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समाज सेवा के जरिए महिला सशक्तिकरण की अलख जगाती आदित्री फाउंडेशन

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 

लोक संवाद टुडे परिवार की ओर से सभी देशवासियों, पाठकों, इष्टमित्रों, सहयोगियों को नववर्ष २०२२ की ढेरों शुभकामनाएं और बधाइयां। ईश्वर आप सभी को सुखमय जीवन, निरोगी काया,दुखों पर विजय और दूसरों को मदद देने योग्य बनाए।

समाज सेवा के जरिए महिला सशक्तिकरण की अलख जगाती आदित्री फाउंडेशन 

12 लाख के अनुदान देकर 12 महिलाओं को दिया आजीविका शुरू करने का मौका 

फ़रवरी माह में एक हजार महिलाओं को पूरे उत्तराखंड में बिना सरकारी सहायता के एक-एक लाख के चैक वितरित किए जाएंगे 

कोटद्वार/रुड़की। समाज सेवा को साधन बनाकर महिलाओं शसक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हजारों संस्थाएं काम करने का दावा करती रही है।इन संस्थाओं के दावों में कितना दम है यह तो या तो सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर महिला, बड़े बड़े महलों और कोठियों में झाड़ू पोंछा करती महिला,देह व्यापार में पैसों के लिए जबरन धकेली जाने वाली महिला और दहेज के लिए बलि का बकरा बनने वाली बेबस महिला से ज्यादा कौन बता सकता है ! कहां है महिलाओं के नाम पर सरकारी योजनाओं को अपनी जेबों में भरने वाली संस्थाएं ? शायद 70 सालों में इन संस्थाओं ने काम किया होता तो आज भारत की प्रत्येक महिला सशक्त होती, स्वावलंबी होती। 

महिलाओं की बिगड़ती स्थिति और लगातार समाज में दूसरे दर्जे की नजर से देखे जाने से आहत रुड़की निवासी युवा ऊर्जा से भरपूर चौहान ने अपने पति निक्की जट राणा, परिवार और पारिवारिक मित्रों के सहयोग से महिलाओं को आत्मनिर्भर और शसक्त बनाने की परिकल्पना को लेकर आदित्री चैरिटेबल ट्रस्ट की रुड़की में स्थापना की। फार्मास्युटिकल व्यवसाय से जुड़े ससुराल पक्ष ने अपनी बहू का भरपूर सहयोग किया। शनिवार को कोटद्वार में ट्रस्ट के सहयोग से आदित्री फाउंडेशन के सहयोग से 12 महिलाओं को शुरुवाती दौर में एक-एक लाख के चैक देकर आत्मनिर्भर बनाने की बुनियाद रखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष निक्की जट राणा ने बताया कि उनका लक्ष्य फरवरी माह में पूरे उत्तराखंड में एक हजार महिलाओं को एक एक लाख रुपए के चैक देकर आत्मनिर्भर बनाने का है। वहीं संस्था के सचिव विनोद शर्मा ने बताया कि आदित्री फाउंडेशन के माध्यम से उत्तराखंड की प्रत्येक महिला को आत्मनिर्भर और शसक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। संस्था की कोषाध्यक्ष महिमा चौधरी ने बताया कि उनका स्कूली समय से लक्ष्य बनाया था कि जब वह शिक्षा पूर्ण कर लेगी तो अपने देश की महिलाओं को हर संभव आत्मनिर्भर और शसक्त बनाने के लिए काम करेगी और आज उनके लक्ष्य की पहली शुरुआत सिद्ध बली बाबा के धाम से आशीर्वाद के साथ हुई जिसमें फाउंडेशन ने 12 लाख रुपयों से 12 महिलाओं को आजीविका देने के साथ आत्मनिर्भर बनाने की सीढ़ियां बनानी शुरू कर दी है। कार्यक्रम में कल्पना नेगी, रामेश्वरी देवी, राजेश्वरी देवी, सीमा,निशा, बबीता,त्रिशिला,अंजू,मंजू सहित सुधांशु रावत सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मी चौधरी ने किया।

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