कोटद्वार में भारी बारिश के चलते भारी नुकसान, प्रभावित लोग छोड़ भागे सुरक्षित स्थानों में
भारी बरसात से कोटद्वार के वार्ड नं. 1, 2 और 3 में तबाही
खोह नदी और जामुन सोत ने उड़ाई लोगों की नींद

कोटद्वार। कोटद्वार में देर रात से हुई भारी बारिश ने जगह-जगह तबाही मचा कर रख दी। जहां खोह नदी ने वार्ड नंबर 1,2 और 3 के वार्ड रतनपुर कुंभीचौड, लाल पानी और स्नेह मल्ली व तल्ली में अपना तांडव दिखाया तो वही बरसाती नालों ने ग्रास्टनगंज, रतनपुर सहित रामपुर में भी भारी तबाही मचाई है। सुबह जब कुछ बारिश में कमी आई तो लोगों ने जब नदी और बरसाती नालों का तांडव देखा तो कई लोग अपने घरों को खाली छोड़ सुरक्षित स्थानों पर जा पहुंचे । रतनपुर कुम्भीचौड मे बहने वाले बरसाती नाले जामुन शोत से लगे रतनपुर गांव के कुछ घरों के तटबंध तोड डाले, बिजली पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त कर डा। नाले में जा गिरे हैं तो वहीं क नदी ने पूरी तरह से खेती की जमीन को नष्ट कर दिया है।
नुकसान की खबर लोगों द्वारा उप जिलाधिकारी और तहसीलदार को दी गई । उप जिलाधिकारी कोटद्वार प्रमोद कुमार द्वारा तुरंत मौके का मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया गया और अति आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए तुरंत निर्देश दिए गए। ग्रामीणों के अनुसार देर रात हुई भारी बारिश ने उनके मकानों और खेतों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
कोटद्वार में झंडा चौक के समीप सितारा टेलर और दीपक इलोक्ट्रनिक में देर रात लगी आग
दोनों गारमेंट्स और इलैक्ट्रोनिक शोरूमों में करोड़ों के नुकसान की संभावना

कोटद्वार देर रात झंडा चौक के समीप कोटद्वार के दो प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक और गारमेंट के शोरूम में आग लगने से करोड़ों के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार कोटद्वार झंडा चौक के समीप सितारा ट्रेलर एवं गारमेंट्स तथा दीपक इलेक्ट्रॉनिक के दो बड़े शोरूम स्थापित हैं जिनमें एक में कपड़े सिलने और सिलाई कपड़ों का काम होता है, तो दूसरी में इलेक्ट्रॉनिक सामानों का विक्रय किया जाता है। दोनों शोरूम के गोदाम भी दुकानों शोरूम के निकट स्थापित थे, बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक दुकान के गोदाम में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से आग लगी होगी। रात लगभग 1:30 बजे के करीब दुकान में आग लगने की घटना जब लोगों द्वारा फायर ब्रिगेड को दी गई तो फायर ब्रिगड की तैयारियों की भारी लापरवाही देखने को मिली। फायर ब्रिगेड की गाड़ी तीन-तीन गाड़ियों को आग बुझाने मैं काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों के अनुसार पहली गाड़ी में न तो प्रेशर था और ना ही पानी। जब दूसरी गाड़ी बुलाई गई दूसरी गाड़ी का भी वही हाल देखने को मिला। अंत में जब तीसरी गाड़ी आई तब जाकर फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग पर काबू पाया। दोनों शोरूमों में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि दोनों शोरूमों में 50-50 लाख से अधिक अधिक का सामान रहा होगा, जिससे साफ पता चलता है कि दोनों दुकानों में लगभग करोड़ों का नुकसान हुआ है।
कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पौड़ी सतर्क
कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने कसी कमर
सुरक्षा और सुगम यातायात के साथ-साथ पेयजल, साफ-सफाई, उत्तम जल निकासी, पार्किंग, स्वास्थ्य, विद्युत आपूर्ति, भीड़ प्रबन्धन पर प्रशासन अलर्ट
चिकित्सा विभाग द्वारा नीलकंठ मन्दिर के समीप काली-कमली धर्मशाला में पुण्डरासू में, गंदला पानी में, मौनी बाबा आश्रम में, बागखाल के पास, गरूड़चटृी के पास और लक्ष्मणझूला के पास सात स्थानों पर मेडिकल पोस्ट (चिकित्सा शिविर) स्थापित
स्थानीय स्तर पर उपजिलाधिकारी तथा जनपद कंट्रोल रूम से जिलाधिकारी स्वंय रखेंगे संपूर्ण व्यवस्थाओं पर नजर और नियन्त्रण
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जसवंत सिंह चौहान यात्रा सुरक्षा और यातायात प्रबन्धन पर रखेंगें नजर
13 जुलाई से होने वाली सुप्रसिद्ध कांवड़ यात्रा को लेकर पौड़ी जिला प्रशासन पूरी तरह चाकचौबंद और सतर्क हो गया। मंगलवार को जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे के दिशा-निर्देशों के क्रम में लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन, पेयजल निगम, जिला पंचायत, राजस्व विभाग विद्युत तथा वन विभाग आदि विभागों द्वारा कांवड़ यात्रा को सुगम, व्यवस्थित, सुरक्षित, गतिशील और सहज बनाने के लिए तथा कांवड़ यात्रा को विभिन्न प्रकार से सुविधाजनक बनाने के लिए सामूहिक और विभागीय स्तर पर कार्य किये गये है।
चिकित्सा विभाग द्वारा नीलकंठ मन्दिर के समीप काली-कमली धर्मशाला में पुण्डरासू में, गंदला पानी में, मौनी बाबा आश्रम में, बागखाल के पास, गरूड़चटृी के पास और लक्ष्मणझूला के पास सात स्थानों पर मेडिकल पोस्ट (चिकित्सा शिविर) स्थापित किये गये हैं तथा लक्ष्मणझूला, पुण्डरासू, नीलकंठ एव बिनक में विभागीय 108 एम्बुलेंस तैनात की गयी है।
डाक कांवड़ की होने वाली भीड़ के दृष्टिगत नन्दी गेस्ट हाउस के पास लोक निर्माण विभाग पार्किग, नंदी गेस्ट हाउस के पास जिला पंचायत पार्किग, नंदी गेस्ट हाउस के पास ग्राम पंचायत पार्किग, नीलकंठ मन्दिर के पास नीलकंठ एसोसिएशन पार्किग, हिन्डालू के पास 06 स्थानों पर अस्थायी पार्किग तथा दवीली इण्टर कालेज के पास अस्थायी पार्किग की व्यवस्था की गयी है।
जिला पंचायत द्वारा पीपलकोटी के समीप एक मोबाइल टॉयलेट, नंदी गेस्ट हाउस के समीप एक, जिला पंचायत पार्किंग के समीप दो तथा गरूड़चटृी के समीप एक मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की गयी है।
पेयजल की व्यवस्था के अन्तर्गत कांवड़ यात्रा हेतु कुल 34 स्टैण्ड पोस्ट यात्रा मार्गों पर स्थापित किये गये है, जिनकी मरम्मत कर सुचारू किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर 14 हैण्ड पम्प को सुचारू किया जा रहा है। इसके साथ ही हजार लीटर के 04 वाटर टैंकर 04 स्थानों पर तैनात किये गये है तथा 20 मोबाइल टैंकर की अतिरिक्त व्यवस्था की गयी है। उक्त क्षेत्र में पुण्डरासु पेयजल पम्पिंग योजना से पेयजल आपूर्ति की जा रही है तथा पेयजल व्यवस्था को सुचारू रखने हेतु 04 जनरेटर की व्यवस्था की गयी है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा