स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शिविर आयोजित
कोटद्वार।स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा जनपद के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे के दिशा-निर्देशन में सोमवार को विकासखण्ड कल्जीखाल में स्वरोजगार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता खण्ड विकास अधिकारी सत्यप्रकाश भारद्वाज द्वारा की गई। शिविर में पर्यटन, उद्योग, कृषि, पशुुपालन, उद्यान, पंचायत, ग्राम्य विकास, समाज कल्याण विभाग तथा एस.बी.आई, कल्जीखाल आदि ने अपने-अपने विभागों से संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
शिविर में समाज कल्याण विभाग में तीन वृद्ध पेंशन के आवेदन, एक दिव्यांग पेंशन हेतु आवेदन तथा तीन आवेदन स्वरोजगार हेतु प्राप्त हुए। ग्राम्य विकास विभाग में 10 बी.पी.एल. 02 एसईसीसी, 05 प्रधानमंत्री आवास हेतु पंजीकरण करवाया गया तथा पंचायत से 10 जन्म-मृत्यु परिवार रजिस्टर हेतु आवेदन किया गया। पर्यटन विभाग में 03, उद्योग विभाग में 09, पशुपालन विभाग में 01 पंजीकरण हुआ। भारतीय स्टेट बैंक कल्जीखाल व जिला सहकारी बैंक काँसखेत द्वारा केसीसी, सीसीएल, टीसी एवं एमएसवाई, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना व अटल पेंशन योजनाओं में भी पंजीकरण किया गया। सहकारिता में भी 01 पंजीकरण ऋण हेतु प्राप्त हुआ। एन.आर.एल.एम. में भारतीय स्टेट बैंक कल्जीखाल ने 05 स्वयं सहायता समूह को सी.सी.एल. की स्वीकृति प्रदान की तथा जिला सहकारी बैंक काँसखेत से 03 तथा उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक से 03 को स्वीकृति प्रदान की गई।सहायक खण्ड विकास अधिकारी हरेन्द्र सिंह कोहली द्वारा उपस्थित रेखीय विभाग के अधिकारी/कर्मचारी तथा जन प्रतिनिधि, स्वरोजगारों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन वित्त समन्वयक (उपासक) श्री धनंजय प्रसाद द्वारा किया गया। शिविर में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी/कर्मचारी सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
स्वतंत्रता के 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ के तहत छात्राओं को कराया शैक्षिक भ्रमण
कोटद्वार।जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ विजय कुमार जोगदण्डे के दिशा-निर्देशानुसार भारत की स्वतंत्रता के 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ के तहत आज जनपद मुख्यालय में संस्कृति विभाग के तत्वाधान में एजेन्सी स्थित शहीद स्मारक में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी की बालिकाओं को भ्रमण कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए 15 बालिकाओं ने प्रतिभाग किया।संस्कृति विभाग के प्रेमचंद ध्यानी ने शहीद स्मारक में उपस्थित बालिकाओं को स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी देते हुए कहा कि ब्रिटिश हुकूमत से आजादी हांसिल करने के लिए सन् 1857 से लेकर सन 1947 तक कई जन आंदोलन चले, जिन्होंने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सन् 1857 का विद्रोह मेरठ से सैन्य कर्मियों के विरोध से शुरू हुआ था और यह तेजी से कई राज्यों में फैल गया। कहा कि पहली बार ब्रिटिश शासन को सेना की ओर से गंभीर चुनौती मिली। कहा कि यह निश्चित रूप से एक लोकप्रिय क्रांति थी, जिसमे भारतीय शासक, जनसमूह किसान तथा नागरिक सेना शामिल थी। कहा कि लोगों ने इसमें उत्साह से भाग लिया। इस विद्रोह को इतिहासकारों ने भारतीय स्वतंत्रता का पहला संग्राम कहा। साथ ही उन्होंने बालिकाओं को अन्य जानकारी भी दी।इस अवसर पर नवीन भट्ट, राजेन्द्र खंकरियाल, विनीत गिरी सहित अन्य उपस्थित रहे।
पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की आपदा प्रबन्धन में भूमिका संबंधी 5 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
