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August 5, 2026
नवनिर्मित नगर निगम श्रीनगर का प्रशासक/जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने चार्ज ग्रहण किया
नवनिर्मित नगर निगम श्रीनगर का मंगलवार देर शांय प्रशासक/जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने विधिवत रूप से चार्ज ग्रहण किया । इस अवसर पर उच्च शिक्षा मन्त्री डॉ. धन सिंह रावत ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम की पहली समीक्षा बैठक लेते हुए स्थानीय निवासियों/जनप्रतिनिधियों विभिन्न समस्याएं सुनी। आयोजित बैठक में प्रशासक नगर निगम ने कहा कि विकास कार्य तेजी से किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि आचार संहिता से पूर्व टेंडरिंग प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर पहाड़ का पहला नगर निगम बनने पर क्षेत्र वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम श्रीनगर बनने से विकास कार्य तेजी से किये जायेंगे। कहा कि सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर इसका स्वागत करना चाहिए। कहा कि आयोजित बैठक में जो लोगों द्वारा समस्याएं रखी गई हैं उनका जल्द निस्तारण किया जाएगा। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम में आगामी 10 वर्षों तक टेक्स नहीं लिया जाएगा तथा नगर निगम का बजट जल्द जारी किया जाएगा। वहीं प्रशासक डॉ. जोगदण्डे ने कहा कि नगर निगम में साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल व्यवस्था दूरस्थ रखने, स्ट्रीट लाइट, आवारा पशुओ की समस्याओं से निजात, सीसी मार्ग, अतिक्रमण, नालियां, सीवर लाइन सहित अन्य समस्याओं पर मुख्य फोकस किया जाएगा। कहा कि आस-पास के गांव जो नगर निगम में समलित हुए हैं वहां नहरें, सड़के, नालियां, साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों पर फोकस किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम में रिक्त पदों को भरने हेतु शासन को जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
आयोजित बैठक में प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने प्रेस क्लब भवन की मांग की।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष गिरीश पैन्यूली, पूर्व नगर पालिक अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद टम्टा, उपजिलाधिकारी अजयबीर सिंह, ईओ नगर पालिका पौड़ी प्रदीप बिष्ट, सहित जितेंद्र सिंह, अनुग्रह मिश्र, विनीत पोस्ती, सुधीर जोशी तथा व्यापार मंडल के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कोटद्वार जन औंषधीय केंद्र में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में आज चन्द्रमोहन सिंह बेस चिकित्सालय कोटद्वार में चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने सम्बंधित स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि अगली बैठक में तैयारी के साथ आये तथा बैठक में अपूर्ण रह गए बिंदुओं को समलित करना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि जन औंषधीय केंद्र में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जो भी कार्य अभी तक अधूरे हैं उन्हें शीघ्रता से पूर्ण करे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में दवाई ,उपकरण तथा सभी प्रकार की जांच लोगों को मानक अनुसार निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि चिकित्सालय में दवा का स्टाक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें तथा कोशिस करे कि मरीजों को अस्पताल में ही निशुल्क दवा वितरित करें। आयोजित बैठक में प्रस्तावित बजट 04 करोड़ 90 लाख 50 हजार धनराशि का तैयार किया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने आयोजित बैठक में अस्पताल के विभिन्न बिंदुओं पर सम्बंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि चिकित्सालय में लोगों के समुचित उपचार के लिए जितने भी प्रस्ताव/डीपीआर शासन को प्रेषित की जाती उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करें, जिससे शासन से इस सम्बंध में वितीय तथा प्रशासनिक स्वीकृति शीघ्र प्राप्त हो सकेगी। साथ ही उन्होंने चिकित्सालय में विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की खरीद, दवाओं इत्यादि की खरीद पर आने वाले खर्च को सुव्यवस्थित रूप से पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सालय में चिकित्सा आवास में लिफ्ट की मरम्मत व सुधारीकरण के सम्बंध में निर्देश दिए कि इस मामले को विभागीय वित्तीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करें साथ ही सम्बंधित फार्म के साथ किये गए समझौता अनुबंध तथा निविदा नियमावली का पालन करना सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने कहा कि भवन के मरमत हेतु आरडब्लूडी से डीपीआर तैयार करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल में विद्युत व पेजयल की मरमत करने हेतु आउटसोर्स कर्मियों को ट्रेनिंग देकर कार्य करवाएं। उन्होंने कोषाधिकारी कोटद्वार को निर्देशित किया कि बजट के बेहतर सद्उपयोग कर चिकित्सा प्रबंधन का सहयोग करें। इस दौरान प्रमुख अधीक्षक द्वारा जिलाधिकारी से मेन पावर की मांग प्रस्तुत की गई तथा जिलाधिकारी द्वारा उस सम्बंध आवश्यकता अनुसार स्वीकृति की गई। उन्होंने अस्पताल में उपकरण व्यवस्था हेतु एएमसी एक्टिविटी करने के लिये 15 दिन में भीतर पूर्ण करने के निर्देश सम्बंधित संस्था को दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष कोविड काल मे अस्पताल कार्य मे वृद्वि आयी है। साथ कहा कि इस वित्तीय वर्ष में आयुष्मान योजना के लगभग 8 हजार लाभार्थियों ने लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग में तैनाती हेतु शासन को रिपोट भेजी गई है।