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बेतालेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा श्यामपुर कांगड़ी में

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 बेतालेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा श्यामपुर कांगड़ी में 

मानव कल्याण के लिए आश्रम की स्थापना


महंत श्री बेतालेश्ववर महाराज रजनीशानंद  गिरी जी

हरिद्वार महाकुंभ के अवसर पर शिवरात्रि पर्व के दौरान हरिद्वार जिले के श्यामपुर कांगड़ी में थराली बेतेलेश्वर महादेव के महंतश्री रजनीशानंद गिरी के सानिध्य और आशीर्वाद से बेतेलेश्वर महादेव के मंदिर और आश्रम के लिए नर्मदा नदी से लाएं गए शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की गई।

महंत रजनीश आनंद महाराज जी के साथ स्वामी जसवंत गिरी जी महाराजजी शिवलिंग के लिए स्थान बनाते हुए

इस अवसर पर बेतेलेश्वर महादेव के महंत रजनीशानंद, स्वामी महाराज जसवंत गिरी जी महाराज, महाराज राघवानंद जी राघव, राजस्थान वाले, त्रिलोक गिरी जी महाराज, अल्मोड़ा दन्या के सिद्धेश्वर पीठ के महाराज प्रेम गिरी जी महाराज,बाल साध्वी  सिद्धि गिरी जी महाराज, मौके पर मौजूद रहे और प्राण प्रतिष्ठा में सहयोग किया।

हवन यज्ञ करते हुए महाराज जी के भक्त

शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा रुद्रप्रयाग जिले के आचार्य पंडित राजेश तिवारी द्वारा प्राण प्रतिष्ठा के मंत्र उपचार के साथ हवन यज्ञ कर किया गया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। भंडारे में सहयोग देने वाले अरविंद त्यागी प्रधान, देवी दत्त उनियाल, थराली से, उषा रावत, भोला भंडारी, विमला शर्मा, थराली निवासी, गणेश कोठारी, राम सिंह बुटोला सहित पुष्कर पवार, पंकज सजवान जसपाल दानू भी इस मौके पर मौजूद रहे। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा आरंभ में आश्रम के भूमि पूजन के अवसर पर महंत रजनीशानंद गिरी जी ने अपने उद्बोधन में बताया कि  आश्रम स्थापना  उनके मन में पिछले महाकुंभ के दौरान यह विचार आया कि दूरदराज और पहाड़ों से आने वाले भक्त कुंभ के दौरान जगह-जगह भटकते हैं उन्हें रहने खाने-पीने की काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है,अपने अनुयायियों, भक्तों के सहयोग से उन्होंने हरिद्वार के आसपास आश्रम बनाने का विचार अपने भक्तों को दिया। जिसमें उनके भक्तों द्वारा उन्हें सहयोग कर आश्रम के लिए श्यामपुर कांगड़ी में भूमि उपलब्ध करवाई।  2021शिव विवाह के पावन अवसर पर शिवरात्रि पर्व में शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनके स्वप्न को पूरा करवाने का कार्य पूर्ण हुआ। अब दूर दराज से आए लोगों को, उनके अनुयायियों को, भक्तों को जगह-जगह भटकने के बजाय आश्रम में स्थान दिया जाएगा, उनके खाने खाने पीने रहने  की व्यवस्था का हर संभव प्रयास किया जाएगा।  सनातन धर्म की स्थापना, सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातन धर्म को मजबूत करने का भी प्रयास किया जाएगा। भोले शंकर के पर्व शिवरात्रि के अवसर पर उनके इष्ट देव ने उन पर कृपा दृष्टि और आशीर्वाद देकर इस मंदिर और आश्रम को बनाने का आशीर्वाद दिया। शिव विवाह के इस अवसर पर निश्चित रूप से भविष्य में श्रद्धालुओं, भक्तों के लिए बेतालेश्वर मंदिर और आश्रम विशेष स्थान रखेगा। उनका प्रयास होगा कि आश्रम में समाज सेवा, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएं भी भक्तों के सहयोग से जुटाई जाएंगी।

  

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