अंतरिक्ष में सिरीशा बांधवा का धमाल
भारतीय मूल की 34 साल की एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष यात्री बनी सिरीशा बाधवा।
सिरीशा बांधवा 70 मिनट तक अपने अंतरिक्ष सफर में रही।
अंतरिक्ष सफर करने अब तक के 134 लोगों में सिरीशा चौथी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री बनी।
सिरीशा बांधवा से पहले सबसे पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा बने जो 1984 में रुसी अंतरिक्ष यान स्पूतनिक से चंद्रमा पर गए। उसके बाद 1997 में कल्पना चावला ने अंतरिक्ष का सफर तय किया। दुर्भाग्यवश वापसी में उनका अंतरिक्ष यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कल्पना चावला को अपने सहयोगियों के साथ जान गंवानी पड़ी। 2006 में सुनिता विलियम्स ने भी अपने अमरिकी शटलयान से अंतरिक्ष का सफल भ्रमण किया। 2021 में सिरीशा बांधवा ने अंतरिक्ष में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। 34 बर्षिय सिरीशा बांधवा वर्जिन कैलेक्टिव स्पेश की पांच अन्य अंतरिक्ष यात्रियों में चौथे नंबर की विशेष एनेलिस्ट प्रभारी के रूप में अंतरिक्ष यात्री बनी। सिरीशा का मुख्य शोध अंतरिक्ष में यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं कैसी-कैसी हो, उसके लिए किन संसाधनों की जरूरत है का एनेलाईज करना है।
