सरकार द्वारा आरअीआई के अंतर्गत गढ़वाल मंडल के इनक्यूबेट्स को 42 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति
पौड़ी जनपद में 19 इनक्यूबेट्स को लगभग डे़ढ़ करोड़ की धनराशि की स्वीकृति
ग्रामीण विकास विभाग उत्तराखण्ड अन्तर्गत संचालित इस कार्यक्रम के माध्यम से आकांक्षी और उद्यमियों को समर्थन और सशक्त बनाना प्रारंभिक चरण की व्यावसायिक संस्थाओं को उनके विचारों को साकार करने में मदद दी जाती हैै साथ ही नए विचारों का पोषण करने, उन्हें टिकाऊ व्यवसायों/स्टार्ट-अप में बदलने के लिए तैयार किया जाता है। कार्यक्रम के अन्तर्गत इनक्यूबेटर को नवाचार मूल्यांकन से लेकर सलाह, कोचिंग और मार्केटिंग तक सहायता उपलब्ध करायी जाती है। इसमें युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, सामाजिक रूप से वंचित समूहों (एससी/एसटी/महिला/अल्पसंख्यक) को प्राथमिकता को दिये जाने, एक गतिशील सलाहकार पूल प्रदान करने के साथ-साथ प्रत्येक संभावित व्यावसायिक योजना को सफल बनाने के लिए अनुकूलित योजनाएं और रणनीतियाँ तैयार की जाती है।
इस कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2024 में गढ़वाल मण्डल के 7 जनपदों के इनक्यूबेट्स के अबतक 5673 आवेदन प्राप्त हो चुके है जिनमें से 25 प्रतिशत आवेदन ऑन बोर्डिंग है। 1393 ऑन बोर्ड आवेदनों में से 129 इनक्यूबेट्स पर अबतक सरकार द्वारा कुल 42 करोड़ की धनराशि स्वीकृति की जा चुकी है। जनपद पौड़ी में कुल 880 इनक्यूबेट्स में से 275 ऑन बोर्डिंग है। जिसमें से 19 इनक्यूबेट्स (3 एमएसवाई, 01 पीएमईजीपी, 01-एआईएफ, 03 डीडीजीएवीवाई तथा 11 पीएमएफएमई) आवेदनों पर लगभग 01 करोड़ 40 लाख की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निस्तारण तत्काल करें: जिलाधिकारी
पौड़ी। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में एनआईसी कक्ष में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 की शिकायतों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
जिलाधिकारी ने ऐसे विभाग जिनकी 36 दिन से अधिक समय की शिकायतें लंबित हैं उनको सक्त चेतावनी देते हुए तत्काल शिकायतों के त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिये। वहीं जल संस्थान पौड़ी, पेयजल निगम कोटद्वार व पेयजल निगम-2 कोटद्वार और उरेड़ा विभाग द्वारा अधिक समय से सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निस्तारण नहीं किये जाने पर जिलाधिकारी से संबंधित अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण कर संबंधित शिकायतकर्ता से उसकी जानकारी भी दें। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिये कि तहसील दिवस में तहसील स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को भी सी0एम0 हेल्पलाइन 1905 में शामिल करते हुए उनका भी समय से निराकरण करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तहसील दिवस व बीडीसी बैठक में जो समस्या आमजनमानस द्वारा रखी जाती है उनका निस्तारण मौके पर ही करें।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट अनामिका, प्रशिक्षु आईएएस दीक्षिका जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, आबकारी अधिकारी पीके सिंह, स्वजल अधिकारी दीपक रावत सहित उपजिलाधिकारी व अन्य विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।