अपने-अपने कार्यालयों में इस प्रणाली को अपनाने हेतु 02 मास्टर ट्रेनर्स करें नियुक्त
शासन के दिशा-निर्देशन पर आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन हेतु बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में जो जानकारी दी गयी है उसका अनुपालन करना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालयों में इस प्रणाली को अपने हेतु 02 मास्टर ट्रेनर्स चिन्हित कर ई-ऑफिस प्रणाली को लागू करना सुनिश्चित करें। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर प्रकाश चौहान ने जिला स्तरीय अधिकारियों तथा कार्मिकों को ई-ऑफिस प्रणाली का प्रशिक्षण दिया।
ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने प्रशिक्षण में कहा कि आधुनिक तकनीकि युग में कार्यलयों में प्रचलित परंपरागत फाइल सिस्टम के स्थान पर अब आधुनिक सूचना प्रौधोगिकी से युक्त गैर परंपरागत माध्यम को अपनाते हुए ई-ऑफिस प्रणाली के कियान्वयन की आवश्यकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजकीय विभागों में कार्य करने वाले अधिकारी, कर्मचारी इलेक्ट्रानिक संसाधनों तथा इंटरनेट का उपयोग करते हुए अपने घर बैठे अवकाश के दिन किसी सुदूर स्थान से अपनी फाइल उच्चाधिकारियों को डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से वेब पोर्टल पर ऑनलाइन प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में अधिकारी, कर्मचारी फाइल पर ऑनलाइन रूप से नोटिंग एवं ड्राफ्ट तैयार कर वर्चुअल माध्यम से संबंधित पटल को प्रषित कर सकते हैं। कहा िकइस तकनीकि से हार्ड कॉॅफी में प्रिंट किये जाने वाले पत्रों तथा कागज का उपयोग कम किया जा सकता है, जिससे पेड़ों के कटान में कटौती एवं निश्चित रूप से पेड़ों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है। इस अवसर पर जिला विका अधिकारी पुष्पेंद्र चौहान, एनआईसी अधिकारी अभिषेक मिश्रा, स्वान केंद्र अधिकारी राजेश कोली, एडीपीआरओ नितिन नौटियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
वनाग्नि रोकथाम को लेकर जागा जिला प्रशासन
वनाग्नि रोकथाम के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित
जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में वनाग्नि रोकथाम के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में डीएफओ मुकेश कुमार द्वारा प्रजेन्टेशन के माध्यम से वर्तमान समय में जनपद में हुई वनाग्नि तथा भविष्य में वनाग्नि के संवेदनशील क्षेत्रों, इसके पीछे मानवीयकरण तथा इसकी रोकथाम के लिए किये जा सकते प्रयासो की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनपद में वर्तमान समय में वनाग्नि के पीछे केवल मानवीय कारक जिम्मेदार हैं। कहा कि असामाजिक तत्व तथा जाने-अनजाने में लोग जंगल में आग लगा रहे हैं तथा उनको पर्यावरण के होेने वाले नुकशान, उन पर वैधानिक कार्यवाही, उनकी कांउसिलिंग, तत्काल प्रभावी नियंत्रण पाकर वनाग्नि को रोका जा सकता है।
जिलाधिकारी ने समस्त विभागों को अपने-अपने स्तर पर लोगों को वनाग्नि की रोकथाम हेतु जागरूक करने को कहा। कहा कि वनो में आग लगाने वाले व्यक्तियों की सूचना देने वाले व्यक्ति को 500 रूपये की धनराशि से पुरस्कृत किया जाएगा तथा उसका नाम गोपनीयता रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने पंचायतीराज, ग्राम सभा व बीडीसी की बैठकों में लोगों को जागरूक करने को कहा उन्होंने शिक्षा विभाग को स्कूली बच्चों के माध्यम से लोगों तक वनाग्नि रोकथाम का संदेश देने तथा अन्य विभागों को भी अपेक्षित सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को अपने विभागीय क्षेत्रों के अधिकारियों के मोबाइल नम्बरों को पंचायत विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि मोबाइल नम्बरों की सूचना सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश भी दिये। वहीं डीएफओ ने कहा कि इसके लिए जिस तरह से वन विभाग के साथ-साथ पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, बाल विकास, सूचना, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पीआरडी, होमगार्ड, स्थानीय नगर निकाय आदि विभागों का वन विभाग को सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने आगे भी इसको ओर सक्रियता से प्रदान करने की अपील की है।
जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना 2021-2022 के प्रगति तथा जिला योजना 2022-23 की विभागीय तैयारियों की समीक्षा तथा राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित, 20 सूत्री कार्यक्रमों व सतत् विकास लक्ष्यों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को विगत तीन वर्षो के दौरान किये गये विभागीय कार्य, उनकी प्रगति तथा उन कार्यो से संबंधित सभी देनदारी का विवरण एक सप्ताह में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने ऐसे विभाग जिसमें अन्य कार्यदायी व निर्माण एजेंसीयां जुड़ी हुई हैं उन से संबंधित किये जा रहे कार्यो का विवरण 30 अप्रैल, 2022 तक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये।
20 सूत्री कार्यक्रमों व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक आयोजित
डेरी विभाग को निर्देश जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में कैम्प के माध्यम से लोगों को दें योजना की जानकारी
जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना 2021-2022 के प्रगति तथा जिला योजना 2022-23 की विभागीय तैयारियों की समीक्षा तथा राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित, 20 सूत्री कार्यक्रमों व सतत् विकास लक्ष्यों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को विगत तीन वर्षो के दौरान किये गये विभागीय कार्य, उनकी प्रगति तथा उन कार्यो से संबंधित सभी देनदारी का विवरण एक सप्ताह में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने ऐसे विभाग जिसमें अन्य कार्यदायी व निर्माण एजेंसीयां जुड़ी हुई हैं उन से संबंधित किये जा रहे कार्यो का विवरण 30 अप्रैल, 2022 तक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये।
जिलाधिकारी ने आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों(विधायकों) के ऐसे प्रस्ताव व कार्य जो या तो शून्य नहीं हुए तथा अभी तक लंबित हैं उनका विवरण एक सप्ताह में अंदर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग अगले 03 वर्षो में उनके द्वारा किये जाने वाले विकास कार्यो के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिये। कहा कि कार्ययोजना में सभी विभाग अपने-अपने प्राथमिकताओं को स्पष्ट करें। जिलाधिकारी ने सतत् विकास लक्ष्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि सतत् विकास लक्ष्यों के संबंध में विभागों के जो भी भौतिक लक्ष्य होंगे, उन लक्ष्यों को पूरा करने में कितना खर्च आयेगा तथा कितने लाभार्थियों को इसके तहत लाभांवित किया जाना है उन सभी का भी विवरण देने को कहा। साथ ही उन्होेंने 20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अपनी कार्ययोजना में मानवीय कौशल विकास, ग्रामीण स्वच्छता तथा दिन दयाल उपाध्याय जीवन ज्योति योजना के तहत लोगों को लाभांवित करने वाले घटक को भी जोड़ने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने डेरी विभाग को निर्देशित किया कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में कैम्प के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी के साथ ही लाभांवित करें। साथ ही उन्होंने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगली बैठक में तैयारी के साथ आएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकरी प्रशांत कुमार, डीएफओ मुकेश कुमार, डीडीओ पुष्पेंद्र सिंह चौहान, पीडी संजीव कुमार रॉय, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश नित्वाल, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, जिला क्रिड़ा अधिकारी गिरीश कुमार, जल संस्थान अधिशासी अभियंता शिव कुमार, नगर पालिका ईओ प्रदीप बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे
जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा 30 अप्रैल को
जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 06 में बच्चों के प्रवेश के लिए दिनांक 30 अप्रैल, 2022 को प्रवेश परीक्षा आयोजित की जानी है। जिसमें जनपद पौड़ी गढ़वाल के विभिन्न विकासखंड़ो से लगभग 2934 बच्चों के सम्मिलित होने की आंशका है। जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जवाहर नवोदय विद्यालय सलेक्शन टेस्ट के लिए नियत तिथि पर निर्धारित परीक्षा केंद्रों में प्रवेश परीक्षा के संचालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं तथा पर्यवेक्षण हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस विभाग को सलेक्शन टेस्ट की तिथि के दिन परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यिार्थियों की स्क्रीनिंग हेतु मेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें।