कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चे एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन की सुरक्षा को लेकर बाल संरक्षण की बैठक
विद्यालयों के 100 मीटर के दायरे पर तंबाकू सहित अन्य नशीले पदार्थ की दुकानों को विद्यालय से दूर करने निर्देश
मेडिकल दुकानों के आगे सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप लगना आवश्यक
बच्चों की सुरक्षा को लेकर पौड़ी जिला प्रशासन हुआ सख्त
जिलाधिकारी पौड़ी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चे एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन की पूर्ण सुरक्षा तथा बाल संरक्षण की बैठक आयोजित की गई। मौके पर विभिन्न विभागीय अधिकारी व निजी संस्थानों के पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें सुविधाएं देने हेतु विभिन्न स्थानों में बैठक कर लोगों को जानकारी देना सुनिश्चित करें। जिससे उन्हें समय पर संबंधित योजना का लाभ मिल सकेगा। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद में ऐसे बच्चे जिनके माता पिता की कोविड-19 महामारी या अन्य कारण से मृत्यु हो चुकी है, उनका डाटा भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान वात्सल्य योजना, पीएम केयर, बाल स्वराज पोर्टल तथा बाल संरक्षण की विस्तृत जानकारी दी गयी।
जिलाधिकारी जोगदंडे ने पीएम केयर की जानकारी देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी में जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, उन बच्चों के लिए इस योजना का उद्देश्य निरंतर तरीके से व्यापक देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही उन बच्चों को स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से उनके कल्याण में मदद करना, उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना तथा 23 वर्ष की आयु होने पर वित्तीय सहायता के साथ उन्हें एक आत्मनिर्भर अस्तित्व के लिए तैयार करना है। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर पोर्टल पर अपलोड हुए निराश्रित बच्चों की रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि निराश्रित बच्चों की संख्या सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिससे जनपद में निराश्रित बच्चों को मिल रही शिक्षा की जानकारी भी मिल सकेगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने समस्त निजी संस्थानों के पदाधिकारियों को कहा कि अनाथ बच्चों की सुरक्षा हेतु आज की बैठक में जो प्रस्ताव रखे गए हैं उनकी रिपोर्ट लिखित रूप से प्रस्तुत करें।
इस अवसर पर उन्होंने बाल संरक्षण की आयोजित बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों के 100 मीटर के दायरे पर तंबाकू सहित अन्य नशीले पदार्थ की दुकानें हैं, ऐसी दुकानों को विद्यालय से दूर करना सुनिश्चित करें। जिससे बच्चे नशीले पदार्थों का सेवन करने से बच सकें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिन-जिन क्षेत्रों में नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं उनकी रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा की समस्त मेडिकल दुकानों के आगे सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप लगना आवश्यक है। जिससे नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लग सकेगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार, ईओ नगर पालिका दुगड्डा गोवर्धन जोशी, जेजेवी से इन्दु वशिष्ठ, गंगोत्री नेगी, स्वास्थ्य विभाग से श्वेता गुसांई, विमल ध्यानी सहित अन्य उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी डॉ0 जोगदण्डे ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में मातृ मृत्यु दर की समीक्षा बैठक कहा कि गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन कम होने पर उन्हें उसकी जानकारी तथा दवाई दे। ऐसे मामलों में लापरवाही न वरते। उन्होंने एमओआईसी को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं को सूचना दे तथा नियमित रूप से उनकी जांच करे। जिससे जच्चा-बच्चा स्वस्थ रह सकेंगे। कहा कि एएनएम, आंगनवाड़ी, आशा के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की जानकारी दे। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि पाबौ, वीरोंखाल व सतपुली जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में निशुल्क वाहन भेजकर महिलाओं का अल्ट्रासाउण्ड करवायें। बैठक में अवगत कराया गया कि इस वर्ष अब तक 12 गर्भवती महिलाओं की मृत्यु हुई है जिसमें अधिकतर हाई रिस्क एनीमिया (रक्त की कमी) व 02 गर्भवती महिलाओं की मृत्यु कोरोना महामारी के कारण हुयी है।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ0 प्रवीण कुमार, एसीएमओ डॉ0 रमेश कुंवर, संजीव सहित अन्य उपस्थित रहे।