कुमाऊनी होली ने कोटद्वार में जमाया रंग
कुमाऊनी होली में झूमें होल्यारे
कोटद्वार । कुमाऊनी लोग अपनी सास्कृतिक विरासत को जहाँ भी रहते हो आगे बढाने, मजबूत करने और स्थापित करने में पीछे नहीं रहते । कोटद्वार में भी कुमाऊनी लोगों का अच्छा खासा समुदाय रहता है ।कोटद्वार के सिगड्डी से लेकर कोटडीढाग सनेह में कुमाऊनी लोग आजादी से पूर्व निवास करते आ रहे हैं । उत्तराखंड बनने के बाद कुमाऊनी लोग अपनी सास्कृतिक विरासत को कुमाऊँ से बाहर संगठित होकर सवारने का काम कर रहे हैं । कोटद्वार में कुमाऊनी सास्कृतिक सामाजिक संगठन के संयोजन में कुमाऊनी समुदाय से जुड़े लोगों ने छोटी होली के अवसर पर लछमपुर कलालघाटी में नेगी परिवार के प्रांगण में कुमाऊनी बैठकी होली ,खड़ी होली का रंग जमा दिया ।
‘मेरी रंगीलो देवर घर ए रे छौ’ ‘जो कि शहर में आयो व्यापारी ‘ ‘भर भर पिचकारी ‘ ‘होली में नंद गोपाल मिल गयौ’ जैसे होली गीतों ने लछमपुर में कुमाऊनी होली से माहौल रंग-बरंगा बना दिया । नेगी परिवार के कुन्दन सिंह नेगी, राम सिंह नेगी और परिजनों सहित लछमपुर की कुमाऊनी महिलाओं ने छोटी होली के अवसर पर रंग-बिरगे होली गीतों से कुमाऊँ कोटद्वार में बना दिया । इस अवसर पर हुकुम सिंह नेगी, पूरन अधिकारी,शंकर जोशी, जगदीश पांडे, कुबेर जलाल,भास्कर पोखरियाल,पुष्कर पवार सहित कई कुमाऊनी परिवार के महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया।