु आज तक ड्रैनैज सिस्टम, पानी निकासी, सडकों, गलियों के मानक तथा नदी नालों के तटों, सड़कों हो रहे अतिक्रमण कोई रोडमैप नहीं है। 

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