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पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन मे आए उत्तराखंड के केबिनेटमंत्री

रिपोर्टर: Author August 5, 2026
 कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस ने व्यापारी, बुद्धिजीवी और पार्षदो के साथ की बैठक
कोटद्वार ।कोतवाली के नवनियुक्त कोतवाल नरेंद्र सिंह बिष्ट ने मंगलवार को कोटद्वार के व्यापारी, बुद्धिजीवीयों और पार्षदो के साथ बैठक की। सीओ कोटद्वार अनिल जोशी के नेतृत्व में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस ने बैठक में शामिल सम्मानित लोगो के सुझाव भी लिए जिससे अपराध पर लगाम लग सके। यातायात के नियमो का सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस ने लोगो से सहयोग देने को कहा। नवनियुक्त कोतवाल नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि हम अनलॉक 4 की और बढ़ रहे है, हमे मास्क और सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा। दुपहिया वाहन में हेलमेट पहनना अनिवार्य है,तथा ट्रीपल सवारी करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। जो नियमो का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बैठक में ज्यादातर जनप्रतिनिधियों व कुछ व्यापारी जनता के हित की बात न करके केवल अपने निजी स्वार्थों की बात करते नजर आए। गोखले मार्ग, गंगादत्त जोशी मार्ग, पटेल मार्ग व जिला परिषद मार्किट में व्यापारियों द्वारा किये गए अतिक्रमण के कारण नगर में हो रही भीड़ से फैल रहे संक्रमण को अनदेखा कर रविवार को दुकान खोलने की बात रखी गयी। अपने वार्ड में हो रहे अपराधों व छोटे मोटे झगड़ों को लेकर सीओ अनिल जोशी ने कहा कि सभी पार्षद अपने क्षेत्र के सभी लोगों को जानते हैं इसलिए यथासंभव कोशिश की जानी चाहिए कि  दोनों पक्षो को समझा कर मामले को निपटाया जाए।, इस बात पर कुछ पार्षद पल्ला झाड़ते नजर आए तो कुछ पार्षदों ने माना कि अपने वार्ड में सुरक्षा व शांति व्यवस्था  सभी की जिम्मेदारी है।

पुरानी पेंशन के लिए संयुक्तमोर्चा के समर्थन में आये कैबिनेट मंत्री
कोटद्वार।पुरानी पेंशन के लिए संयुक्त मोर्चा के समर्थन में आये कैबिनेट मंत्री भी लगातार राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चा के द्वारा पुरानी पेंशन बहाली किये जा रहे आंदोलन में अब सरकार के कैबिनेट मंत्री भी पक्ष लेते नज़र आ रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री  अरविंद पांडे के बाद अब शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व उत्तरकाशी विधायक श्री केदार सिंह रावत’ विधायक पौड़ी, श्री मुकेश कोहली  भी कर्मचारियों के पक्ष में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर पत्र लिख रहे हैं। गौरतलब है कि आने वाली 1 अक्टूबर को कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए काला दिवस मनाएंगे क्योंकि 1 अक्टूबर 2005 को ही कर्मचारियों की पेंशन राज्य में बंद हुई।इस दिन सभी nps और ops कर्मचारी करेंगे कार्यक्रम:-
1- काली पट्टी या काला मास्क पहनकर विरोध जताएंगे
2- अपने सभी सोशल मीडिया एकाउंट पर काली तस्वीर लगाएंगे
3 -रात 8 बजे से 9 बजे अपने घरों पर लाइट ऑफ रखेंगे।कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन के होने से कर्मचारी के जीवन मे एक सुरक्षित भविष्य के लिए संकटों से लड़ने के लिए ढाल  लेकिन आज सेवानिवृत्त कर्मचारी असहाय है।
प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन जमीन से लेकर सदन तक चलाया जाएगा और तब तक नही रुकेगा जब तक  पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती ।  देश के विकास में योगदान के बावजूद आज राजकीय क्षेत्र का कर्मचारी निजी क्षेत्र के कार्मिकों वाली पेंशन योजना में शामिल है जिसमे उसे सेवानिवृत्त होने के बाद गुज़ारे लायक भी वेतन नही मिल रहा। हम उन सभी जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हैं जो इसके लिए संयुक्त मोर्चा के साथ खड़े हैं। सरकार से यही निवेदन है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान देने की कृपा कर पुरानी पेंशन को बहाल करे।
प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था व भविष्य भी पुरानी पेंशन बहाली से जुड़ी हुई है। आज जो कर्मचारी नई पेंशन योजना की कम सेवानिवृति धनराशि से डरकर अपने वेतन से काफी धन बैंकों में जमा करने पर मजबूर है पुरानी पेंशन बहाली के बाद वह इसे खुलकर बाजार में व्यय कर सकेगा । जिससे रोजगार और बाज़ार की स्थिति मजबूत होगी। एक व्यक्ति जिसका मासिक व्यय उसके मासिक वेतन से चलता हो अचानक सेवानिवृति के बाद उसे पेंशन के रूप में मात्र एक हज़ार की धनराशि मिले यह अन्याय है। इसलिए नई पेंशन की इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को हटाकर पुरानी पेंशन को बहाल किया जाय।मिलेंद्र बिष्ट प्रदेश सयोंजक,  द्वारा   अवगत कराया गया कि उत्तराखंड सरकार विधानसभा में पुरानी पेंशन बहाली हेतु संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को प्रेषित करने हेतु अपेक्षा की गई।विशेष-सँयुक्त मोर्चे की पहल का सरकार संज्ञान ले रही हैं ये अच्छी बात है। सँयुक्त मोर्चा लगातार इस ओर सरकारों का ध्यान आकृष्ट करा रहा है जिसे लगातार कार्मिकों का समर्थन मिल रहा है। वर्तमान में राज्य के कैबिनेट मंत्री इस बाबत सरकार को पत्र लिख चुके हैं।

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