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उत्तराखंड के वैभव पांडे ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

इस बार आम खाने से न हो जाएं दांत खट्टे,

  फलों का राजा का भाव पहुंच सकता है 150 से पार 

इस बार फलों के राजा आम के दाम इसे फलों के राजा के साथ महंगाई का राजा भी बनाने वाले हैं। इसके पहले आपने नींबू के दाम मौजूदा सीजन में आसमान छूते देखे हैं। अब आम की बारी है। आम इस बार 150 रुपए किलो से कम कीमत पर नहीं मिलने वाले। 

 महंगाई की मार अब फलों के राजा आम पर भी देखने को मिलेगी। क्योंकि इस सीजन में आम की डिमांड इतनी बढ़ने वाली है कि सबका फेवरेट फल अब आम लोगों की पहुंच से दूर होगा।

आम आदमी की पहुंच से दूर रहेगी आम की मिठास

-सफेदा आम हुआ 150 रुपए किलो
-पिछले साल से तीन गुना महंगी हुई आम की मिठास
-पके आम के साथ कच्चे आम के दाम भी हुए दोगुने से पांच गुने
-आम आदमी को आम के दर्शन  करने से ही संतोष करना पड़ सकता है। इस बार फलों के राजा आम के दाम इसे फलों के राजा के साथ महंगाई का राजा भी बनाने वाले हैं। इसके पहले आपने नींबू के दाम मौजूदा सीजन में आसमान छूते देखे हैं। अब आम की बारी है। आम इस बार 150 रुपए किलो से कम कीमत पर नहीं मिलने वाले। 
लेकिन इन दोनों की महंगाई के लिए मोदी सरकार कतई जिम्मेदार नहीं है। जानकारों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन के कारण ये फल इस बार महंगा तो बिकेगा ही, कम भी दिखेगा! ऐसा क्यों होगा, लोक संवाद टुडे के मौजूदा आम के फल को लेकर हुए सर्वे में  सीजन में आम की मिठास तीन गुनी तक महंगी हो गई है और इसके दामों में कमी के कोई आसार भी नहीं हैं।
 
इस कारण फलों का राजा आम इस बार आम आदमी की पहुंच से दूर ही रहने के आसार हैं। देश की बड़ी  फल मंडीयो के अनुसार इस बार आम की फसल 20 प्रतिशत ही रही है। पूरे देश में गर्मी समय से पहले बढ़ जाने के कारण आम की 70 से 80 प्रतिशत फसल तक खराब हो गई है। इस कारण आम के दाम थोक में 70 -90 रुपए प्रति किलो तक बने हुए हैं। जबकि पिछले मौसम में ये थोक में 30 से 45 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा था।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के सबसे बड़े फल और आम कारोबारीयों  ने बताया कि अभी फिलहाल सफेदा आ रहा है जो रास्ते में ही पक जाता है और उपलब्ध हो जाता है। लेकिन आगे तो लंगड़ा, केसर और दशहरी आम आने वाले हैं जो रिटेलर को कुछ दिन रखकर अपनी गोदाम में पकाने होंगे, इसलिए इनके दाम और भी अधिक हो सकते हैं।
 
फल बिक्रेताओं ने बताया कि फिलहाल  मंडी में आम हैदराबाद से आ रहा है। फसल कम है इसलिए आवक कम है और सफेदा के 25 मई तक ही चलने की संभावना है। इसके बाद सफेदा बाजार से खत्म हो जाएगा। इसलिए दाम गिरने के कतई आसार नहीं हैं।
 कोटद्वार के आम के थोक विक्रेता महफूज और एहसान के अनुसार रिटेलर को आम प्रति किलो 100 से 110 रुपए किलो का पड़ रहा है। थोक दाम पर 7 प्रतिशत आढ़त होती है और इसके बाद मजदूरी होती है। इसलिए रिटेलर के लिए इसके दाम 100 रुपए प्रति किलो से अधिक हो जाते हैंऔर केसर आम भी अगले दो-तीन सप्ताह में शुरू हो जाएगा। 
लेकिन इनके दाम भी सफेदा के ही तरह ऊंचे ही रहने वाले हैं और महाराष्ट्र से आने वाले हापुस के दाम तो शायद आम आदमी के लिए  दर्शन के लिए भी उपलब्ध नहीं होंगे। क्योंकि इसके दाम पहले ही 500 से 1000 रुपए किलो रहते आए हैं। अब उत्पादन कम होने से शायद ये पूरी तरह से इस बार एक्सपोर्ट तक ही सीमित रह जाएंगे।
 
     उत्तराखंड के वैभव पांडे ने बनाया विश्व रिकॉर्ड 



हल्द्वानी: शहर के वैभव पांडे के नाम एक कामयाबी लगी है। पेश से मोटिवेशनल स्पीकर और शिक्षाविद वैभव पांडे ने एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरित होकर उन्होंने मोदी सरकार की लगभग सारी योजनाओं के बारे में जनता को एक ही दिन में जागरुक करने का कारनामा कर दिखाया है। एक ही दिन में कई कार्यक्रमों का आयोजन कर वैभव ने भारत सरकार की लगभग सभी नीतियों से विभिन्न लोगों को अवगत कराया। इस दौरान वैभव ने लगभग 60 से भी ऊपर नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में विद्यार्थियों,किसानों,गरीब परिवारों,युवाओं,स्टार्टअप , व्यापार करने वाले लोगों आदि को बारीकी से जानकारी दी।
वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, लंदन की ओर से तिथि भल्ला (निर्णायक) मौजूद रहीं और इस कार्यक्रम की जज रहीं । इस आइडिया के बारे में वैभव ने बताया कि दुनिया में लोग कई तरीक़े के रिकॉर्ड्स बनाते हैं। मुझे लगा कि कुछ ऐसा किया जाए जो एक कीर्तिमान भी बने और लोगों के काम भी आए ।मैंने स्कूलों को जोड़ा,स्टार्ट-अप करने वाले लोगों को जोड़ा, ,किसानों,घरों में काम करने वाली महिलाऐं,शिक्षक और सभी पेशे और वर्गों के लोगों को जोड़कर यह प्रयास किया,जो की सफल रहा।” लोगों में जागरूकता फैलाने का यह अनुपम प्रयास है। इस से यह साबित होता है की युवा और ठान लें तो कुछ भी सम्भव है। वर्ल्ड बुक ओफ़ रिकॉर्ड्स लंदन से वैभव को सर्टिफ़िकेट प्राप्त हुआ। इस बात को जानकर लोगों को हर्ष की अनुभूति हुई है। इस उपलब्धि पर विरेंद्र शर्मा,MP,इंग्लैंड, दिवाकर सुकुल,चेयरमन,वर्ल्ड बुक ओफ़ रेकर्ड्ज़,लंदन, संतोष शुक्ला प्रेसिडेंट वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने वैभव पांडे को बधाई दी।

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