आजीविका मिशन के तहत 42 लाख रूपये की धनराशि अवमुक्त करने की स्वीकृति
रिपोर्टर: AuthorAugust 5, 2026
मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार आर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्टार्ट-अप फण्ड मद में जनपद के 15 विकासखण्डों के 70 ग्राम संगठनों को प्रति संगठन 60 हजार की दर से 42 लाख रूपये की धनराशि अवमुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही 13 विकासखण्डों के 30 क्लस्टर स्तरीय संगठनों को 02 लाख प्रति क्लस्टर की दर से 60 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्टार्ट-अप फण्ड मद में विकासखण्ड द्वारीखाल के 05, दुगड्डा 05, कल्जीखाल 03, वीरोंखाल 04, खिर्सू 05, पाबौ 06, कोट 07, नैनीडांडा 05, जयहरीखाल 03, थलीसैंण 04, एकेश्वर 03, रिखणीखाल 07, पौड़ी 05, यमकेश्वर 04 तथा पोखड़ा के 04 ग्राम संगठनों सहित कुल 70 ग्राम संगठनों को प्रति ग्राम संगठन 60 हजार की दर से कुल 42 लाख अवमुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई है। जबकि क्लस्टर स्तरीय संघठनों में विकासखण्ड द्वारीखाल 02, दुगड्डा 04, वीरोंखाल 01, खिर्सू 01, पाबौ 02, कोट 02, जयहरीखाल 02, थलीसैंण 04, एकेश्वर 02, रिखणीखाल 03, पौड़ी 03, यमकेश्वर 03 तथा पोखड़ा 01 क्लस्टर लेवल फेडरेशन सहित कुल 30 क्लस्टर स्तरीय संगठनों को 02 लाख प्रति क्लस्टर की दर से कुल धनराशि 60 लाख अवमुक्त किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत धनराशि सम्बन्धित ग्राम संगठनों एवं क्लस्टर स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) के बचत बैंक खातो में हस्तान्तरित कर दी गयी ।
कोटद्वार नगरनिगम के सड़कों के टेंडर में सस्पेंस, मिली भगत की दिख रही गुंजाइश
कोटद्वार। विगत बुधवार को नगरनिगम द्वारा 40 वार्डों में सड़कों के टेंडर जारी किए गए जिनमें ठेकेदारों द्वारा कम्पटीशन में टेंडर जो डाले गए हैं उन टेंडरों की राशि पर कोटद्वार की आम जनता ने प्रश्न चिन्ह लगाना शुरू कर दिया है।
क्या है माजरा
सूत्रों से मिली जानकारी में टेंडर लागत राशि से 37 प्रतिशत डाउन तक में करने के संकेत मिले।
40 वार्डों में सड़कों के टेंडर जारी किए गए, जिनमें एक ठेकेदार को 20 से ज्यादा टेंडर जारी कर दिए गए।
नगर निगम के स्टीमेट बनाने वाले जे ई के की भूमिका संदेहास्पद , कैसे ठेकेदार 37 प्रतिशत डाउन में टेंडर डाल सकता है,जब 7 से 15 प्रतिशत तक जीएसटी भी देना है और सबसे बड़ी कड़वी बात विभाग में ठेकेदार 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन तक देते हैं बिल फाइनल करने के लिए।
कोटद्वार नगरनिगम में अब ठेकेदार क्या अपना घर बेचकर काम करेगा या फिर सड़क कागज़ों में बनाएगा,यह तो वार्ड की जनता और उनके जनप्रतिनिधी पार्षद पर बनती है।
अब देखना यह है कि वार्ड की जनता कमर कसकर काम कराती है फिर वार्ड पार्षद मिठाई खाकर सोएगा।