रिपोर्टर: Author
August 5, 2026
युवक ने लगाया मौत को गले
कोटद्वार ।नगर निगम कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत फिर से एक युवक द्वारा आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लालपानी क्षेत्र के अंतर्गत नाथुपुर निवासी दीपक पुत्र स्व0 वीर सिंह ने शुक्रवार रात को परदे की कुण्डी से फंदा लगाकर अज्ञात कारणो से आत्महत्या कर ली। परिजनों द्वारा युवक को बेस चिकित्सालय लाया गया जहां चिकित्सको ने युवक को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नाबालिग पड़ोसी को युवक लेकर भागा, मुकदमा दर्ज
कोटद्वार । विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्रास्टनगंज में एक नाबालिग युवती को पड़ोसी युवक के द्वारा भगाकर ले जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित पक्ष के द्वारा थाना कोतवाली में आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया है।
थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूडी ने बताया कि ग्रास्टनगंज निवासी एक नाबालिग युवती को विगत शुक्रवार को पडोस में ही रहने वाला एक युवक भगाकर ले गया है, पीडित परिवार के द्वारा आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में नामजद तहरीर दर्ज करवायी है, पीडित पक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है, तथा युवती की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक का नाम शाहिल है। युवक विशेष धर्म से ताल्लुक रखता है। थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूडी ने बताया कि शीघ्र ही युवती को बरामद कर लिया जायेगा।
कोटद्वार कोतवाली से पोकलैंड मशीन गायब उप जिलाधिकारी ने भेजा नोटिस
कोटद्वार । उपजिलाधिकारी कोटद्वार ने कोतवाली कोटद्वार में तैनात एसएसआई प्रदीप नेगी को कई बार पत्र भेजकर 2 अगस्त 2019 को सीज कर पुलिस को सुपुर्द की गई पोकलैंड मशीन की वर्तमान स्थिति के बारे में बताने की बात कही गई है ।
उपजिलाधिकारी कोटद्वार के द्वारा 30 मई 2020 को वरिष्ठ उपनिरीक्षक कोटद्वार को प्रेषित पत्र में बताया गया कि तहसीलदार कोटद्वार द्वारा उक्त से भू राजस्व वसूल करने की कार्यवाही की गयी किन्तु उनके अवगत कराया गया कि वाहन स्वामी बाहर रहने की दशा में उनसे वसूली की कार्यवाही की जाना सम्भव नही हो पा रही है । वसूली कार्यवाही न होने से उक्त मशीन को कुर्क कर नीलामी से वसूली की कार्यवाही की जानी थी किन्तु मौका स्थल पर उक्त मशीन नदारद पायी गयी जिस कारण कुर्की की कार्यवाही नही हो पायी है ।अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस के यहां से यह मशीन चोरी हो गई है या पुलिस द्वारा अपनी मर्जी से यह मशीन छोड दी गई है ।खैर जो भी कारण हो इसमें पुलिस की लापरवाही साफ नजर आ रही है ।यदि मशीन चोरी होती तो पुलिस द्वारा चोरी का मुकदमा दर्ज होना चाहिये था ।
उपजिलाधिकारी ने अपने पत्र में लिखा कि आप विज्ञ है कि उक्त अवैध खनन पर पकड़े गयी मशीन को पूर्व में दिनांक 02 अगस्त 2019 को आपकी सुपर्दगी में प्राप्त कराया गया था । वसूली की कार्यवाही हेतु जिला कार्यालय से बार बार अनुस्मारक पत्र प्राप्त हो रहे है । इस सम्बन्ध में पूर्व में भी आपको अनेक बार अवगत कराया गया है ।उपजिलाधिकारी द्वारा एसएसआई कोटद्वार को भेजे गये पत्र में बताया कि अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि 03 दिन अन्दर आपकी सुप्र्दगी में की गयी पोकलैंड मशीन को तहसील परिसर में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें जिससे नियमानुसार कुर्की की कार्यवाही की जा सके ।
जानकारी के अनुसार बताते चले कि 02 अगस्त 2019 को खोह नदी में बिना अनुमति के चैनेलाईजेशन में लगी पोकलैंड को पुलिस के सुपुर्द किया था । अवैध खनन में पकड़ी गयी पोकलैंड के वाहन स्वामी मोहित कुमार पुत्र सतपाल निवासी मंडी धनोरा जिला अमरोहा पर जिलाधिकारी गढ़वाल द्वारा 2,15,120 रूपये का अर्थ दण्ड लगाया गया था ।लेकिन अभी तक पोकलैंड के मालिक द्वारा अभी तक अर्थदण्ड खनिज फाउन्डेशन न्यास पौड़ी के खाते में जमा नही कराया गया ।
प्रशासन द्वारा बिना अनुमति के खोह नदी के गूलर पुल के समीप चैनेलाइज का कार्य कर रहे एक पोकलैंड मशीन पर कार्रवाई करते हुए सीज कर दिया था ।जिसके बाद सीज की गयी पोकलैंड मशीन को प्रशासन ने पुलिस के हवाले कर दिया था । मामले में उपजिलाधिकारी ने कोतवाली में तैनात एसएसआई को नोटिस भेजकर मशीन की वर्तमान स्थित की जानकारी मांगी है ।मामले में उप जिलाधिकारी ने अपने पत्र में बताया है कि दो अगस्त को 2019 को पोकलैंड मशीन पुलिस की सुपुर्दगी में की गई थी ।19 नवम्बर को पोकलैंड मशीन के वर्तमान स्थिति से अवगत कराए जाने हेतु पुलिस को पत्र लिखा गया, लेकिन पुलिस ने मशीन के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी । वहीं, अब एसडीएम ने कोटद्वार कोतवाली में तैनात एसएसआई को नोटिस भेजकर मशीन की वर्तमान स्थित की जानकारी मांगी है ।सूत्रो की माने तो शनिवार(आज) को अर्थदंड भुगत लिया गया है किंतु मशीन का अभी तक भी पता नही चल पाया है ।
उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा ने बताया है कि मामला साल 2019 का है ।जब नदी क्षेत्र में कार्य करते हुए एक पोकलैंड मशीन को सीज किया गया था ।कार्रवाई के बाद मशीन को पुलिस की सौंप दिया गया था ।उसी दौरान मशीन स्वामी के ऊपर प्रशासन द्वारा जुर्माना लगाया गया था ।जुर्माना न देने के क्रम में स्वामी पर आरसी भी काटी गयी थी, इसमें एक लाख की वसूली अभी तक हो चुकी थी, मामले में अगामी 15 दिनों बाकी धनराशि की वसूली के आदेश जारी कर दिए गए हैं ।




