कौन लगा रहा विधानसभा अध्यक्ष की आवारा गौवंश को कोटद्वार से सुरक्षित बाहर निकालने की योजना पर पलीता…..?
पार्टी और संगठन के आस्तीन के सांपों ने कोटद्वार विधायक और विधानसभा अध्यक्ष की राजनीति को दागदार करने के लिए विछाया जाल
कोटद्वार भाजपा वनाम आर एस एस का राजनीतिक संग्राम बनाने का कूटनीतिक दुष्चक्र कोटद्वार विधानसभा में शुरू
कोटद्वार से आवारा पशुओं को हटाने के विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों को नहीं पचा पा रहे गौसेवा के नाम पर चला रहे संगठन
कोटद्वार विधानसभा में काफी लंबे समय से आवारा गोवंश स्थानीय लोगों सहित किसानों के लिए भारी मुसीबत बने हुए हैं। पिछले कई सरकारों ने गोवंश के नाम पर जिस प्रकार राजनीति कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का काम किया परंतु आवारा गोवंश कोटद्वार के लिए फिर भी मुसीबत बना रहा ऐसे में वर्तमान भाजपा सरकार मैं कोटद्वार से विधायक और राज्य की विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी ने अपने कार्यकाल में एक सराहनीय पहल आवारा गोवंश को कोटद्वार से अन्यत्र शिफ्टिंग करने के लिए चलाई थी। लेकिन कोटद्वार के किसानों और नागरिकों का दुर्भाग्य कहें या विधानसभा अध्यक्ष की मेहनत पर लगने वाली बद्किस्मती..! जिसे कोटद्वार विधानसभा अध्यक्ष की आवारा पशुओं को शिफ्टिंग करने की योजना को फलीभूत नहीं होने दिया जा रहा। कहने को तो कोटद्वार व जिले में गौ सेवा के नाम पर संगठन चलाने वाली संस्थाएं मौजूद हैं, वहीं नगर निगम ने भी पूरे जोर-शोर से एक गौशाला बनाई परंतु आज तक उस गौशाला का संचालन सुचारू नहीं कर पा रही। नगर निगम कोटद्वार का पूरा बाजार क्षेत्र और नगर क्षेत्र जहां आवारा गोवंश से अटा पड़ा है वही नगर निगम में शामिल ग्रामीण क्षेत्र के किसान रात रात भर जग कर खेतों की रखवाली इन आवारा गोवंश से कर रहे हैं। वर्तमान में कोटद्वार से विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से कई सौ गोवंश को गैंडीखत्ता पशुलोक आश्रम में भेज दिया गया है। लेकिन कुछ दिनों से फिर शहर और गांव के आसपास, बाहरी राज्यों आवारा गोवंश की बहुतायत बता रही है कि विधानसभा अध्यक्ष की एक सराहनीय पहल के पीछे क्या उनकी पार्टी के आस्तीन के सांप हैं ..? या फिर वे गौ सेवा संगठन चलाने वाले संस्थान जो अब तक गौ सेवा के नाम पर लाखों रुपए हजम करते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों ही पक्ष विधानसभा अध्यक्ष की छवि के पीछे पूरे राशन पानी लेकर पढ़े दिखाई देते हैं। जिस प्रकार विधानसभा अध्यक्ष ने अब तक अपनी पार्टी के आस्तीन के सांपों को अपने से दूर रखने का प्रयास किया अब यह आस्तीन के सांप लगता है जहर वरना शुरू कर चुके हैं। सबसे बड़ा साथ इन आस्तीन के सांपों को लगता है गौ सेवा के नाम पर राजनीति करने वाले संगठनों का मिला है। वही बताया जा रहा है कि इसमें एक स्थानीय गौ सेवा के नाम पर राजनीति करने वाले का इन लोगों पर अपना आशीर्वाद बनाया हुआ है। अब देखना यह है कि कोटद्वार विधानसभा अध्यक्ष अपने गौ सेवा मिशन के तहत आवारा पशुओं को कोटद्वार से अन्यत्र शिफ्टिंग करने में कामयाब होती है या अपने आस्तीन के सांपों के जाल में उलझ कर अपनी राजनीतिक अखाड़े में धोबी पाट का शिकार होती है।

