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उत्तराखंड में मुर्दों को पेंशन, नींद में समाज कल्याण

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

Nainital Express News

 उत्तराखंड में मुर्दों को पेंशन, नींद में समाज कल्याण


  समाज कल्याण पेंशन का गजब हाल, 

 2 हजार से ज्यादा मुर्दों की दो साल में 5.5 करोड़ से अधिक हो गई पेंशन, सत्यापन करने पर हुआ खुलासा‌

समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धाजनों और दिव्यांगों को प्रतिमाह 1500 रुपये और किसानों को 1200 रुपये पेंशन देता है। वर्तमान में उधमसिंह जिले में 91,280 लाभार्थी तीनों योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। समाज कल्याण विभाग में कई लोग पेंशन के लिए चक्कर काटते रहते हैं। इसके बाद भी उनके खाते में पेंशन नहीं आ पाती है। इससे इतर विभाग की ओर से ऐसे बुजुर्ग, दिव्यांग और किसानों के खाते में दो साल से लगातार पेंशन भेजी जा रही है जिनकी मौत हो चुकी है। कुछ लोगों द्वारा तो लाभार्थी की मौत पर विभाग को सूचना दी गई है, वहीं कई लोग मृत परिजनों की पेंशन डकारते रहते हैं।
दो साल में मृतकों की पेंशन घपला 5.5 करोड़ से अधिक हो गई
एक वर्ष पूर्व वृद्ध व दिव्यांगों को विभाग की ओर से 1200 रुपये व किसानों को एक हजार रुपये पेंशन दी जाती थी। इस वर्ष से ही सरकार ने इनकी पेंशन में इजाफा किया है। एक अनुमान के मुताबिक देखें तो अगर 2325 लाभार्थियों को प्रत्येक माह 1000 रुपये पेंशन जाती है तो 24 माह में मृतकों के खाते में पांच करोड़ 58 लाख रुपये का अधिक का भुगतान किया गया है।
विभाग को जब मृत लोगों को पेंशन जारी होने की सूचना मिली तो विभाग की कुंभकर्णी नींद खुली, तब विभाग द्वारा विभागीय अधिकारियों से ही पेंशनर्स का सत्यापन करवाया गया । प्रशासन ने  समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश देते हुए पेंशन रुकवा दी गई है। जिन मृतकों के नाम पर पेंशन जारी की गई है, उनके वारिसों से रिकवरी की जाएगी। 


गिरवरनाथ जनकल्याण धर्मार्थ ट्रस्ट नेत्रहीन एवं निराश्रितों की सेवा में समर्पित 


हरिद्वार। समाज की मुख्यधारा से वंचित असहाय, निराश्रित, नेत्रहीन लोगों की सेवा के लिए प्रयासरत गिरवरनाथ जनकल्याण धर्मार्थ ट्रस्ट संस्था निरंतर जुटी हुई है। ट्रस्ट द्वारा तीर्थ नगरी हरिद्वार में भिक्षा प्राप्त कर जीवन जीने वाले नेत्रहीन औद दिव्यांग जनों को तलाश कर भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आश्रय देने की भी व्यवस्था की जा रही है। ट्रस्ट के अध्यक्ष कमल खड़का के अनुसार  गंगा घाटों पर भीख मांगकर अपना गुजर बसर कर रहे नेत्रहीन लोगों के लिए संस्था की ओर से प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था निशुल्क जारी है। ट्रस्ट का उद्देश्य निराश्रितो एवं असहाय लोगों की सेवा करना है। समाज की मुख्यधारा से अलग थलग पड़े नेत्रहीनों को खुशी देने का प्रयास ट्रस्ट के कार्यकर्ता कर रहे है। जिसमे प्रतिदिन नेत्रहीन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है।

 संस्था के उपाध्यक्ष सन्नी वर्मा ने कहा कि गिरवरनाथ जनकल्याण धर्मार्थ ट्रस्ट का भाव ही सेवा है। हम सभी को आगे आकर समाज के निराश्रित वर्ग के उत्थान के लिए सामर्थ्य अनुसार प्रयास करना चाहिए। गरीबों की सेवा से ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं और मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। सन्नी वर्मा ने कहा कि ट्रस्ट के माध्यम से लॉकडाउन के दौरान भी हजारों परिवारों को राशन किट वितरित की गई थी। वर्तमान में भी वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समाज सेवा अनवरत रूप से जारी है। ट्रस्ट के सचिव हरमीत वर्मा ने कहा कि देवभूमी की पावन संस्कृति सभी को आकर्षित करती है। श्रद्धालु यात्रियों को समाज सेवा का संदेश भी ट्रस्ट के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित हो रहा है। इस अवसर पर सचिन शर्मा सरदार, नितिन शर्मा, प्रकाश रुवाली, मनोज शर्मा, माधव जोशी, अनुज जोशी, अभयराम, अमन सैनी, राकेश दवान, सत्यकेश राजपूत, शोभित कश्यप, चंद्रशेखर, पवन वर्मा, अरुण सैनी, रामपाल, विक्रम, कृष्णा, मोहित उपस्थित रहें।

राजस्व उप-निरीक्षक प्रशिक्षुओं  का 9 माह का प्रशिक्षण का शुभारंभ

राजस्व उप-निरीक्षक प्रशिक्षुओं को 3 माह का व्यवहारिक व 9 माह तक सैद्वांतिक प्रशिक्षण 

सूचना विभाग/01 नवम्बर नवनियुक्त राजस्व उप-निरीक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में दीप प्रज्जवलित कर एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होने प्रशिक्षुओं को राजस्व विभाग के कार्याे की बारीकियों के साथ-साथ एक कार्मिक द्वारा जन सेवक रुप में उनके दायित्वों के बारे में जानकारी दी।

       एक वर्ष तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 79 राजस्व उप-निरीक्षक प्रशिक्षुओं को प्रथम 03 माह तक व्यवहारिक जबकि 09 माह तक सैद्वांतिक प्रशिक्षण दिया जयेगा। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षुओं को सरकारी विभागों व जनता से समन्वय स्थापित करते हुए कार्याे के सम्पादन के तरीकों, जनपद स्तर पर राजस्व ढांचे का टॉप टू बॉटम तक विभिन्न स्तर के अधिकारियों के अधिकार व दायित्वों सहित कलेक्ट्रेट के सभी 44 पटलों के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। उन्होने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट को निर्देश दिये कि वे जिला कर्यालय के पटलवार कार्याे की पीपीटी व बुकलेट तैयार कर प्रशिक्षुओं को सुगम व आसन तरीके से प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें, ताकि प्रशिक्षु अभिलेखीय भाषा की जटिलता को आसानी से समझ सकें। उन्होने प्रशिक्षुओं को सजग व सक्रियता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए इस जानकारी का उपयोग जनकल्याण के लिए किये जाने की प्रेरणा दी। उन्होने कहा कि वे सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य व राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनें। साथ ही उन्होने प्रशिक्षुओं के उज्जवल भविष्य की कामना भी की।

      इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर अबरार अहमद, डिप्टी कलेक्टर स्मृता परमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मनोज रावत, सहायक भू-लेख अधिकारी पूरण प्रकाश रावत सहित नवनियुक्त राजस्व उप-निरीक्षक उपस्थित थे।

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