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डेढ़ साल से मुर्दे के साथ रह रहा था परिवार

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

   डेढ़ साल से मुर्दे के साथ रह रहा था परिवार 


कानपुर: मनुष्य की दुनिया में समय दर समय कुछ नया देखने और सुनने को मिलता ही रहता है। मनुष्य जाति के अजीबोगरीब मामले लोगों को चौंकाते रहते हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला रावतपुर थानाक्षेत्र की कृष्णापुरी का है जिसे देखने और सुनने से रोंगटे खड़े हो जाते है। यहां एक परिवार आयकर कर्मी के शव को डेढ़ साल तक जिंदा बताकर घर पर रखे रहा। शुक्रवार की दाेपहर इस बात की जानकारी तब हुई जब विभाग की शिकायत पर सीएमओ कानपुर की टीम घर पहुंची। टीम को घर पर आयकर कर्मी का कंकाल बन चुका शव बरामद हुआ। परिवार वालों से जब उसके मृत होने की बात बताई तो वह लड़ने को तैयार हो गए। इस पर जमकर हंगामा हुआ। स्थितियां देखकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद समझाबुझा कर शव को हैलट लेकर आया गया। सीएमओ के आदेश पर तीन डाक्टरों के पैनल को इस पूरे मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। कानपुर के रावतपुर थानाक्षेत्र में कृष्णपुरी निवासी 35 वर्षीय विमलेश गौतम आयकर विभाग में एओ के पद पर अहमदाबाद में तैनात थे। विमलेश की पत्नी मिताली दीक्षित हैं, जो कि कोआपरेटिव बैंक में हैं। दोनों ने सात साल पहले प्रेम विवाह किया था। एक पांच साल का बेटा व तीन साल की बेटी है।

विमलेश का परिवार पिता राम औतार गौतम, मां रामदुलारी के अलावा भाई सुनील गाैतम व दिनेश गौतम के परिवारों के साथ तीन मंजिला मकान में रहते हैं। विमलेश गौतम वर्ष 2019 में बीमारी के चलते विभाग से अवकाश लेकर घर आए थे, लेकिन अब तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे।

सीएमओ आलोक रंजन ने बताया कि विमलेश की पत्नी मीताली का एक पत्र पिछले दिनों आयकर विभाग को गया था, जिसमें पति की बीमारी का हवाला देकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा गया था। इसी पत्र के आधार पर आयकर विभाग हैदराबाद ने कानपुर सीएमओ से स्वास्थ्य परीक्षण का अनुरोध किया था। पत्र मिलने के बाद उन्होंने शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ ओपी गौतम के नेतृत्व में एक टीम विमलेश के घर भेजी थी। टीम जब घर पहुंची तो वहां कंकाल बन चुके विमलेश का शव बरामद हुआ। जब डाक्टरों की टीम ने उन्हें मृत बताया तो घर वाले उन्हं जिंदा बताकर हंगामा करने लगे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर एसीपी दिनेश चंद्र शुक्ला, रावतपुर थाना प्रभारी संजय शुक्ला मौके पर पहुंचे। समझाबुझा कर शव को हैलट लाया गया। सीएमओ के मुताबिक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है इतने पुराने शव से क्यों नही आ रही बदबू ….? सीएमओ ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि मोहल्ले वालों की भी शव से बदबू नहीं आई, इसकी भी जांच हो रही है। प्रथम दृष्टया शव के ममी स्वरूप में जाने से बदबू न आने की संभावना है, लेकिन घरवालों ने ऐसा कैसे किया, इसकी भी जांच होगी।

सीएमओ ने बताया कि विमलेश की पत्नी व भाई से बात हुई है। उनसे बातचीत में सामने आया है कि विमलेश बीमारी हालात में हैदराबाद से घर लौटे थे। उन्हें कानपुर के कई अस्पतालों में दिखवाया गया। उस वक्त कोराेना का समय था। बाद में उन्हें बिरहाना रोड स्थित मोती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां 22 अप्रैल 2021 की भोर चार बजे उनकी मृत्यु हो गई। स्वजनों के मुताबिक उन्हें डबल निमोनिया हो गया था।


 विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने राजस्व पुलिस व्यवस्था समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र 

देहरादून/कोटद्वार। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अंग्रेजों के समय से चली आ रही राजस्व पुलिस व्यवस्था पर कई बार सामाजिक संगठनों और स्वयं राजस्व पुलिस व्यवस्था देख रहे कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए मुहिम चलाई परन्तु राज्य सरकार की कानों में जूं तक नहीं रेंगी। राजस्व पुलिस व्यवस्था समाप्त करने का मुख्य कारण राजस्व पुलिस कर्मियों को पुलिस प्रशासन जैसी सुविधाएं नहीं मिलना मुख्य कारण रहा है। राजस्व पुलिस कर्मियों के पास न पुलिस जैसे हथियार,न प्रशिक्षण,न अधिकार,अब ऐसी व्यवस्था पर कैसे राजस्व पुलिस कर्मी अपराधियों पर लगाम लगा पाएंगे….?

  राजस्व पुलिस कर्मियों और पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा को लेकर सूबे की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को पत्र लिखकर राजस्व पुलिस व्यवस्था को खत्म करने की सिफारिश की है। अपने पत्र में खंडूड़ी ने पहाड़ी क्षेत्रों के राजस्व पुलिस क्षेत्रों में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए राजस्व पुलिस के बजाय रेगुलर पुलिस व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।

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