गुटबाजी की भेंट चढ़ी कांग्रेस में हालात बेकाबू, एक गुट पूर्व मंत्री की भूमिका का लाडला तो दूसरा सौतेला
कोटद्वार| उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनावी संग्राम से पहले कांग्रेस प्रदेश से लेकर जिलास्तर तक की राजनीतिक गुटबाजी की भेंट चढ़ चुकी है। हालात इतने बेकाबू हैं कि कांग्रेसी नेता एक दूसरे पर जान से मार देने की धमकी देने के आरोप लगा रहे हैं। तो कोई गुट सौतेला व्यवहार की बात कर रहा। बीजेपी बूथ-बूथ पर जाकर प्रचार की तैयारी में हैं, दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश, जिले से लेकर बूथ स्तरीय नेता अपनी ढपली अपना राग अलापने में लगे हुए हैं। जिसका उदाहरण है कि पौड़ी जनपद महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद में फेरबदल करने पर गुटबाजी खुल कर सामने आ गयी।पौड़ी जनपद की महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद पर संगठन द्वारा फेरबदल किया गया।रंजना रावत को जिला अध्यक्ष पद से हटाकर महिला नेत्री कृष्णा बहुगुणा की महिला जिला अध्यक्ष पद पर ताजपोशी कर दी गई। तब से कांग्रेस के प्याले में तूफान आया हुआ है।रंजना रावत के समर्थकों ने सोशल मीडिया में खुलेआम इस परिवर्तन के खिलाफ बगावत कर मोर्चा खोल दिया गया। इस विवाद पर नवनियुक्त जिला अध्यक्ष कृष्णा बहुगुणा ने अपने विरोधियों पर हमला बोलते हुए उन्हें कहा कि उनके द्वारा उन्हें जान से मारने तक की धमकी दी जा रही है। वहीं पूर्व जिला अध्यक्ष रंजना रावत का इस विवाद पर अपने समर्थकों को यह कहना था कि परिवर्तन को स्वीकार करना चाहिए और कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर कर कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए।
आपको बता दें कांग्रेस की गुटबाजी इस समय चरम सीमा पर चल रही है। दोनों तरफ से बयानबाजी की जा रही है. एक-दूसरे पर तीर छोड़े जा रहे हैं।
चुनाव का समय थोड़ा ही रह गया है. ऐसे समय में कांग्रेस के अंदर एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाकर सत्ताधारी दल भाजपा को इस खेल में वॉक ओवर देने का काम कांग्रेस करती नजर आ रही है।अगर कांग्रेस आलाकमान ने इस गुटबाजी पर रोक नहीं लगाई तो कांग्रेस का पौड़ी जनपद के अंदर डूबना तय है। कुछ कट्टर कांग्रेसियों का कहना है कि अध्यक्ष पद पर फेरबदल में पूर्व मंत्री की भूमिका संदेहास्पद है। पूर्व मंत्री ने वर्षों से पुरुष कांग्रेस पर कुंडली जमाए अध्यक्ष पर कार्यवाही करने के बजाय कोटद्वार में कांग्रेस को मजबूत बनाने वाले कार्यकर्ता को बलि का बकरा बनाया है, जबकि पुरुष कांग्रेस अध्यक्ष की कांग्रेस की संदिग्ध भूमिका पर कार्यवाही नहीं करने पर सवाल उठाए।वही कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार में सोशल इंजीनियरिंग के अनुसार संगठन को मजबूती प्रदान करने पर बल दिया, अन्यथा 2022 को कांग्रेस को बाय बाय कहना होगा।
संयुक्त मोर्चे ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए दिखाई कर्मचारी एकता की ताकत
