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ग्रामीण व्यवसाय उषमायन (इन्क्युबेशन) संस्थान (आरबीआई) कोटद्वार ने खोले व्यवसाई बनने के दरवाजे

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 

ग्रामीण  व्यवसाय उषमायन (इन्क्युबेशन) संस्थान (आरबीआई) कोटद्वार  ने  खोले व्यवसाई बनने  के  दरवाजे  

गढ़वाल में उधमिता के प्रति बढ़ता रुझान 

ग्रामीण  व्यवसाय उषमायन (इन्क्युबेशन) संस्थान (आरबीआई) कोटद्वार का मुख्यालय  सिंबल चौड़ पर स्थित है।  दिसंबर 2021 में शुरू  होने  के  बाद से ही गढ़वाल जनपद की स्वरोजगार से जुड़ने वाले  बेरोजगार, स्टार्ट अप शुरू किए नए उद्यमी  के लिए प्रगति  की सीढ़ी  बनकर उभरा  है । एफबीआई संस्थान  में  16 फरवरी को 25 व्यवसाय के इच्छुक महिला और पुरुष प्रशिणार्थियो  से रूबरू हुआ, जिसमें  सिलाई-हस्तकला से संबंधित युवा और जिज्ञासु समूह के उद्यमी  एक दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण का विषय था ‘अपना उद्यम स्थापित करने के मूलभूत अवश्यकतायें’ 

1. क्या आप (प्रशिक्षणार्थी) इस प्रकार के व्यवसाय के संचालन से परिचित हैं? (परिचित)

2. क्या आपका चुना व्यवसाय आपके निवेश लक्ष्यों को पूरा करता है? (निवेश के लक्ष्य)

3. क्या आप जिस व्यवसाय को करने  जा रहे  हैं वह व्यवसाय  आपके आय लक्ष्यों को पूरा करता है? (आय के लक्ष्य)

4. क्या आपके द्वारा चुना व्यवसाय आपको पर्याप्त लाभ उत्पन्न करता है? (लाभ लक्ष्य)

5. क्या आप अपने  व्यवसाय में सहज महसूस करते हैं? (काम करने में आसानी)

6. क्या आपका परिवार व्यवसाय में सहज महसूस करता है? (परिवार की मंजूरी)

7. क्या व्यवसाय आपकी स्थिति की भावना को संतुष्ट करता है? (समाज में स्थिति- उदाहरण के लिए क्या आप हेयर कटिंग सैलून स्थापित कर सकते हैं, जब समाज इसे मंजूरी नहीं देता है?)

8. क्या व्यवसाय आपके लोगों के कौशल के अनुकूल है? (कौशल, शो चलाने के लिए आवश्यक योग्यताएं)

9. क्या व्यवसाय के समग्र उद्योग के लिए अच्छी वृद्धि का अनुमान है? (विकास क्षमता)

10. क्या आपको अपने व्यवसाय  में  जोखिम कारक स्वीकार्य है? (जोखिम की राशि शामिल)

11. क्या व्यवसाय के लिए लंबे समय की आवश्यकता होती है? (काम के घंटे)

12. क्या व्यवसाय आपके पेशेवर कौशल, व्यक्तिगत लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुकूल है? (व्यक्तिगत लक्ष्य)

अगर उपरोक्त बिन्दुओं पर आप गंभीरता से मनन करते  हुए उद्योग जगत में अपनी  काबिलियत दर्शाना चाहते हैं  तो आईये कोटद्वार स्थित  आरबीआई  सेन्टर।

कार्यक्रम में गृह उधयोग, लघु उधयोग से संबंधित सरकारी मदद, योजनाओं और रेजिस्ट्रैशन के लाभ जैसे विषयों चर्चा की गई। 

कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षणार्थी  भारती ने समूह के सदस्यों के साथ अपनी सफलता की कहानी साझा की, कि कैसे संस्थान में प्रशिक्षण  के सिर्फ 3 चरणों के बाद ही उन्होंने अपना बिजनस प्लान बनाया और अब अपने बुटीक के लिए पूंजी की व्ययस्था सफलतापूर्वक कर रही हैं। 

युवा उद्यमी  अंकुर  बाँस से कलात्मक वस्तुएं बनाकर अपने को सफल उद्यमी बनने की दिशा में  सही कदम बताया। 

इसी तरह एक युवा रुचि  जों कोटद्वार की रहनेवाली हैं उन्होंने अपनी वस्तुओं से अपनी पहचान बनाने की मंशा जताते हुए सफल मार्केटिंग के लिए संस्थान से मार्गदर्शन की इच्छा जताई। 

मशरूम उत्पादन में प्रशिक्षित शर्मिला ने कहा की मात्र कोई हुनर सीख लेना ही पर्याप्त नहीं पर उसे मुनाफे के व्यवसाय में बदलना यह जानना अत्यंत आवश्यक है और ग्रामीण  व्यवसाय उषमायन (इन्क्युबेशन) संस्थान (आरबीआई)कोटद्वार इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और गढ़वाल के कर्मठ लोगों के लिए यह एक बड़ा सहारा और मील का पत्थर साबित होगा। 

संस्था द्वारा आनेवाले समय में व्यवसाय प्रबंधन के विषय पर मासिक प्रशिक्षिण की सभी प्रशिक्षणार्थीयो  नें मांग की। 

गढ़वाल में जनमानस का रुझान नौकरी की ओर है और इसका मुख्य कारण बड़ी फैक्ट्री या उद्योग का ना होना और पहाड़ों की दुर्गम भौगोलिक स्थित भी एक समस्या  है, जिसका परिणाम पलायन भी है ऐसे में अपने परिवेश, स्थान , गाव में रहकर कैसे उपलब्ध संसाधनों से व्यवसाय करके ना सिर्फ आमदनी, रोजगार का सृजन किया जा सकता है वरन प्रदेश को भी समृद्ध बनाया जाये यह एक अभियान ग्रामीण  व्यवसाय उषमायन (इन्क्युबेशन) संस्थान (आरबीआई)के मार्गदर्शन में चलाया जा सकता है। 

उज्वल भविष्य के अभिलाषी, उधयम के आकांक्षी सभी लोगों को ग्रामीण  व्यवसाय उषमायन (इन्क्युबेशन) संस्थान (आरबीआई) कोटद्वार का संपर्क कर आज ही अपने सपनों को साकार करने की पहल करनी चाहिए और राज्य के इस अभिनव अवसर का लाभ उठाना चाहिए। 

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