कुमाऊँ की होली, खूब खिला होली का रंग कोटद्वार में
कीर्तन मंडली, महिला मंगल दल, लोक कलाकारों और स्थानीय कुमाऊनी लोगों खूब जमाया होली का रंग
उपजिलाधिकारी, एएसपी और डीएफओ भी रंगे होली के रंग में
कोटद्वार. रंगों का त्यौहार होली भारतीय त्यौहारों में अपने अनोखे रंग बिरंगे रंगों, फागुनी मौसम और बसंती फूलों की सुंदरता और खुशहाली के लिए जाना जाता है. कहा जाता है कि यह त्यौहार वर्षों पुरानी दुश्मनी और बुराई को दूर करने का त्यौहार है, भेदभाव मिटाने और आपसी मतभेद दूर करने का भी त्यौहार है.
होली के इस पावन त्यौहार को कोटद्वार में स्थानीय कुमाऊनी लोगों के संगठन ” कुमाऊनी सामाजिक, सांस्कृतिक मैत्री संगठन ” द्वारा कुमाऊनी होली मिलन का आयोजन बलभद्र पुर कोटद्वार में आयोजित किया. होली मिलन समारोह में कुमाऊनी कीर्तन मंडली व महिला मंगल दलों की कुमाऊनी वेशभूषा की अनोखी छटा ने कोटद्वार में पूरा कुमाऊनी परिवेश तैयार कर दिया, स्थानीय नागरिकों को यह रंगरुप कार्यक्रम में जमे रहने को विवश कर गया.
कार्यक्रम में कोटडीढांग सनेह की नव दुर्गा कीर्तन मंडली का नेतृत्व हिमानी बजेटा व तुलसी अधिकारी, लछमपुर कलालघाटी से पार्वती महिला मंगल कीर्तन मंडली का नेतृत्व श्रीराम पुर सिगड्डी से महालक्ष्मी कीर्तन मंडली का नेतृत्व माया जलाल एवं चंद्रा अधिकारी, व शिवराज पुर मोटाढांग से गढ कुमाऊँ महिला मंगल दल ने कुमाऊनी होली गीतों से दर्शकों को अपने होली गीतों की प्रस्तुतियों के रंगों से सरोवार कर दिया. वही उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, डीएफओ दिनकर तिवारी और एएसपी शेखर सुयाल की संयुक्त कुमाऊनी होली ” जल कैसे भरूँ यमुना गहरी…. ” जैसे गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिया. सबसे अनोखा अनुभव स्थानीय लोगों तब हुआ जब तीनों अधिकारी होली गीतों में स्थानीय लोगों के साथ नाचने गाने लगे.
कार्यक्रम में स्थानीय आकाशवाणी लोक गीतकार संभव अधिकारी के संगठन के उद्देश्य पर लिखी कुमाऊनी कविता – “कुमाऊनी सामाजिक सांस्कृतिक मैत्री संगठन एकता, प्रेम,सौहार्दक मंच छू,अपिण बोली, भाषा,रीति-रिवाज बचौणक मंच छू’‘ के साथ, “हाय तेरी रूमाला गुलाबी मुखडी” कुमाऊनी लोकगीत ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया. कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के आकाशवाणी/दूरदर्शन के लोक कलाकार दयाशंकर फुलारा, लोक गायिका गीता नेगी, आर्गन पर दीपक, ढोलक पर दीपक पाल, तबले पर राजा की टीम द्वारा “मेरौ रंगीलौ देवर घर ए रौ छौ” सहित होली गीतों की प्रस्तुति ने जमकर रंग जमा दिया व कार्यक्रम को यादगार बना दिया.
कार्यक्रम का प्रारंभ उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, डीएफओ लैंसडाउन दिनकर तिवारी, एएसपी कोटद्वार पौड़ी शेखर सुयाल द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम में वयोवृद्ध पूर्व प्रधानाचार्य, सामाजिक सांस्कृतिक व साहित्यकार गणेश सिंह अधिकारी ने अपने कुमाऊनी स्वलेखन की कविता पाठ कर कुमाऊँ की याद तरोताज़ा कर दी. कार्यक्रम का संचालन, संगठन के सांस्कृतिक सचिव सुधीर पांडे, मीना अधिकारी व पुष्कर पवार”पदम” ने संयुक्त रुप से किया. कार्यक्रम में व्यवस्था बनाने में अध्यक्ष हुकुम सिंह नेगी, संरक्षक शंकरदत्त जोशी, पूरन सिह अधिकारी, जगदीश पांडे, पूरन तिवारी, पान सिह अधिकारी, कुंदन सिह नेगी, राजेन्द्र सिंह नेगी, राम सिह, सोवन सिह, शोभेन्द्र जोशी, कुबेर जलाल,विरेंद्र पाल सिंह बिष्ट, नीरज तिवारी, भाष्कर पोखरिया, साइबर क्राइम प्रभारी कोटद्वार, राजेन्द्र सिंह खोलिया, सनेह चौकी प्रभारी संजय रावत, कैलाश सहित संगठन सदस्यों ने भरपूर सहयोग दिया.