कोटद्वार। पौड़ी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में हज़ारों की संख्या में कर्मचारियों ने एकत्रित होकर पुरानी पेंशन बहाली पर सरकार को घेरते हुए गढ़देश पुरानी पेंशन बहाली सम्मेलन का आयोजन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत और राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र दुबे के गढ़वाल मण्डल मुख्यालय में आगमन पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए अधिकारी -कर्मचारी और शिक्षकों का हुजूम उनके स्वागत में उमड़ पड़ा । कार्यक्रम में प्रतिभाग करने तेलंगाना से पुरषोत्तम व बानू जी जम्मूकश्मीर से प्रदेश अध्यक्ष गुलज़्बेर डेंग, छत्तीसगढ़ से विष्णु के साथ साथ उत्तराखंड से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक पांडे भी सम्मिलित हुए। पुरानी पेंशन के नारों की गूंज पूरे दिन पौड़ी के आसमान में गूंजती रही ढोल दमाऊ के साथ कर्मचारी उसी तरह से पुरानी पेंशन बहाली के लिए निकल पड़े जिस तरह से उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में निकले थे। कर्मचारियों ने स्पष्ट सन्देश दिया कि अब सरकार के पास पुरानी पेंशन बहाली के अलावा कोई रास्ता नही है। यदि शीघ्र पुरानी पेंशन बहाली नही हुई तो भविष्य के अपेक्षित परिणामो में निश्चित ही कोई बड़ा परिवर्तन होगा।कार्यक्रम का संचालन करते हुए भवान सिंह नेगी ने कहा कि पुरानी पेन्शन बहाली के लिए इतनी एकजुटता आज तक देखने को नही मिली आज यह इतिहास हो चुका है और आप और हम इसके साक्षी हैं। जिला अध्यक्ष उत्तरकाशी गुरुदेव रावत ने कहा कि हम सभी एक मात्र मुहिम के लिए एक जुट हुए हैं सरकार को अब झुकना ही होगा। जिला कार्यकारिणी उत्तरकाशी सदस्य बलवंत असवाल ने कहा कि बहाने बनाने का समय गया अब इतिहास बनाने का समय है इसलिए पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। जिलाध्यक्ष टिहरी हिमांशु जगूड़ी ने कहा कि आज जिस कर्मचारी एकता का प्रदर्शन हुआ है इसे बंनाये रखें तभी पुरानी पेंशन बहाल होगी। जिला महासचिव जितेंद्र बिष्ट ने कहा कि बहुत अनुनय विनय हो चुका है अब क्रांति ही परिवर्तन लाएगीइसलिए सभी कर्मचारी एकजुट हो जाएं। जिला अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अंकित रौथाण ने कहा कि ये दिन आने वाले समय मे सभी क्रांतियों के लिए उदाहरण बनकर पेश होगा। सरकार चाहे कितना ही क्यो न दबा लें पुरानी पेंशन की आवाज़ को लगातार उठाया जाता रहेगा। जनपद महासचिव रुद्रप्रयाग अंकुश नौटियाल ने कहा कि विभिन्न जनपदों से आये हुए लोग आज पुरानी पेंशन बहाली के लिए संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित इस महायज्ञ को सफल कर रहे हैं ये संयुक्त मोर्चा की ताकत का प्रतीक है। जिला अध्यक्ष चमोली पूर्ण सिंह फस्र्वाण ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में पूरा राष्ट्र इस मंच पर सम्मिलित हो गया है शीघ्र ही लड़ाई गैरसैंण से देहरादून तक मयर करेगी। जनपद महासचिव सतीश कुमार सिंह ने कहा कि अब मज़बूरी को भूलकर पुरानी पेंशन के जरूरी होने की लड़ाई लड़ी जानी है हम इसमे जी जान लगा देंगे। जिला बागेश्वर से महासचिव देवेंद्र मेहता ने कहा कि अब ये परिवर्तन की दस्तक है और अब दरवाजे तोड़े जायँगे और रास्ते खोले जाएंगे। सरकार हमारी पुकार सुन ले अन्यथा की स्थिति में वह स्वयं समझदार है। श्रीनगर शाखा से राकेश रावत ने कहा कि संयुक्त मोर्चे के इस कार्यक्रम से संदेश दे रहे हैं की हमारी सोच की ताकत कितनी बड़ी है जरूरत पड़ने पर सरकार की ईंट से ईंट बजाना भी हम जानते हैं। यह केवल एकसूत्रीय मांग है। यदि नही पूरी होती तो हमे भी आस्तीन ऊपर करनी पड़ेंगी। प्रदेश व मण्डल के पदाधिकारियों में से प्रदेश महासचिव ने कहा कि ये आंदोलन अब इच्छाओं और महत्वकांक्षाओं से बड़ा हो चुका है अब बलिदान की बारी है और बिना बलिदान के कुछ हासिल नही होता। