आंकडो की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दें सांख्यिकी अधिकारी
उप निदेशक अर्थ एवं संख्या गढ़वाल मण्डल पौड़ी टी०एस०अन्ना की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार पौड़ी में गढ़वाल मण्डल के जनपद स्तरीय प्रकाशनों पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में गढ़वाल मण्डल के समस्त जनपदों से अपर सांख्यकीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में उप निदेशक श्री अन्ना ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंकडो की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि इन आकंडों का उपयोग शासकीय विकास कार्यों में किया जाता है। अर्थ एवं संख्याधिकारी उप निदेशक कार्यालय गढ़वाल मण्डल पौड़ी नलिनी ध्यानी द्वारा आंकड़ो की गुणवत्ता में सुधार हेतु सुझाव दिये गये।
कार्यशाला मे अपर सांख्यिकीय अधिकारी पौड़ी सुन्दर सिंह तोमर, धीरज गुप्ता, अरविन्द सैनी, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, अरविन्द कुमार मिश्र, वीरेन्द्र सिंह नेगी, अपर सांख्यिकीय अधिकारी रूद्रप्रयाग संतोष कुमार, अपर संख्याधिकारी टिहरी संदीप कुमार, अपर संख्याधिकारी उत्तरकाशी मनोज कुमार, अपर संख्याधिकारी देहरादून डॉ. मोनिका श्रीवास्तव, बृजपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बिहार का फर्जी दरोगा नियुक्ति कांड
गजब, फर्जी दरोगा ने पुलिस में फर्जी दरोगाओं की नियुक्तियां भी कर डाली
फर्जी दारोगा बनकर काम करने वाला बेगूसराय का फर्जी दारोगा वर्दी पहनकर युवाओं को विश्वास दिलाता था कि वह दारोगा है और उसकी पहुंच ऊपर तक है। दारोगा की नौकरी दिलाने के नाम पर वह वैसे युवाओं से ठगी करता था जो दारोगा की बहाली को लेकर प्रयासरत रहता था। एक सप्ताह पहले ही आरटीआई कार्यकर्ता मनोज मिश्र द्वारा इंटरनेट मीडिया पर यह मामला वायरल करने के बाद एसपी अमितेश कुमार द्वारा इसे गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीपीओ सुमित कुमार से जांच करवाई गई और दारोगा को फर्जी पाकर उसपर केस दर्ज कराया गया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। फिलहाल उक्त फर्जी दारोगा विक्रम सहनी खगडिय़ा जेल में बंद है।
इधर, केस के जांचकर्ता सदर पुलिस इंस्पेक्टर पवन कुमार सिंह द्वारा इसकी गहन जांच की जा रही है। अब तक के जांच में सामने आया कि विक्रम पुलिस की वर्दी इसलिए पहने था ताकि उसपर लोग आसानी से भरोसा कर सके। वह दारोगा की नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करता था। अब तक दर्जनों युवाओं से लाखों रुपये की उसने ठगी कर चुका है। बेगूसराय के कसहा के सचिन कुमार ने अपना बयान दर्ज करवाया है कि दारोगा की परीक्षा में पास कराने के नाम पर विक्रम ने एक लाख 70 हजार रुपये लिया था। नौकरी हो जाने के बाद और रुपये देने की बात हुई थी। चकिया के गौरव कुमार को भी बयान देने हेतु खोजा जा रहा है। उससे भी विक्रम ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की है। पता चला है कि गौरव के पिता की मृत्यु हो गई।
इसलिए वह फिलहाल जांच पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हो सका। बेगूसराय के भगवानपुर थाना क्षेत्र के औगान गांव का कृष्णा कुमार ने बयान दर्ज करवाया है कि उससे विक्रम ने बैंक खाता के माध्यम से दो लाख 40 हजार और दो लाख 90 हजार नगद नौकरी दिलाने के नाम पर लिया था। उसने बताया कि वह वर्दी पहनकर तस्वीर खिंचवाता था। परीक्षा से पहले वह युवाओं से पास करवाने के नाम पर रुपये लेता था। जब नौकरी नहीं होती थी तो वह किश्त में रुपये वापस दिलाने का विश्वास दिलवाता था। बहरहाल, फर्जी दारोगा बहाली को लेकर गहन जांच चल रही है। कई बड़े पर्दाफाश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अब तक की जांच में सामने आया है कि फर्जी दारोगा बनकर वह नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था। कई युवाओं से वह ठगी कर चुका था। गहन जांच जारी है। – पवन कुमार सिंह, जांचकर्ता, सदर इंस्पेक्टर, खगडिय़ा।