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इस बार कोटद्वार की तस्वीर बदलने वाला जनप्रतिनिधि मिलेगाक्या….?

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

    इस बार कोटद्वार की तस्वीर बदलने वाला जनप्रतिनिधि मिलेगाक्या….? 

  कोटद्वार। लोकतंत्र के नवगठित राज्य उत्तराखंड जो 23 वर्ष का हो चुका है। जिसे तलाश एक युवा की तरह बुलंदियों को छूने की हसरत होती है उसी तरह राज्य के प्रत्येक जनमानस को भी राज्य की खुशहाली, उन्नति और उच्च विकास की दरकार होती है। 

  उत्तराखंड राज्य की लड़ाई जल, जंगल, जमीन, रोजगार और विस्थापन रोकने के लिए हुई थी। परन्तु राज्य बनने के बाद राज्य में सत्ता चलाने वाले जनप्रतिनिधियों और व्यवस्था देखने वाले अधिकारियों ने उत्तराखंड को गहरे गर्त में पहुंचा दिया है। 

  जिन सपनों को लेकर राज्य का गठन हुआ उसे सत्ताधारी दलों ने आपस में मिल बांटकर निचोड़ लिया है।     उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में कोटद्वार के लोगों ने जिनमें विशेष कर युवा वर्ग, महिलाओं, बुजुर्गों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उनके लिए आज तक राज्य करने वाली सरकारों ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई। जंगलों को बचाने के लिए महिलाओं ने आंदोलन चलाए, बुजुर्गों ने अपनी पेंशन, बच्चों तक को राज्य निर्माण के लिए बलिदान करवा दिया तो युवाओं ने अपने उज्जवल भविष्य के लिए अपने को कुर्बान कर दिया। 

  राज्य की जनता और सरकार बताए कि राज्य निर्माण में उनकी क्या भूमिका रही। एक राजनीतिक दल द्वारा यहाँ तक घोषणा की थी कि उत्तराखंड उनके मरने के बाद बनेगा तो दूसरे दल ने बगैर तैयारी के आनन फानन में राज्य निर्माण की घोषणा कर वाहवाही के साथ सत्ता सुख भोगना शुरू कर दिया। 

  बात करते हैं कोटद्वार विधानसभा का जहाँ हमेशा कद्वावर जनप्रतिनिधियों ने कोटद्वार का प्रतिनिधित्व किया। इन जनप्रतिनिधियों ने कोटद्वार विधानसभा को घोषणाओं के पुलिन्दा थमा कर अपना उल्लू सीधा तो कर लिया परन्तु कोटद्वार की जनता के लिए ये शिखंडी साबित हुए। 

  कोटद्वार विधानसभा में महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सभी राजनीतिक दलों ने कोटद्वार जिला, रामनगर- कालागढ़- कोटद्वार- हरिद्वार मोटर मार्ग, कोटद्वार मोटर नगर बस टर्मिनल, मेडिकल कॉलेज, केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना सहित कोटद्वार की नदियों से स्थानीय जनता को सुरक्षित करने के लिए तटबंध बनाने की तमाम घोषणाएं सफेद हाथी साबित हुई। 

 कोटद्वार को बर्बादी तक ले जाने वाले जनप्रतिनिधियों में विकास पुरुष, टाईगर और दीदी ने जो ताकत लगाई है उसे कोटद्वार की आमजनता कभी नहीं भूलेगी…..! 

  अब चुनावी मौसम शुरू होने वाला है देखना होगा कि कोटद्वार के विकास के लिए किसी युवा में नेतृत्व करने की क्षमता है..! या फिर कोटद्वार की जनता बूढ़े बैल और ठंडेर गाय के भरोसे कोटद्वार को अपना फैसला देकर इतिश्री कर पल्ला झाड़ लेगी। 

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