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August 5, 2026
10 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 02 अभियुक्त गिरफ्तार
कोटद्वार। अवैध तरीके से नशा और अवैध शराब मे लिप्त अपराधियों के विरूद्ध पौडी जिले मे चलाए जा रहे सघन चैकिंग अभियान के तहत थाना थलीसैंण पुलिस द्वारा थाना क्षेत्रान्तर्गत अभि01- परमेन्द्र पुत्र शिव सिंह निवासी मैठाणा तह0 बीरोंखाल थाना थलीसैण जनपद पौड़ी गढ़वाल, अभि02- अजीत सिंह पुत्र बिरजमोहन निवासी मैठाणा को सेतुखाल कस्बे से 05-05 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना थलीसैण पर 1-मु0अ0सं0- 19/2020, धारा- 60 आबकारी अधिनियम बनाम अजीत ओर 2-मु0अ0सं0- 20/2020, धारा- 60 आबकारी अधिनियम बनाम पदमेंद्र कायम किया गया है। थाना प्रभारी संतोष पैथवाल द्वारा बताया गया है की अवैध शराब बिक्री और तस्करी मादक पदार्थो की बिक्री करने वालो के विरुद्ध थाना क्षेत्र में आगे भी प्रभावी कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। पुलिस टीम में si दीप रानी, का0 मनोज , का0 टीकम सिंह शामिल रहे।
वही कोटद्वार थानाक्षेत्र के अन्तर्गत सनेह चौकी के कुम्भीचौड क्षेत्र मे भी पुलिस को अवैध शराब मे लिप्त अपराधी को पकडऩे मे कामयाबी हासिल हुई।सनेह पुलिस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार कुम्भीचौड निवासी मनोज सेमवाल पुत्र गुणानंद सेमवाल 31 वर्ष को गुरु रामराय पब्लिक स्कूल के समीप लालपानी से 20 लीटर कच्ची शराब के साथ दबोचने मे कामयाबी मिली। पुलिस टीम मे का.अजय और का. कैलाशचन्द्र शामिल थे।
वही कोटद्वार के निम्बूचौड सुखरौ पुल के समीप भी का.अनिल व का. दीपक को चीता पुलिस ड्यूटी के दौरान धर्म सिंह पुत्र सव. चतर सिह निवासी शिवराजपुर को अवैध अंग्रेजी शराब के 60 पव्वों के साथ पकडने मे कामयाबी मिली।

