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कोटडीढांग वार्ड नंबर तीन में बंदरों ने लोगों पर हमला करना शुरू किया,तीन लोग घायल

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 कोटडीढांग वार्ड नंबर तीन में बंदरों ने लोगों पर हमला करना शुरू किया,तीन लोग घायल

कोटद्वार। सनेह पट्टी के नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नं 3 कोटडीढांग में जंगली बंदरों के हमलों से क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। हालात इतने ज्यादा बदतर हो गए हैं कि बंदर घरों में काम कर रहे लोगों को हमला कर घायल कर रहे हैं। कोटडढांग निवासी रामपाल सिंह गुसाईं ने बताया कि वे जब दोपहर को अपने घर के बारामदे में घरेलू कार्य में लगे हुए थे तो अचानक पीछे से आकर बंदर ने उनके पांव में दांतो से काटकर उन्हें घायल कर दिया। वहीं कोटडढांग के पोस्ट आफीस में डाकरनर का काम करन वाले रमेशचन्द्र की पत्नी को सब्जियों की गुड़ाई के दौरान हमला कर कपड़े फाड़ दिए और घायल कर डाला। बात यहीं खत्म नहीं हुई दूध का व्यवसाय करने वाले विल्लू के परिजनों को बंदरों को भगाने के दौरान बंदरों के जबाबी हमले में स्वयं के घर में घंटों कैद कर बंदरों ने घर के बाहर जमघट लगाकर पहरा लगा दिया,जिस कारण परिवार के लोग घर में कैद होने को विवस हो गए। पीडीतों ने बताया कि उन्होंने सनेस कोटड़ी रेंज में मौखिक शिकायत की परन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई। बताते चलें कि कुछ दिनों में स्कूली बच्चों की परीक्षाएं शुरू होने वाली है,अगर बंदरों का यही आंतक रहा तो स्कूली बच्चे परीक्षाओं से भी वंचित हो जाएंग। इसलिए वन विभाग और नगर निगम मिलकर लोगों को आंतकवादी बंदरों के आंतक से शीघ्र निजात दिलाने की कार्यवाही शुरू करे।

कोटडीसैण, डाबर क्षेत्र में जंगली सुअरों ने गेहूं की फसल रौंदी

रिखडीखाल विकास खंड के कोटडीसैण,डाबर मे सुवरों ने तबाह की गेहूं की फसल

रिखडीखाल। जंगली जानवर लगातार किसानों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। किसानों की जी-तोड़ मेहनत को जंगली जानवर आए-दिन तबाह कर रहे हैं जिसके कारण किसान रोजी-रोटी के एड़ियां घिसटने को विवश है।ऐसा ही मामला रिखडीखाल ब्लॉक के ग्राम कोटडीसैण,डाबर का है जहां जंगली सुअरों ने किसानों की तैयार गेहूं की फसल रौदकर बर्बाद कर रख दी है। क्षेत्र के किसानों के अनुसार वे रात-भर जगकर जंगली सुअरों को भगाने में लगे रहते हैं लेकिन जंगली सुअर कई कोशिशों के बाद भी किसान अपनी जी-तोड़ मेहनत से तैयार फसल को नहीं बचा पा रहे हैं। किसानों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि वह किसानों को जंगली जानवरों और सुधरों से निजात दिलाए और किसानों को पलायन करने से बचाए।

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