मेनू
News

नगद दीपावली माल व आनलाईन की उधार की स्थानीय बाजार की

Reporter
रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 नगद दीपावली माल व आनलाईन की, उधार की स्थानीय बाजार की 

  कोटद्वार। भारतीय लोगों का सर्वाधिक लोकप्रिय और खर्चिला त्यौहार और व्यापारियों का डबल त्यौहार दीपावली आधुनिकता के साथ रंग बदलता दिखाई देने लगा है। लोक संवाद टुडे ने जब बाजार में भ्रमण कर दीपावली पर्व पर अपना निजी सर्वे किया तो पता चला कि बाजार की स्थिति बद से बद्तर हो रही है। गरीब से अमीर उपभोक्ताओं को कोटद्वार में खुले नये नये माल जबरदस्त तरीके से आकर्षित कर रहे हैं,माल संस्कृति से जुड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों में उपहारों और बाजार से कम कीमतों पर सामान मिल रहा है वही स्थानीय बाजार में बाजार में उन्ही सामानों की कीमतों में काफी कमी के साथ अंतर है। उपभोक्ताओं का रूझान चाहे वह गरीब हो या अमीर माल और आनलाईन बाजार पर फोकस हो रहा है।

   यहां गौर करने वाली बात यह है कि जो उपभोक्ता पहले स्थानीय बाजार से खरीदारी करता था , अधिकांशतः वह उधार या जानपहचान, रिश्तेदारी और मित्रता पर व्यवहार करता था। दुकानदार भी उधारी, मित्रता और रिश्तेदारों के आधार पर व्यवहार कर व्यापार करता था। अधिकांश दुकानदारी स्थानीय व्यापारियों की उधार पर निर्भर थी। माल और आनलाईन संस्कृति के बाजार की बढ़ती लोकप्रियता ने स्थानीय व्यापारियों को बहुत नुक्सान पहुंचा दिया,उसका मुख्य कारण आनलाईन और माल संस्कृति के बाजार में वस्तुओं का कीमतों में गिरावट होना।

  उपभोक्ताओं की सोच का और मानसिकता का अनोखा अनुभव अब देखने को मिल रहा है। जो उपभोक्ता स्थानीय बाजार से उधार में खरीदारी कर अब तक अपना काम कर रहा था वही उपभोक्ता माल और आनलाईन संस्कृति आने के बाद नगद में खरीदारी कर रहा है। माल और आनलाईन संस्कृति बाजार 2 से 3 प्रतिशत पर व्यापार कर रही है वहीं स्थानीय व्यापारियों को को 5 से 20 प्रतिशत पर व्यापार करना ह़ोता है,कुछ दुकानदार किराएदार होते हैं तो कुछ स्वयं मालिक। प्रतिशत उसी आधार पर निर्भर करता है। स्थानीय व्यापारी स्थानीय डीलर से खरीदारी कर व्यापार करता है जबकि माल और आनलाईन बाजार सीधा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से खरीदारी कर व्यापार।

  लोकसंवाद टुडे सभी उपभोक्ताओं से अपील करता है कि समाज में भाईचारा, रिश्तेदारी और मित्रता निभानी है तो स्थानीय व्यापारियों को सहयोग करें जो दुख सुख और विपत्ति में में भी आपके साथ खड़े रहेंगे,माल और आनलाईन संस्कृति बाजार आपको दुःख सुख और विपत्ति में कहीं सहयोग देने के स्थिति में नहीं है। इसलिए अपने दुख सुख के साथी को पहचान कर दीपावली की खरीदारी कर खुशहाल दीपावली बनाएं।

लोक संवाद टुडे परिवार की ओर से सभी देशवासियों को दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं और बधाइयां। माता लक्ष्मी और कुबेर देवता सभी को खुशहाल, निरोगी  और संपन्न बनाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

संबंधित खबरें