थलीसैण मे कच्ची शराब के साथ पकड़े गए आरोपी

सनेह पुलिस की गिरफ्त मे कच्ची शराब के साथ आरोपी

थलीसैण मे कच्ची शराब के साथ पकड़े गए आरोपी

सनेह पुलिस की गिरफ्त मे कच्ची शराब के साथ आरोपी
राज्य आन्दोलनकारियो ने चार सूत्रीय मांग पत्र पूर्व राज्य मंत्री को सौंपा
कोटद्वार।उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को 22 साल की लंबी लड़ाई और त्याग,बलिदान,शहादत के बाद अलग राज्य के रूप में 09 नबम्बर 2000 को उत्तराखंड राज्य हांसिल हुआ। उत्तराखंड राज्य बने 20साल हो चुके है लेकिन आज भी राज्य आंदोलनकारीयो को उनका हक नही मिल सका है। पहले आंदोनकारी 22 सालों तक राज्य निर्माण के लिए लड़े और राज्य निर्माण के बाद 20 सालों से अपने हकों के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं।इन्ही राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की बदौलत आज राजनीतिक दल रोटियां सेंक रहे है लेकिन आंदोनलकरियो के त्याग,बलिदान, शहादत को भूल कर दरकिनार कर दिया गया है।राज्य आंदोलनकारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को सदन में उठाना चाहते हैं। जिसमे आज उत्तराखंड राज्य निर्माण सैनानी मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र रावत सहित अन्य राज्य आन्दोलनकारियो ने चार सूत्रीय मांग पत्र कांग्रेस के पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा के माध्यम से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को प्रेषित किया।इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा ने सभी जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि जिन लोगो ने इस प्रदेश के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है उनको उपेक्षित नही रखा जाना चाहिए उनको सम्मान मिलना चाहिए।पूर्व राज्य मंत्री ने कांग्रेस के विधायकों से भी अनुरोध किया है कि राज्य आंदोनलकरियो की मांगों को सदन में उठाकर पूरा कराने में मदद करे।
राज्य निर्माण सैनानी मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र रावत कि मांग है कि राज्य आन्दोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत योग संरक्षण आरक्षण दिलवाने के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में एस0 एल ० पी ० दायर करने की मांग की गयी है। वर्तमान सत्र में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर फिर से विधेयक लाया जाए या सर्वोच्च न्यायालय में एस ० एल ० पी ० दायर की जाए जिससे आन्दोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिल सके।
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बैठक का किया आयोजन
कोटद्वार।राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चे की महत्वपूर्ण बैठक जिसमे पुरानी पेंशन बहाली हेतु केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाने हेतु रणनीति तय की गई साथ ही दिंनाक 01 अक्टूबर 2005 को उत्तराखण्ड में NPS लागू होंने के कारण उत्तराखंड में 01 अक्टूबर 2020 को काला दिवस मनाए जाने हेतु आम कर्मचारी से आवाह्न किया गया।पुरानी पेंशन के होने से कर्मचारी के जीवन मे एक सुरक्षित भविष्य के लिए संकटों से लड़ने के लिए ढाल थी आज कर्मचारी भविष्य में आने वाले संकट से लड़ने के लिए निहत्था है। बैठक की अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता, जी0एस0कौंण्डल जी एवम श्री दिवाकर दत्त धस्माना जी के नेतृत्व में कई गई।प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा जब तक पुरानी पेंशन बहाल नही हो जाती तब तक यह संघर्ष अनवरत रूप से जारी रहेगा। शीघ्र धरातल पर भी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए कार्यक्रम किये जायेंगे । अपनी सुरक्षा के डर से छोटे जीव तक डंक मार देते हैं। हम फिर भी मनुष्य हैं। कोरोना काल मे अनुनय विनय से सरकार को मनाने का प्रयास जारी है। परंतु अधिकारों के लिए जमीन से लेकर सदन तक कि लड़ाई भी कई बार लड़ी गयी है और पुनः पुरानी पेंशन के लिए लड़ी जा सकती है।प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी ने कहा कि देश जिस संकट काल से गुज़र रहा है उससे निबटने के लिए कर्मचारी का nps स्कीम में जमा पैसा जी पी एफ में परिवर्तित कर उसे उपयोग कर देश के आर्थिक संकट से निबटा जा सकता है ।सरकार को अपने आर्थिक विकल्पों पर गौर करने की आवश्यकता है। जिसके लिए nps का शेयर में लगा पैसा एक अच्छा विकल्प है। वर्तमान में कर्मचारी निर्भीक होकर कोरोना से लड़ रहे हैं संक्रमित होकर गंभीर परिणाम भुगत रहे हैं परंतु अपनी जगह पर मजबूती से डटे हुए हैं। इस पर सरकार उत्साहवर्धन के लिए इतनी सी विनती तो स्वरकार कर ही सकती हैं।
इस बैठक में प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल, इंजीनियर आलोक कुमार,जयदीप रावत, संजय नेगी, लक्ष्मण रावत, प्रदीप नेगी, दीपक सिंह, वी0एस0राणा, विकास बिष्ट, मनमोहन, मुकेश चन्द्र राणा,सुरेश कुमार, रघुराज चोहान,राहुल सिंह, कपिल नैथानी, जगत सिंह, प्रदीप कुमार जुयाल, चंदन सिंह नेगी, मनोज कुमार आदि।