कोटद्वार।जनपद में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की आपदा प्रबन्धन में भूमिका संबंधी 05 दिवसीय कार्यशाला का आज विकास भवन सभागार पौड़ी में जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में शुभारम्भ हुआ। कार्याशाला आपदा प्रबन्धन प्रकोष्ठ उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल के तत्वाधान में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में डॉ. ओम प्रकाश विशेषज्ञ आपदा प्रबन्धन प्रकोष्ठ उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल द्वारा समस्त ग्राम प्रधानों को आपदा प्रबन्धन की जानकारी दी जा रही है।जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए सभी ग्राम प्रधानों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आपदा प्रबन्धन की दृष्टि से ग्राम पंचायत एक महत्वपूर्ण केन्द्र बिन्दु होता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर समितियां गठित होती हैं, जिनके मुखिया/अध्यक्ष ग्राम प्रधान होते है और अध्यक्ष होने के नाते उनकी काफी जिम्मेदारियां होती है। कार्यशाला में आपदा के समय आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर सुझाव आदि भी उपलब्ध कराएं ताकि आपके सुझाव शासन के सम्मुख रखे जा सकें और इससे आपदा प्रबन्धन को बल मिल सके। कहा कि आपदा से पूर्व संबंधित उपकरणों, राहत सामाग्री आदि का वार्षिक सत्यापन किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक पंजिका बना लें, जिसमेें आपदा प्रबन्धन के सभी उपलब्ध उपकरण, राहत सामाग्री, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, वॉलटियर के नाम, स्थायी/अस्थायी हेलीपैड, आपदा के समय अस्थायी राहत शिविर आदि की सूची बनाकर रख सकते हैं, ताकि आपदा के समय आपदा प्रबन्धन में समस्या न हो और आपदा को न्यून किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक केन्द्र बिन्दु के रूप में कार्य करने हेतु ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर होना चाहिए। इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर क्लोरिन की दवा, ब्लीचिंग पाउडर, बरनोल, पट्टी, कोटन, बीटाडीन आदि आवश्यक सामाग्री प्राथमिक उपचार हेतु रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण करते समय कुछ मानकों का प्रयोग कर आपदा को कम किया जा सकता है।जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि स्थायी एवं अस्थायी हेलीपैड की सूची भी संबंधित ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करा दें, ताकि वे अपनी पंजिका में इनका भी अंकन कर लें। जिलाधिकारी ने कहा कि धन की कमी होती है तो प्रस्ताव बनाकर भेज सकते हैं। कहा कि आपदा के समय प्रभावितों का विवरण प्राथमिकता के आधार पर करें। कहा कि ग्राम पंचायतों के कार्यों दायरा धीरे-धीरे बढ़ सकता है। आपदा में विस्थापित निर्माण कार्य हेतु ग्राम पंचायतों को विशेष इकाई के रूप में आगे आना होगा, इससे कार्य प्रगति को लेकर आने वाली समस्या दूर हो जायेगी और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें नहीं आयेंगी।
मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार आर्य ने कहा कि प्रधानगण पंचायत राज की बेसिक कड़ी होते हैं। उन्होेंने कहा कि कोरोना काल में ग्राम पंचायतों द्वारा किया गया कार्य सराहनीय है। कहा कि कार्यशाला में वाद-संवाद जारी रखते हुए कमियों को बतायें जिससे कार्यशाला को सफल बनाया जा सके। ब्लॉक प्रमुख पौड़ी दीपक खुकशाल ने कहा कि जनपद पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां पर आपदा का स्वरूप भी बड़ा हो जाता है, जिसके कारण दिक्कतों का सामना ज्यादा करना पड़ता है। कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का जो दोहन किया गया है, उसकी भरपाई करनी है। कहा कि कोरोना काल में सभी ग्राम प्रधानों द्वारा बहुत अच्छा काम किया गया, जो कि सराहनीय है और आगे भी इसी प्रकार से सहयोग की अपेक्षा सभी से रहेगी।जिला पंचायत राज अधिकारी एम.एम. खान ने ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों, ग्राम पंचायतों की दी जाने वाली धनराशि आदि की जानकारी दी गई। उन्होंने ग्राम पचायत केवर्स का उदाहरण देते हुये कहा कि केवर्स के द्वारा अपने ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति, पशु आदि का डाटा सुरक्षित रखा गया है, इसी तरह से सभी लोग रख सकते है। कहा कि 15वें वित्त आयोग का टाइड फण्ड जल्द ही उपलब्ध करा दिया जायेगा। इस अवसर पर विकासखण्ड पौड़ी, खिर्सू, कल्जीखाल पाबौ तथा कोट के प्रधानगण जयवीर रावत, गीता देवी, उर्मिला देवी, प्रमोद रावत, मनीषा बहुगुणा सहित अन्य प्रधानगण मौजूद रहे।


