“मेरे हिस्से का हिमालय” पुस्तक का विमोचन
हिंदी साहित्य जगत में यात्रा वृत्तांत ने एक विशेष स्थान बनाया है। यात्रा वृत्तांत के यायावर साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन की यात्राओं पर लिखी लेखनी हिन्दी साहित्य जगत को ही नहीं हर उस पाठक को आकर्षित करता है जो यात्रा साहित्य में रुचि रखता है। इसी से प्रेरित होकर यात्रा तनुजा जोशी ने यात्रा का अनुभव पुस्तक के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। यात्रा का अनुभव एकल से सामूहिकता की प्रक्रिया है। कोई मनुष्य कभी अकेले यात्रा नहीं करता है। उसकी यात्रा में बहुत कुछ दृश्य-अदृश्य साथ होता है। तनुजा जोशी ‘गुलमोहर गर्ल‘ की सद्य प्रकाशित पुस्तक “मेरे हिस्से का हिमालय” इस बात की तस्दीक करती है। देहरादून से भराड़सर यात्रा के अनुभवों पर केंद्रित यह किताब उस पूरे इलाके की संस्कृति, सभ्यता और आर्थिकी के साथ सामाजिक संरचना के कई पक्षों को उद्घाटित करती है।
हिमांतर प्रकाशन से प्रकाशित इस पुस्तक का लोकार्पण सोमवार को एक निजी कैफे में हुआ। पुस्तक के लोकार्पण साहित्यकार दिनेश कर्नाटक, डॉ. पंकज उप्रेती, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर करगेती, हल्द्वानी के उप जिलाधिकारी मनीष कुमार और हिमांतर के संपादक डॉ. प्रकाश उप्रेती के करकमलों से हुआ।
वक्ताओं ने तनुजा जोशी की यात्रा वृत्तांत पर आधारित पुस्तक के बहाने यात्राओं के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही एक इस ओर भी सबका ध्यान दिलाया कि हिंदी में ज्यादातर पुरुषों द्वारा लिखे गए यात्रा-वृतांत ही मौजूद हैं। किसी महिला का यात्रा करना और उसे लेखन के जारिए दर्ज़ करना सुखद है।
पुस्तक को पढ़ते हुए आप साक्षात यात्रा का अनुभव करेंगे। पहाड़ की यात्रा के कई पड़ावों से परिचित कराती यह किताब आपको छोटे-छोटे विवरणों के जरिए हिमालय के छोर पर ले जाती है। यात्रा के अनुभवों को समेटती यह किताब हिमालय के पड़ाव, बुग्याल, नदी, गाँव, गाड़-गधेरे सभी का चित्र उकेरती चलती है। यात्रा-वृतांत की इस पुस्तक को पढ़ते हुए ऐसा लगता है कि हम स्वयं उस यात्रा में शामिल हैं। देहरादून से लेकर भराड़सर ताल की इस यात्रा के जारिए आप उस पूरे इलाके कि सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक बुनावट को भी समझ सकते हैं। यह समझ यात्राओं के महत्व को भी रेखांकित करती है। साथ ही उस अनदेखे-अनजाने इलाके को लेकर भी आपकी समझ दुरुस्त करती है। किताब का एक प्रसंग देखिए- ‘यहाँ के हर मंदिर की छत पर लकड़ी से बना मुनाल और बकरी इस हिमालयी समाज के ऐतिहासिक पहलू को दर्शाता है।
मंदिर में लकड़ी के बने मुख्य द्वार पर हर दौर के सिक्के और नाग तथा हाथी घोड़े के अनेक भित्ति चित्र खुदे होने से हम मंदिर की पौराणिकता को समझ सकते हैं। यह यहाँ के हर प्रचीन मंदिर में देखने को मिलता है’। आप इस किताब को पढ़ते हुए रहस्य और रोमांच की सांस्कृतिक यात्रा का अनुभव भी करेंगे। इस लोकार्पण एवं परिचर्चा में बड़ी संख्या में शहर का बुद्धिजीवी वर्ग मौजूद रहे।
धारा- 181,192,194(D),196 में लिप्त वारंटी हुवा गिरफ्तार
लैंसडाउन।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक , पौडी गढ़वाल, कु0 पी0 रेणुका देवी द्वारा वारंटियों के विरुद्ध अभियान चलाये जाने हेतु समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। जिसके क्रम में प्रभारी निरीक्षक श्री संतोष सिंह कुँवर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा धारा- 181,192,194(D),196 मोटर वाहन अधिनियम से सम्बन्धित अभियुक्त धीरज सिंह पुत्र मनीराम निवासी ग्राम देवथला, पोस्ट रुद्रपुर, थाना सहसपुर, जनपद देहरादून को पुलिस टीम द्वारा दिनांक 12 दिसम्बर 2021 को देहरादून रिस्पना पुल के पास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय समक्ष पेश कर माननीय न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
ऑपरेशन स्माइल टीम द्वारा नाबालिक बालक को किया परिजनों के सुपुर्द
पौड़ी। पुलिस मुख्यालय से गुमशुदाओं की तलाश हेतु “ऑपरेशन स्माईल” अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद पौड़ी गढ़वाल कु0 पी0 रेणुका देवी द्वारा जनपद के ऑपरेशन स्माईल टीम को गुमशुदाओं की तलाश करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके क्रम में जनपद की ऑपरेशऩ स्माईल टीम द्वारा बालक जो एएचटीयू हरिद्वार द्वारा दिनाँक 20.10.2021 को राजकीय बालगृह रोशनाबाद में लावारिश में दाखिल किया गया था। जिसे ऑपरेशन स्माईल टीम द्वारा बालगृह अधीक्षक प्रशांत कुमार शर्मा के साथ संयुक्त रूप से अपनेपन का एहसास दिलाकर बातचीत की गई तो बालक ने अपना नाम अजय उर्फ साहिल (उम्र-13 वर्ष) पुत्र श्री शिवदास निवासी गॉव पड़री, थाना काशिमपुर, जनपद हरदोई (उत्तर प्रदेश) बताया। जिस सम्बन्ध ऑपरेशऩ स्माईल टीम द्वारा उक्त बालक द्वारा बताये गए पते के सम्बन्ध में परिजनों की तलाश कर ऑपरेशन स्माईल टीम द्वारा परिजनों को हरिद्वार बुलाकर उक्त बालक को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालक के पिता द्वारा बताया कि वह किसी गाड़ी में ड्राइवर की नोकरी का काम करते हैं| उनका बेटा दिनाँक 09.06.2019 को घर से बिना बताएं कहीं चला गया था। जिसकी उनके द्वारा काफी तलाश की गयी परन्तु वह कहीं नहीं मिला।
