कोटद्वार में पहली मानसूनी बरसात ने छीनी किसानों की नींद
शहरी इलाकों में लोगों के घरों में घुसा बरसाती पानी
नगरनिगम और सिंचाई विभाग की बरसात की तैयारियों को लेकर की गई तैयारियों की खुली पोल
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा बरसात में होने वाली तबाहियों को लेकर जिला स्तर से लेकर नगर निगम, ग्राम पंचायत स्तर टास्क फोर्स तैयार की थी वहीं विभागों को फौरन नुकसान क्षेत्र का भ्रमण करने के निर्देश जारी किए गए लेकिन लगता है भारी गर्मी के बाद हुई 12-13 घंटे की बारिश के बाद हुई ठंडक ने अधिकारियों को रविवार के अवकाश का भरपूर आनंद में खलल पसंद नहीं आया और उन्होंने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करना मुनासिब नहीं समझा।
बात करते नये नवेले कोटद्वार नगरनिगम और उसके कर्मचारियों, अधिकारियों की तो शहर के तमाम सीवरेज, नालियां और नालों की, जिनकी साफसफाई की अवस्था, पानी के निकसी के अभाव में सभी सीवरेज, नालियों व नालों का पानी शहर से बाहर जाने के बजाय घरों के अंदर घुस गया। सुबह से सांयकाल तक परिजन घरों से गंदा पानी बाहर निकालने में जुटे रहे।
वहीं सिचाई विभाग की लापरवाही झेलेगें सनेह पट्टी के किसान। गौरतलब है कि सनेह पट्टी में सिंचाई नहर से 12-16 गांवो में सिचाई होती है। रविवार को हुई बारिश से रामपुर लालपानी में नहर 5-10 मी. हिस्सा बरसाती नाले की भेंट चढ गया। रामपुर निवासी हरीश नेगी अध्यक्ष जिला मिनी सहकारी बैंक कुम्भीचौड द्वारा इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुगड्डा को दी लेकिन बरसात का आनंद लेने और किसानों के खून पसीने पर नौकरी करने वाले अभियंता ने किसानों को महत्व न देते हुए अपने आराम को महत्व दिया और मातज्ञत को भेजकर खानापूर्ति कर ली। बताते चलें कि इन दिनों किसान धान रोपाई की तैयारियों में जुटे हैं अगर नहर का काम तुरंत नहीं हुवा तो सैकड़ों हैक्टेयर भूमि धान रोपाई से एक जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही के चलते वंचित रह जाएगी। जिलाधिकारी पौड़ी, कृषि मंत्री व उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री को लापरवाह अधिकारी के खिलाफ शख्त कार्यवाही करनी होगी।