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, प्रमुख अधीक्षक कोटद्वार डॉ. कु. आदित्य तिवारी, कोषाधिकारी कोटद्वार निकिता बिष्ट, तहसीलदार विकास अवस्थी, विधायक प्रतिनिधि विकास माहेश्वरी, हॉस्पिटल मैनेजर बलवीर सिंह रावत, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार भंडारी, प्रशासनिक अधिकारी लेखालिपिक गुलाब सिंह बर्तवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर फॉर्म-12डी भरवाना सुनिश्चित करें बीएलओ
बीएलओ घर-घर जाकर नए मतदाताओं का फॉर्म 06 भरवाकर उनके नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज करना सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के सफल सम्पादनार्थ जिला निर्वाचन अधिकारी पौड़ी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने आज विधानसभा कोटद्वार के अंतर्गत पोलिंग बूथों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बीएलओ से पंजीकृत मतदाताओं एवं नए वोटर की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया घर-घर जाकर नए मतदाताओं का फॉर्म 06 भरवाकर उनके नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज करना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर फॉर्म-12डी भरवाना सुनिश्चित करें। कहा कि सभी बूथों के बाहर बूथ संख्या व नाम लिखें, ताकि मतदाताओं को अपने-अपने बूथ की जानकारी मिल सके। कहा कि मतदान केंद्रों में आने व जाने के लिए अलग-अलग द्वार आवश्यक है। पंचायत भवन में बूथ होने पर जिलाधिकारी ने तहसील कोटद्वार तथा राजकीय इंटर कालेज सुखरौं शौचालय में साफ-सफाई न होने पर प्रधानाचार्य का स्पष्टीकरण तलब किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने कोटद्वार विधानसभा के अंतर्गत राजकीय जूनियर हाई स्कूल पदमपुर सुखरो, गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज सुखरौ, आदर्श महाविद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि मतदेय स्थलों में दिव्यांग मतदाताओं की सुविधानुसार आवश्यक उपकरण एवं रेम्प की व्यवस्था करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि समाज कल्याण विभाग से दिव्यांग मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने मतदेय स्थलों पर विद्युत, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई को दूरस्थ करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होनें सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि बूथों में पक्के रैम्प बनाना सुनिश्चित करें। बीएलओ को बूथों की जानकारी ना होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तहसीलदार को निर्देशित किया कि बीएलओ की पुनः ट्रेनिंग करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि निर्वाचन नामावली में उपलब्ध सभी कॉलम पूर्ण रूप तथा ठीक से भरें व मतदाताओं से अनिवार्य रूप से फॉर्म 12डी भरवाएं।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, तहसीलदार विकास अवस्थी, बीएलओ विमला रावत, अनिता देवी, संगीत सिरमान, इंदु डोबरियाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
बुल्लीबाई एप की आंच कोटद्वार तक फैली
एप मामले में संलिप्त एक आरोपी कोटद्वार से गिरफ्तार
कोटद्वार। डिजिटल इंडिया जहां एक ओर देश डिजिटल की दौड़ में आगे बढ़ रहा है, वहीं डिजिटल के पेशेवरों ने इसे साइबर क्राईम के रूप में हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। ऐसा ही साइबर क्राईम के सहारे डिजिटल एप को आधार बनाकर साईबर क्रिमिनल पेशेवरों ने लोगों को एप के जरिए फंसाने का काम शुरू किया जिसे मुम्बई पुलिस ने खंगाला तो उसके तार उत्तराखंड तक पहुंचे मिले। वर्तमान में ऐसा ही चर्चाओं में शुमार बुलीबाई एप मामले में मुंबई पुलिस ने मंगलवार देर रात को कोटद्वार के निंबूचौड़ में रहने वाले 21 साल के युवक मयंक रावत को अरेस्ट करने से कोटद्वार में शासन प्रशासन से लेकर आमजनता में हड़कंप मच गया। महाराष्ट्र साईबर टीम की गिरफ्त में आया कोटद्वार निवासी मयंक रावत दिल्ली के कॉलेज में पढ़ता है और कोरोना के चलते आजकल अपने घर आया हुआ था। इस मामले में यह उत्तराखंड से दूसरी गिरफ्तारी है, इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने रूद्रपुर से एक युवती को भी गिरफ्तार किया है। मुंबई से कोटद्वार आई साईबर टीम के इंचार्ज एसआई अमर कांबले और अमृतकर ने बताया कि बुलीबाई एप मामले में मंयक की महत्वपूर्ण भूमिका है। मयंक लगातार इसमें एक्टिव होकर अकाउंट हैंडलिंग कर रहा था। हालांकि पूछताछ में मयंक ने बताया कि वह बुली बाई एप संचालित करने वाले व्यक्तियों से वर्चुअली जुड़ा हुआ था और आज तक उसकी इन लोगों से मुलाकात नहीं हुई है। उधर, कोटद्वार कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक जगमोहन रमोला ने बताया कि मंयक का मेडिकल कराने के बाद महाराष्ट्र पुलिस द्वारा उसे कोर्ट में पेश किया गया।