रिपोर्टर: Author
August 5, 2026
आयुष्मान कार्ड का कई बीमारियों में बीमारों ने उठाया लाभ
कोविड और ब्लैक फंगस पर आयुष्मान की नकेल, लाभार्थी बोले, थैंक्यू आयुष्मान
राज्य सरकार ने कोशिश और ब्लैक फंगस पर किए 26 करोड़ से ज्यादा खर्च
कोरोना महामारी में कोविड 19 के संक्रमण और उसके बाद हुए ब्लैक फंगस ने महामारी के खौफ को कई गुना अधिक बढ़ा दिया था। एक बीमारी से निजात मिली नहीं कि दूसरी कष्टदायी बीमारी ने जकड़ लिया। ये दोनों बीमारियां ऐसी हैं जिनमें मेडिकल साइंस ने सुधार के रास्ते तो दिखाए लेकिन वह काफी खर्चीले रहे। खर्चीले इतने कि सामान्य आय वर्ग वाले लोगों की पंहुच से एकदम दूर। लेकिन एक समय में जानलेवा हुई इन बीमारियों पर आयुष्मान ने नकेल डाली तो तब जाकर आम लोगों ने राहत की सांस ली। कोविड-19 के 2700 से अधिक मरीजों और ब्लैक फंगस के 52 से अधिक मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त में हुआ। जिस पर राज्य सरकार ने 26 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की।
कोरोना काल में कोविड के साथ ही ब्लैक फंगस के मामलों का भी खतरा आया। तेजी से संक्रमण फैलने की वजह से अब इसे भी महामारी घोषित कर दिया गया है। हजारों की तादाद में लोग कोविड के बाद ब्लैक फंगस की गिरफ्त में आए। जिनमें से कई लोगों की जान तक चली गई। उत्तराखंड में भी इस बीमारी के खतरनाक रूप से अछूता नहीं रहा। लेकिन आयुष्मान योजना ने मरीजों को वह राहत दी जिसे वह जीवन में कभी नहीं भुला पाएंगे। प्रदेश में 2700 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों और ब्लैक फंगस के 52 से अधिक मरीजों का इलाज आयुष्मान कार्ड के जरिए हुआ। जिस पर 26 करोड़ रूपए से अधिक खर्च हुए।
योजना के फीडबैक में मरीज स्वयं अपनी व्यथा में इस बात को बंया कर रहे हैं कि यदि आयुष्मान नहीं होता तो कोविड व ब्लैक फंगस जैसी घातक व खर्चीली बीमारी से पार पाना उनके लिए किसी भी सूरत में संभव नहीं था। लाभार्थी अब योजना के बेहतर संचालन के लिए राज्य सरकार के साथ ही संबंधित अस्पताल व राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण का भी आभार जता रहे हैें।
काशीपुर की रहने वाली उषारानी कहती हैं कि उसे कोविड हो गया था और उपचार में लगभग 1.67 लाख रूपए का खर्च आया जो कि आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त में हुआ। उन्होंने इसके लिए आयुष्मान योजना, केंद्र व राज्य सरकार का आभार जताया। इसके अलावा सिंचाई विभाग में कार्यरत सुभाष चंद्र रमोला, देहरादून निवासी द्वारिका प्रसाद सती, नरेंद्र सिंह, सुनील पांडे आदि लाभार्थियों ने भी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि कोविड का इलाज बहुत महंगा है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत कोविड के उपचार में उनका एक भी पैसा नहीं लगा। लाभार्थी कहते हैं कि आयुष्मान योजना लोक कल्याण की योजना है। वह कहते हैं कि जिन लोगों ने अभी तक अपने आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए उन्हें तुरंत बनाने चाहिए।
कोरोना काल में कोविड के साथ ही ब्लैक फंगस के मामलों का भी खतरा आया। तेजी से संक्रमण फैलने की वजह से अब इसे भी महामारी घोषित कर दिया गया है। हजारों की तादाद में लोग कोविड के बाद ब्लैक फंगस की गिरफ्त में आए। जिनमें से कई लोगों की जान तक चली गई। उत्तराखंड में भी इस बीमारी के खतरनाक रूप से अछूता नहीं रहा। लेकिन आयुष्मान योजना ने मरीजों को वह राहत दी जिसे वह जीवन में कभी नहीं भुला पाएंगे। प्रदेश में 2700 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों और ब्लैक फंगस के 52 से अधिक मरीजों का इलाज आयुष्मान कार्ड के जरिए हुआ। जिस पर 26 करोड़ रूपए से अधिक खर्च हुए।
योजना के फीडबैक में मरीज स्वयं अपनी व्यथा में इस बात को बंया कर रहे हैं कि यदि आयुष्मान नहीं होता तो कोविड व ब्लैक फंगस जैसी घातक व खर्चीली बीमारी से पार पाना उनके लिए किसी भी सूरत में संभव नहीं था। लाभार्थी अब योजना के बेहतर संचालन के लिए राज्य सरकार के साथ ही संबंधित अस्पताल व राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण का भी आभार जता रहे हैें।