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार हमारी खामोशी को हमारी कमज़ोरी न समझे इसी बात के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पुरानी पेंशन के लिए हम प्रतिक्षण प्रतिबद्ध हैं। कहा कि ये मात्र इस आंदोलन की अंगड़ाई है जब पूरी तरह से आर पार की लड़ाई होगी तब सरकार सोचे कि क्या होगा इसलिए हमारे बुढापे का सहारा हमे लौटा दी पुरानी पेंशन को बहाल करके।प्रदेश महिला उपाध्यक्ष योगिता पन्त ने कहा कि अब महिलाओं को पुरानी पेंशन बहाली के लिए लक्ष्मी सरस्वती ही नही बल्कि दुर्गा का रूप भी धरना होगा। देश की आधी आबादी पर इस अन्याय का सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है। प्रांतीय प्रेस सचिव कमलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जब अक्सर सरकार बहरी हो जाती है तो उसके बाद सड़को पर ढोल और नगाड़े बजाने ही पड़ते हैं। नारे लगाने ही उड़ते हैं सँयुक्त मोर्चे ने पुरानी पेंशन के अलावा न किसी और चीज़ या मांग की बात की है न करेगा। केवल हमारे बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन दे। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष ड़ॉ डी सी पसबोल ने कहा कि हमारा संगठन पुरानी पेंशन के लिए समर्पित है और इस समर्पण के पीछे हज़ारों लोगों का योगदान है। पुरानी पेंशन को जनांदोलन में तब्दील करने का यही तरीका था कि इसकी व्यथा और दर्द को आमजन तक पहुंचाया जाए। ये संगठन के प्रति ईमानदारी और विश्वास है जो दूरस्थ जनपदों से लोग यहां पहुंचे हैं।मण्डलीय अध्यक्ष गढ़वाल जयदीप रावत ने कहा कि सन्युक्त मोर्चा और हमारी मंडलीय व जिला टीम ने व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाया है । मण्डलीय महासचिव नरेश भट्ट ने कहा कि ओ पी एस का मुद्दा वर्षो से राजनीति का शिकार होते रहा है। संयुक्त मोर्चे ने इस मुद्दे को बहुत पारदर्शिता व ईमानदारी से चर्चा और बहस का मुद्दा बना दिया है। समाज में लोगो को तो यह जानकारी ही नही है कि हम बिना पेंशन के चल रहे हैं। संयुक्त मोर्चे की वजह से लोग जान पाए है कि हमारे साथ घोर अन्याय हुआ है।मंडलीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमाउं राजीव कुमार ने कहा कि बस अब बहुत हो गया । बी पी रावत ने कहा कि उन्होंने आज 1994 के आंदोलन को फिर से देखा लेकिन आज ये आंदोलन पुरानी पेंशन के लिए था। हम सभी पुरानी पेंशन के लिए प्रतिबद्ध है आज देश मे हज़ारों की भीड़ के बीच संयुक्त मोर्चे के कार्यक्रम गतिमान हैं। सरकार आंदोलन को दबाने के प्रयास भी कर रही है। लेकिन अब ऐसा नही होगा। अब सरकार को चेतावनी दी जा रही है। कि चिंगारी लग चुकी है । समय पर कुछ नही किया तो ये आग पूरे देश मे प्रसारित हो जाएगी और फिर बचना नामुमकिन होगा।राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र दुबे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के दबाव से हम दबने वाले नही। हमें पुरानी पेंशन चाहिए किसी भी कीमत पर। जैसे देव भूमि की गंगा का पानी हर बंजर खेत को उपजाऊ बना रही है उसी प्रकार इस देव भूमि से पुरानी पेंशन की आवाज़ हर कर्मचारी के जीवन मे हरियाली लाएगी। जम्मू कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष गुलज़्बेर डेंग ने कहा कि आज बी पी सिंह रावत के नेतृत्व में तमिलनाडु से जम्मूकश्मीर और आसाम से गुजरात एक हो चुके है। अब बस एक मिसाल पेश करनी है कभी न झुकने और कभी न रुकने की कसम खानी है और आज इससे अच्छा मौका नही। बुढापे के सहारे को मांगने का नही अब छीनने का वक्त आ चुका है। जिलाध्यक्ष पौड़ी मेहरबान सिंह भंडारी ने कहा कि आज के कार्यक्रम से जो सन्देश पूरे राज्य में गया है उससे अवश्य सरकार चेतेगी, और पुरानी पेंशन बहाली पर विचार करेगी। एन पी एस को खत्म कर ओ पी एस की व्यवस्था को लागू करने की यह एक सूत्रीय मांग है इसमे कोई आनाकानी या समझौता नही चाहिए एक मांग पुरानी पेंशन को बहाल कर सरकार उदाहरण दे अन्यथा की स्थिति में हम भी मजबूर हैं।इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत, राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र दुबे, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी, प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल, संयुक्त मोर्चा टीम तेलंगाना से पुरषोत्तम व बानू, संयुक्त मोर्चा टीम छत्तीसगढ़ से विष्णु शर्मा, सँयुक्त मोर्चा टीम जम्मू कश्मीर से – गुलज़्बेर डेंग, जिला बागेश्वर से महासचिव देवेंद्र मेहता, जिला पिथौरागढ़ से वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ0 डी सी पसबोला, जसपाल रावत, रेवती नन्दन डंगवाल अध्यक्ष, मिनिस्ट्रियल फेडरेशन ,राजपाल बिष्ट, मंगल नेगी, प्रदीप जुयाल, दीपक कोठारी, प्रवीण कुमार, दीपक गोड़ियाल, प्रदीप सजवान, कुलदीप राणा,संग्राम नेगी,मनोज काला आदि मौजूद रहे
कोटद्वार। पौड़ी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में हज़ारों की संख्या में कर्मचारियों ने एकत्रित होकर पुरानी पेंशन बहाली पर सरकार को घेरते हुए गढ़देश पुरानी पेंशन बहाली सम्मेलन का आयोजन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत और राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र दुबे के गढ़वाल मण्डल मुख्यालय में आगमन पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए अधिकारी -कर्मचारी और शिक्षकों का हुजूम उनके स्वागत में उमड़ पड़ा । कार्यक्रम में प्रतिभाग करने तेलंगाना से पुरषोत्तम व बानू जी जम्मूकश्मीर से प्रदेश अध्यक्ष गुलज़्बेर डेंग, छत्तीसगढ़ से विष्णु के साथ साथ उत्तराखंड से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक पांडे भी सम्मिलित हुए। पुरानी पेंशन के नारों की गूंज पूरे दिन पौड़ी के आसमान में गूंजती रही ढोल दमाऊ के साथ कर्मचारी उसी तरह से पुरानी पेंशन बहाली के लिए निकल पड़े जिस तरह से उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में निकले थे। कर्मचारियों ने स्पष्ट सन्देश दिया कि अब सरकार के पास पुरानी पेंशन बहाली के अलावा कोई रास्ता नही है। यदि शीघ्र पुरानी पेंशन बहाली नही हुई तो भविष्य के अपेक्षित परिणामो में निश्चित ही कोई बड़ा परिवर्तन होगा।कार्यक्रम का संचालन करते हुए भवान सिंह नेगी ने कहा कि पुरानी पेन्शन बहाली के लिए इतनी एकजुटता आज तक देखने को नही मिली आज यह इतिहास हो चुका है और आप और हम इसके साक्षी हैं। जिला अध्यक्ष उत्तरकाशी गुरुदेव रावत ने कहा कि हम सभी एक मात्र मुहिम के लिए एक जुट हुए हैं सरकार को अब झुकना ही होगा। जिला कार्यकारिणी उत्तरकाशी सदस्य बलवंत असवाल ने कहा कि बहाने बनाने का समय गया अब इतिहास बनाने का समय है इसलिए पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। जिलाध्यक्ष टिहरी हिमांशु जगूड़ी ने कहा कि आज जिस कर्मचारी एकता का प्रदर्शन हुआ है इसे बंनाये रखें तभी पुरानी पेंशन बहाल होगी। जिला महासचिव जितेंद्र बिष्ट ने कहा कि बहुत अनुनय विनय हो चुका है अब क्रांति ही परिवर्तन लाएगीइसलिए सभी कर्मचारी एकजुट हो जाएं। जिला अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अंकित रौथाण ने कहा कि ये दिन आने वाले समय मे सभी क्रांतियों के लिए उदाहरण बनकर पेश होगा। सरकार चाहे कितना ही क्यो न दबा लें पुरानी पेंशन की आवाज़ को लगातार उठाया जाता रहेगा। जनपद महासचिव रुद्रप्रयाग अंकुश नौटियाल ने कहा कि विभिन्न जनपदों से आये हुए लोग आज पुरानी पेंशन बहाली के लिए संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित इस महायज्ञ को सफल कर रहे हैं ये संयुक्त मोर्चा की ताकत का प्रतीक है। जिला अध्यक्ष चमोली पूर्ण सिंह फस्र्वाण ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में पूरा राष्ट्र इस मंच पर सम्मिलित हो गया है शीघ्र ही लड़ाई गैरसैंण से देहरादून तक मयर करेगी। जनपद महासचिव सतीश कुमार सिंह ने कहा कि अब मज़बूरी को भूलकर पुरानी पेंशन के जरूरी होने की लड़ाई लड़ी जानी है हम इसमे जी जान लगा देंगे। जिला बागेश्वर से महासचिव देवेंद्र मेहता ने कहा कि अब ये परिवर्तन की दस्तक है और अब दरवाजे तोड़े जायँगे और रास्ते खोले जाएंगे। सरकार हमारी पुकार सुन ले अन्यथा की स्थिति में वह स्वयं समझदार है। श्रीनगर शाखा से राकेश रावत ने कहा कि संयुक्त मोर्चे के इस कार्यक्रम से संदेश दे रहे हैं की हमारी सोच की ताकत कितनी बड़ी है जरूरत पड़ने पर सरकार की ईंट से ईंट बजाना भी हम जानते हैं। यह केवल एकसूत्रीय मांग है। यदि नही पूरी होती तो हमे भी आस्तीन ऊपर करनी पड़ेंगी। प्रदेश व मण्डल के पदाधिकारियों में से प्रदेश महासचिव ने कहा कि ये आंदोलन अब इच्छाओं और महत्वकांक्षाओं से बड़ा हो चुका है अब बलिदान की बारी है और बिना बलिदान के कुछ हासिल नही होता। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार हमारी खामोशी को हमारी कमज़ोरी न समझे इसी बात के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पुरानी पेंशन के लिए हम प्रतिक्षण प्रतिबद्ध हैं। कहा कि ये मात्र इस आंदोलन की अंगड़ाई है जब पूरी तरह से आर पार की लड़ाई होगी तब सरकार सोचे कि क्या होगा इसलिए हमारे बुढापे का सहारा हमे लौटा दी पुरानी पेंशन को बहाल करके।प्रदेश महिला उपाध्यक्ष योगिता पन्त ने कहा कि अब महिलाओं को पुरानी पेंशन बहाली के लिए लक्ष्मी सरस्वती ही नही बल्कि दुर्गा का रूप भी धरना होगा। देश की आधी आबादी पर इस अन्याय का सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है। प्रांतीय प्रेस सचिव कमलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जब अक्सर सरकार बहरी हो जाती है तो उसके बाद सड़को पर ढोल और नगाड़े बजाने ही पड़ते हैं। नारे लगाने ही उड़ते हैं सँयुक्त मोर्चे ने पुरानी पेंशन के अलावा न किसी और चीज़ या मांग की बात की है न करेगा। केवल हमारे बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन दे। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष ड़ॉ डी सी पसबोल ने कहा कि हमारा संगठन पुरानी पेंशन के लिए समर्पित है और इस समर्पण के पीछे हज़ारों लोगों का योगदान है। पुरानी पेंशन को जनांदोलन में तब्दील करने का यही तरीका था कि इसकी व्यथा और दर्द को आमजन तक पहुंचाया जाए। ये संगठन के प्रति ईमानदारी और विश्वास है जो दूरस्थ जनपदों से लोग यहां पहुंचे हैं।