अतिक्रमणकारियों को मिला कोटद्वार के प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का समर्थन
कांग्रेस नगर अध्यक्ष ने भी दिया खुला समर्थन
हाईकोर्ट के आदेशों को नहीं मानते कोटद्वार के नगर क्षेत्र के अतिक्रमणकारी
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के आह्वान पर कोटद्वार के व्यापारियों का बंद सफल ,
कोटद्वार नगर निगम आयुक्त पर अतिक्रमण हटाने और उच्च न्यायालय के आदेशों को पूरा करने का बड़ा दबाव
नगर आयुक्त कोटद्वार की बड़ती जा मुसीबतें, पूर्व में जिलाधिकारी पौड़ी भी संतुष्ट नहीं नगर आयुक्त की कार्यशैली से, शहरी विकास मंत्रालय मे कर चुके अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिए लिखित शिकायत।
कोटद्वार। तमाशा..! तमाशा.! कैसा तमाशा,किस बात का तमाशा…! तो आइए बताते हैं – मामला कोटद्वार में गोखले मार्ग बाजार से जुडा है। कोटद्वार और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पता है कि कोटद्वार गोखले मार्ग को अतिक्रमण से खाली करने के लिए नगरपालिका, नगरनिगम और कोटद्वार प्रशासन को आजादी की लड़ाई की तरह जंग लड़नी पड़ रही है। गजब तो यह है कि अंग्रेजों की तरह ही गोखले मार्ग बाजार के अतिक्रमणकारी खूंटे गाड़कर जमें हुए हैं।
नगर निगम बनने के बाद से अतिक्रमण हटाने और रोकने को लेकर नगरनिगम, प्रशासन और न्यायालय और अतिक्रमणकारियों के बीच शह-मात और चूहे बिल्ली की तरह जंग चल रही है। पिछले पांच सालों में इस जंग को अतिक्रमणकारियों द्वारा अभी तक अपने पाले में बनाए रखा है। क्योंकि अतिक्रमणकारियों को न तो न्यायालय का डर है, प्रशासन और नगर निगम उनके तलवे चाटते नजर आता है।
सोमवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल कोटद्वार के आह्वान पर व्यापारियों ने बंद का आयोजन किया जिसका राजनीतिक समर्थन कोटद्वार कांग्रेस नगर अध्यक्ष द्वारा भी खुल्लम खुल्ला किया गया , जिससे पता चलता है कि अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक दलों का भरपूर समर्थन है वहीं अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस देखिए माननीय न्यायालय सहित प्रशासन और नगर निगम को अपनी जेब में रखने का दम भरते हैं। जबसे कोटद्वार नगर निगम बना है तबसे पूर्व नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी के अलावा कोई प्रशासनिक विशेषज्ञ अधिकारी कोटद्वार नगर निगम में नहीं आया जो कानूनी दायरे में कार्यवाही करने में सक्षम हो। वैसे ही स्थिति उपजिलाधिकारियों की भी है। गजब तो यह है कि कोटद्वार नगर क्षेत्र बाजार के अतिक्रमणकारी न्यायालय के आदेशों को भी ताक पर रखने से बाज नहीं आ रहे।
कोटद्वार के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद का असर
व्यापारियों व अतिक्रमणकारियों का विरोध प्रदर्शन
वहीं व्यापारियों और अतिक्रमणकारियों के बंद को पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार द्वारा समर्थन नहीं देने का निर्णय लिया और उपजिलाधिकारी और नगर आयुक्त से गोखले मार्ग बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने का समर्थन किया, साथ ही कहा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्यवाही न होने पर पूर्व सैनिक संघर्ष समिति जबरदस्त आंदोलन तब तक चलाएगी जब गोखले मार्ग सहित बाजार का अतिक्रमण समाप्त नहीं हो जाता।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में नगर क्षेत्र के अतिक्रमणकारी फिर से न्यायालय, प्रशासन और नगर निगम पर भारी पड़ते हैं या फिर सांप गुजरने के बाद लकीर पीटते रहेंगे…!



