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गजब जी गजब, मंडियों में किसान को तीन कुंटल प्याज के मिले दो रुपए मात्र

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 गजब जी गजब, मंडियों में किसान को तीन कुंटल प्याज के मिले दो रुपए मात्र 

 सच हो रही केन्द्र सरकार की किसानों की आय दोगुनी करने की भविष्यवाणी …..!

  किसानों की आय दोगुनी करने की सरकार की घोषणा कोरोना के बाद किस कदर तेजी से फलीभूत हो रही है वह इस जानकारी से पता चलता है कि मंडियों में वर्तमान में किसानों को प्याज की कीमतों से मालामाल होकर पता चला है जहां एक किसान को तीन कुंटल प्याज बेचने से हिसाब किताब करने के बाद मिलते दो रुपए मात्र …! अब इसके बाद भी किसानों को उनकी फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिलेगा तो भविष्य में किसान कहां खड़ा होगा सोचने समझने की जरूरत है। आप इस बात से अंदाजा लगा लीजिए कि 300 किलो प्याज बेचने पर किसान के हाथ केवल दो रुपये लगते हैं।  मामला उज्जैन संभाग की शाजापुर कृषि मंडी का है जहां की मंडी का वर्तमान में मध्य प्रदेश में प्याज और लहसुन के भाव काफी कम हैं। किसानों को प्याज के भाव कम मिलने की वजह से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हाल ही में शाजापुर मंडी में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे सुन और देखकर लोग हैरान हैं। भदोनी गांव में रहने वाले किसान जयराम ने किसान आलू प्याज नामक फर्म को 300 किलो प्याज बेचे थे।



क्या है किसान का मामला ,  समझें पूरा हिसाब

 मंडी के दुकान संचालक (आढ़ती) अशोक गामी और सदाकत ने बताया कि जयराम 6 कट्टे प्याज लेकर मंडी पहुंचे थे। जब सुबह मंडी पहुंचे तो उन्होंने 300 रुपये एडवांस ले लिए थे। इसके बाद मंडी बाज़ार में थोक प्याज की खरीदी शुरू हुई। उनका प्याज 80 पैसे से सवा रुपए प्रति किलो के बीच बिका। इस प्रकार उनके पास प्याज के 330 रुपये पहुंचे. इस दौरान प्याज का मंडी लाने का खर्चा और तुलाई व हम्माली का खर्च 328 रुपये आया। इसके बाद हिसाब करने से किसान जयराम को केवल 2 रुपये की बचत हुई। 300 किलो प्याज बेचने पर जब किसान के हाथ 2 रुपये लगे तो किसान भी अबाक रह गया। व्यापारी खुद इस बात से चिंतित हैं कि वास्तव में किसानों को उनकी कठोर परिश्रम का वास्तविक मूल्य नहीं मिल रहा है।

 क्वालिटी बेस पर होता है फसल का मंडी रेट तय

  कनार्दी के रहने वाले आढ़ती अशोक गामी ने बताया कि मंडी में अच्छा प्याज 8 से 11 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि मध्यम क्वालिटी का प्याज 5 से 8 रुपये के बीच बेचा जा रहा है। जिस प्याज की क्वालिटी काफी कमजोर है वह एक रुपए किलो से भी कम दाम पर बिक रहा है। जयराम के प्याज की क्वालिटी भी काफी खराब थी.। छोटा प्याज होने की वजह से 80 पैसे से सवा रुपए किलो तक बिका। उन्होंने इस बात को माना कि किसान को नुकसान हुआ है लेकिन इस पूरे वाक्या को लेकर व्यापारी खुद भी अफसोस कर रहे हैं।

   किसानों की दुर्दशा पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन 

  शाजापुर के प्रभारी और कांग्रेस नेता मकसूद अली ने बताया कि लहसुन और प्याज की खेती करने वाले किसानों की जमीन बिकने की कगार पर आ गई है। इसे लेकर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा के नेतृत्व में 3 दिन पहले ही शाजापुर में आंदोलन किया गया था। इसके अलावा अधिकारियों के साथ-साथ सरकार को चेतावनी भी दी गई थी किसानों को फसल का सही भाव नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण किसानों की हालत बेहद खराब है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस आगे भी आंदोलन जारी रखेगी।

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