काशीपुर की रहने वाली उषारानी कहती हैं कि उसे कोविड हो गया था और उपचार में लगभग 1.67 लाख रूपए का खर्च आया जो कि आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त में हुआ। उन्होंने इसके लिए आयुष्मान योजना, केंद्र व राज्य सरकार का आभार जताया। इसके अलावा सिंचाई विभाग में कार्यरत सुभाष चंद्र रमोला, देहरादून निवासी द्वारिका प्रसाद सती, नरेंद्र सिंह, सुनील पांडे आदि लाभार्थियों ने भी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि कोविड का इलाज बहुत महंगा है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत कोविड के उपचार में उनका एक भी पैसा नहीं लगा। लाभार्थी कहते हैं कि आयुष्मान योजना लोक कल्याण की योजना है। वह कहते हैं कि जिन लोगों ने अभी तक अपने आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए उन्हें तुरंत बनाने चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनपद पौड़ी में एक दिवसीय भ्रमण
क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों तथा विकास कार्यों की समीक्षा
क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों, अवरुद्ध मोटर मार्गों, क्षतिग्रस्त विद्युत और पेयजल लाइनों को जल्द से जल्द बहाल करने के आवश्यक दिशा निर्देश
प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज जनपद पौड़ी के एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत उन्होंने विकास भवन सभागार में सम्बंधित अधिकारियों के साथ आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों तथा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। मा0 मुख्यमंत्री ने आपदा से हुई क्षति की जानकारी लेते हुए पुर्नस्थापना कार्य को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 24 घंटे के भीतर बंद सड़कों को खोलने का प्रयास करें तथा कहा कि जहां स्थिति विकट है वहां वैकल्पिक मार्ग बनाना सुनिश्चित करें। कहा कि पूरी जानकारी दें। किसी भी तरह की समस्या को न छिपाया जाय, समस्या उत्पन होने पर शासन की ओर से पूर्ण सहयोग किया जाएगा। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के भीतर जनपद की समस्त सड़कों को गड्डा मुक्त बनाना सुनिश्चित करे, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करना सुनिश्चित करें। इस दौरान मा. मुख्यमंत्री ने डुंगरीपंत-छांतीखाल-खेड़ाखाल मोटर मार्ग को लेकर जिलाधिकारी को जांच करने तथा दोशी पाये जाने वाले के विरूद्व निलंबन करने की कार्यवाही के निर्देष दिये। उन्होने कहा कि बैठकों का अच्छा परिणाम लाने के लिए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का अनुपालन करना आवश्यक है। कहा कि सरकार ने जन समस्याओं को लेकर प्रदेश हित में सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के रूप में कार्य करने का निर्णय लिया है।
मा0 मुख्यमंत्री श्री धामी ने विकास भवन सभागार में सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर, क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों, अवरुद्ध मोटर मार्गों, क्षतिग्रस्त विद्युत और पेयजल लाइनों को जल्द से जल्द बहाल करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आपदा राहत कार्यों में संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कोरोना काल तथा आपदा में त्वरित कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बेहतर कार्य किया है। क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि रेलवे परियोजना से जनासू गांव के सडक क्षतिग्रस्त हो रहे है जिसे जनमानस की सुगमता को दृष्टिगत रखते हुए ठीक किया जाए जिस पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने जिलाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा निर्देशित करते हुए कहा कि रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का निस्तारण करें। इसके अलावा उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से खाद्यान्न की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि नवम्बर माह का राशन का उठान कार्य अतिशीघ्र करें तथा जनपद में संचालित हो रहा अन्न महोत्सवों में जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य रूप से करें। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य जनपद के अंतिम छोर वाले व्यक्ति तक राशन पहुंचाना है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से कोविड-19 की वैक्सीनेशन की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी वेक्सीनेशन अभियान को युद्ध स्तर पर चलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 18 अक्टूबर तथा 19 अक्टूबर 2021 को हुई अतिवृष्टि से लैंसडाउन व कोटद्वार क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति उतपन्न हुई है, उससे डेंगू जैसी बीमारियों फैलने की सम्भावनाएं हैं। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित उन स्थानों पर दवाई का छिड़काव तथा जन जागरूकता करना सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनपद के विकास कार्यो की समीक्षा की जिस पर उन्होंने विधायक निधि की खर्चा पर तेजी लाने हेतु मा0 विधायकों को अपने अपने प्रस्ताव शीघ्र दीपावली से पूर्व भेजने को कहा साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। परियोजना निदेशक को मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह महिला सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत जनपद में विधानसभा वार कार्यक्रम का आयोजन कर प्रोत्साहन राशि वितरित कराने के निर्देश दिये।
लोक निर्माण व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी के पुराने स्रोतों पर निर्भर न रहकर नए स्रोत तलाशे। साथ ही उन्होंने चौबट्टाखाल विधानसभा के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में पानी की समस्या को दूर करने तथा क्षेत्र की अवरुद्ध सड़को को शीघ्र खोलने को निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने विगत 18 व 19 अक्टूबर को जनपद में हुई भारी ओलावृष्टि से हुए नुकसान की विभागवार जानकारी दी तथा अनुमानित धनराशि क्षति का आंकलन प्रस्तुत किया। जिसमें पुनर्स्थापना/अनुदान देय हेतु अनुमानित धनराशि 3806.93 लाख की आवश्यकता होगी।
मा0 मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी को जनपद के क्षेत्रों में अधिकाधिक बहुउद्देश्यीय शिविर लगाने के निर्देश दिये। जिसमें समस्त अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित होकर, स्वरोजगार, दस्तावेज बनाने आदि सहित लोगों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे। कहा कि सरकार के फैसला किया है कि वर्ष 2000 बेच के पुलिस आरक्षियों को 4600 ग्रेड पे दिया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, पौड़ी विधायक मुकेश सिह कोली, जिला अध्यक्ष संपत सिंह रावत, नगर पालिका अध्यक्ष यषपाल बेनाम, एसएसपी पी. रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार आर्य, अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, डीएफओ मुकेश कुमार, डीडीओ वेद प्रकाश, पीडी संजीव कुमार रॉय, सीओ पुलिस प्रेमलाल टम्टा, मुख्य कृषि अधिकारी डीएस राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रवीण कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के एस कोहली, मुख्य मुख्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी केएस नेगी, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, लीड बैंक अधिकारी अनिल कटारिया, सेवायोजन मुकेश रयाल, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई राजीव रंजन, सहित अन्य जनप्रतिनिधि व ओ पी जुगराण, जगत किशोर बडथ्वाल उपस्थित थे।
कुम्भीचौड वार्ड नं 2 में रामलीला मंचन
श्रीराम का जन्म का भव्य मंचन, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध