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उत्तराखंड उद्यान घोटाले की जांच का दायरा घोटाले में लिप्त कर्मचारियों तक पहुंची

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

उत्तराखंड उद्यान घोटाले की जांच का दायरा घोटाले में लिप्त कर्मचारियों तक पहुंची

  चर्चित उद्यान घोटाला मामले में CBI ने तीन कर्मचारियों से पूछताछ की शुरू 

देहरादून/कोटद्वार -ः उत्तराखंड के  बहुचर्चित उद्यान घोटाला मामले की जांच का दायरा अब घोटाले में लिप्त संदिग्ध कर्मचारियों तक पहुंच गई है। गुरुवार को सीबीआई ने इस मामले में तीन कर्मचारियों से  पूछताछ शुरू कर दी है। सीबीआई ऑफिस वसंत विहार में कर्मचारियों से पूछताछ का दौर जारी है। पिछले साल अक्तूबर से सीबीआई इस बहुचर्चित वीआईपी घोटाले की जांच कर रही है। हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को मामले की जांच सौंपी गई थी। सूत्रों से मिल रही जानकारी से इस मामले में आज शाम तक घोटाले में लिप्त संदिग्ध कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

बताते चलें कि उद्यान विभाग में फलदार पौधों की ख़रीद में गंभीर  अनियमितताओं के साथ खरीद फरोख्त में गड़बड़ी का मामला उजागर हुवा था। जागरूक किसानों /उद्यानपतियों की शिकायत पर हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने सीबीसीआईडी से इस जांच से संबंधित दस्तावेज हासिल कर लिए थे। इसमें पीई ;प्राथमिक जांच दर्ज कर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी थी। गौरतलब है कि अल्मोड़ा निवासी दीपक करगेती, गोपाल उप्रेती व अन्य ने जनहित याचिका दाखिल कर उद्यान विभाग में घोटाले का आरोप लगाया था। याचिकाओं में कहा गया है कि उद्यान विभाग में करोड़ों का घोटाला किया गया है। फलदार पौध की खरीद में गड़बड़ियां की गई है।

याचिकाओं के शिकायतों केआधार पर हाईकोर्ट ने दिए थे जांच के आदेश।

विभाग ने एक ही दिन में वर्क ऑर्डर जारी कर उसी दिन जम्मू कश्मीर से पौधे लाना दिखाया है। जिसका भुगतान भी कर दिया गया है। यही नहीं जिस कंपनी से पौधे खरीदवाना दिखाया उसे लाइसेंस ही उसी दिन मिला था। जिस दिन खरीद हुई। इन याचिकाओं के आधार पर हाईकोर्ट ने इसकी जांच के आदेश दिए थे।

शासन के निर्देश पर सीबीसीआईडी को यह जांच सौंपी गई। लेकिन याचिकाकर्ता इस जांच से संतुष्ट नहीं हुए। ऐसे में उन्होंने फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अक्तूबर में हाईकोर्ट ने इस जांच को सीबीआई के हवाले करने के आदेश दिए थे। इस मामले में उद्यान विभाग के डायरेक्टर को सस्पेंड भी किया जा चुका है।

करोड़ों के फर्जी बिल भी बने

मुख्य उद्यान अधिकारी के साथ मिलकर निदेशक ने एक फर्जी आवंटन जम्मू कश्मीर की नर्सरी बरकत एग्रो फार्म को कर दिया। बरकत एग्रो को इनवाइस बिल आने से पहले ही भुगतान कर दिया गया। यही नहीं बिना लेखाकार के हस्ताक्षर के ही करोड़ों के बिल ठिकाने लगा दिए गए।

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