स्व0 जगमोहन सिंह नेगी (राज्य राजमार्ग संख्या 09) बैराज से नीलकंठ तक 33 कि0मी0 सड़क मार्ग में गरूड़चटृी, घट्टूघाट, पीपलकोटी और नीलकंठ में 1-1 जे0सी0बी0 मशीन तैनात की गयी है। गरूड़चटृी से परनाफाल के मध्य 03 संवेदनशील स्थानों पर पैराफिट बनाये गये हैं। मोटर मार्ग के किमी0 17,18,22, एवं 25 में क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल का निर्माण कार्य पूर्ण लिया गया है। किमी0 17 एवं 18 में पैराफिट निर्माण का कार्य किया गया है। मार्ग के किमी0 18 (परना फॉल) में जहां नमी रहती है, टाइल्स का कार्य पूर्ण किया गया है तथा नीलकंठ मन्दिर मार्ग के किमी0 5 में मंदिर के पास इण्टर लॉकिंग टाइल्स का कार्य भी पूरा किया गया है।
वन विभाग द्वारा यात्रा मार्ग पर मानव व वन्य जीव संघर्ष रोकने हेतु स्वर्गाश्रम-नीलकंठ पैदल मार्ग व मोटर मार्ग पर 05 गश्ती दल और 01 सचल वाहन दल संसाधनों सहित नियुक्त कर दिये गये हैं।
सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर नियंत्रण एवं निगरानी हेतु किसी भी आपदा के दृष्टिगत त्वरित कार्यवाही हेतु उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार के सहायक के रूप में एवं संवेदनशील स्थानों पर तैनाती हेतु 10 आपदा राहत कार्य प्रशिक्षित पी0आर0डी0 जवान कांवड़ यात्रा में लगाये गये हैं।
सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान हेतु 01 सैटेलाइट फोन उपजिलाधिकारी के पास तथा 01 अन्य सैटेलाइट फोन आपदा कन्ट्रोंल रूम द्वारा तहसीलदार को उपलब्ध कराया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी घटना के घटित होने पर आश्रय स्थल हेतु लक्ष्मणझूला में इण्टर कॉलेज को चयनित किया गया है जहां 250 से 300 व्यक्तियों के ठहरने का प्रबन्ध किया गया है। इसके अतिरिक्त सुरक्षा तथा सम्पूर्ण कांवड़ यात्रा पर निगरानी करने और नियंत्रण रखने हेतु कुल 04 सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गये हैं जिसमें से 02 सीसीटीवी कैमरे बाघरवाला तथा एक-एक जिला पंचायत पार्किंग समीप और पुण्डरासू में लगाये गये हैं।
विद्युत विभाग द्वारा नियमित विद्युत आपूर्ति हेतु नीलकंठ क्षेत्र में 33 केवी व 11 केवी की लाइन के दायरे में पेड़ों की लापिंग एवं पुराने जम्फरों को बदलने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। क्षेत्र में 25 केवीए का परिवर्तक चलायमान ट्रॉली मन्दिर परिसर के समीप रखा गया है जिससे परिवर्तन के क्षतिग्रस्त की स्थिति में विद्युत व्यवस्था चलयमान रहेगीं। 33/11 केवी के अतिरिक्त 100 केवीए का 1 नग तथा 63 केवीए का 1 नग परिवर्तक भी रखे गये है। इसके अतिरिक्त 33/11 केवी उप संस्थान कस्याली की सप्लाई की व्यवस्था भी की जा रही है। मन्दिर परिसर में 03 अतिरिक्त लाइनमैन ठेकेदार के माध्यम से उपस्थित रहेंगे तथा अवर अभियंता 33/11 भी वहां उपस्थित रहेंगें।
जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे द्वारा स्वंय जनपद कन्ट्रोंल रूम पौड़ी से सम्पूर्ण कांवड़ यात्रा की निगरानी करेंगें तथा यात्रा को प्रभावी, सुरक्षित, गतिशील, निर्विवाद और सुगम बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं पर प्रभावी नियन्त्रण रखेंगे।