मण्डलीय अध्यक्ष गढ़वाल जयदीप रावत ने कहा कि सन्युक्त मोर्चा और हमारी मंडलीय व जिला टीम ने व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाया है । मण्डलीय महासचिव नरेश भट्ट ने कहा कि ओ पी एस का मुद्दा वर्षो से राजनीति का शिकार होते रहा है। संयुक्त मोर्चे ने इस मुद्दे को बहुत पारदर्शिता व ईमानदारी से चर्चा और बहस का मुद्दा बना दिया है। समाज में लोगो को तो यह जानकारी ही नही है कि हम बिना पेंशन के चल रहे हैं। संयुक्त मोर्चे की वजह से लोग जान पाए है कि हमारे साथ घोर अन्याय हुआ है।मंडलीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमाउं राजीव कुमार ने कहा कि बस अब बहुत हो गया । बी पी रावत ने कहा कि उन्होंने आज 1994 के आंदोलन को फिर से देखा लेकिन आज ये आंदोलन पुरानी पेंशन के लिए था। हम सभी पुरानी पेंशन के लिए प्रतिबद्ध है आज देश मे हज़ारों की भीड़ के बीच संयुक्त मोर्चे के कार्यक्रम गतिमान हैं। सरकार आंदोलन को दबाने के प्रयास भी कर रही है। लेकिन अब ऐसा नही होगा। अब सरकार को चेतावनी दी जा रही है। कि चिंगारी लग चुकी है । समय पर कुछ नही किया तो ये आग पूरे देश मे प्रसारित हो जाएगी और फिर बचना नामुमकिन होगा।राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र दुबे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के दबाव से हम दबने वाले नही। हमें पुरानी पेंशन चाहिए किसी भी कीमत पर। जैसे देव भूमि की गंगा का पानी हर बंजर खेत को उपजाऊ बना रही है उसी प्रकार इस देव भूमि से पुरानी पेंशन की आवाज़ हर कर्मचारी के जीवन मे हरियाली लाएगी। जम्मू कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष गुलज़्बेर डेंग ने कहा कि आज बी पी सिंह रावत के नेतृत्व में तमिलनाडु से जम्मूकश्मीर और आसाम से गुजरात एक हो चुके है। अब बस एक मिसाल पेश करनी है कभी न झुकने और कभी न रुकने की कसम खानी है और आज इससे अच्छा मौका नही। बुढापे के सहारे को मांगने का नही अब छीनने का वक्त आ चुका है। जिलाध्यक्ष पौड़ी मेहरबान सिंह भंडारी ने कहा कि आज के कार्यक्रम से जो सन्देश पूरे राज्य में गया है उससे अवश्य सरकार चेतेगी, और पुरानी पेंशन बहाली पर विचार करेगी। एन पी एस को खत्म कर ओ पी एस की व्यवस्था को लागू करने की यह एक सूत्रीय मांग है इसमे कोई आनाकानी या समझौता नही चाहिए एक मांग पुरानी पेंशन को बहाल कर सरकार उदाहरण दे अन्यथा की स्थिति में हम भी मजबूर हैं।इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत, राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र दुबे, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी, प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल, संयुक्त मोर्चा टीम तेलंगाना से पुरषोत्तम व बानू, संयुक्त मोर्चा टीम छत्तीसगढ़ से विष्णु शर्मा, सँयुक्त मोर्चा टीम जम्मू कश्मीर से – गुलज़्बेर डेंग, जिला बागेश्वर से महासचिव देवेंद्र मेहता, जिला पिथौरागढ़ से वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ0 डी सी पसबोला, जसपाल रावत, रेवती नन्दन डंगवाल अध्यक्ष, मिनिस्ट्रियल फेडरेशन ,राजपाल बिष्ट, मंगल नेगी, प्रदीप जुयाल, दीपक कोठारी, प्रवीण कुमार, दीपक गोड़ियाल, प्रदीप सजवान, कुलदीप राणा,संग्राम नेगी,मनोज काला आदि मौजूद रहे।