अरबी गुलामी मानसिकता से ग्रसित अरबी शब्द “औरत” को बदला जाए – एक समाज श्रेष्ठ समाज
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू मार्गदर्शक पूजा लटवाल ने संयुक्त रूप से कहा की अरबी में औराह या औरत का मतलब महिला का गुप्तांग होता है फिर भी हमारे देश के विद्यालयों में बच्चों को बचपन से ही मातृशक्ति के प्रति अपमानजनक औ से औरत शब्द की पढ़ाई कराई जा रही है जिससे हम अपने देश के होनहार बच्चों को बचपन से ही अरबी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित कर रहे है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण निंदनीय है क्योंकि जब हमारे देश के होनहार बच्चों की शिक्षा ही अंधकार में चली जाएगी तो हमारे भारत देश का भविष्य उज्जवल कैसे होगा इसलिए हम भारत सरकार से यह माँग करते है कि अरबी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित औरत शब्द को सम्पूर्ण भारत में यथाशीघ्र प्रतिबंध कर विद्यालयों के पाठ्यक्रम से औ से औरत शब्द को हटाकर मातृशक्ति के सम्माननीय शब्द का प्रयोग किया जाए जिससे मातृशक्ति की गरिमा में कोई ठेस ना पहुँचे.
इस दौरान ज्ञापन देने में एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था संरक्षक हरीश चन्द्र पाण्डेय अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू सचिव नन्दकिशोर आर्या कोषाध्यक्ष बलराम हालदार समाजसेवी मनोज कुमार रवि गुप्ता मार्गदर्शक पूजा लटवाल प्रीती आर्या शौफाली जायसवाल चेतना लटवाल कंचन जोशी काजल खत्री जानकी रैगाई जानकी कश्यप नन्दकिशोर आर्या मुकेश साहू नवीन तिवारी संदीप यादव राजेश साहू सुशील राय मुकेश कुमार सूरज कुम्हार आदि लोग उपस्थित रहे.