मेनू
News

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के 5747 लाभार्थियों को 6 करोड़ 95 लाख 73 हजार रुपये की सहायता राशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजनान्तर्गत लाभार्थियों को रू० 3000/- प्रतिमाह की दर से रू0 695.73 लाख की धनराशि का PFMS के माध्यम से डिजीटल हस्तान्तरण

 ‘बुआ’ हमेशा आपके साथ है, मेरे दिल और मेरे घर के दरवाजे आप बच्चों के लिए हमेशा खुले है: बुआ रेखा आर्या

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के 5747 लाभार्थियों को मार्च 2024 से जून 2024 तक (चार माह) की 06 करोड़ 95 लाख 73 हजार रुपये की सहायता राशि का डिजिटल माध्यम से किया गया हस्तांतरण

देहरादून: कोरोनाकाल में कोरोना महामारी समेत अन्य बीमारियों से माता-पिता व संरक्षक खो चुके बच्चों की देखभाल एवं पुनर्वास के लिए सरकार गंभीरता से जुटी है। इस कड़ी में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के 5747 लाभार्थियों को उनके बैंक खातों में मार्च 2024 से जून 2024 तक (चार माह) की 06 करोड़ 95 लाख 73 हजार रुपये की सहायता राशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया। इस योजना में ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक तीन हजार रुपये प्रतिमाह सहायता राशि देने का प्रविधान है।

 बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने धनराशि के ट्रांसफर पर मुख्यमंत्री धामी का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। कहा कि धामी जी मामा और स्वयं वह बुआ के रूप में बच्चो के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य कर रहे है। राज्य सरकार लगातार बच्चों के हितों के लिए काम कर रही है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारे बच्चों को यह चिंता करने की जरूरत नही है कि अब उनका क्या होगा, क्योंकि वह स्वयं एक अभिभावक के रूप में उनके साथ खड़ी है। उनका प्रयास रहेगा कि हर बच्चे को इसका लाभ मिले इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया है और सभी को अपनी जिम्मेदारी का बखूबी पालन करने को भी कहा गया है।

रेखा आर्या ने कहा कि योजना के तहत अनाथ बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के जरिये दी जा रही है, साथ ही ऐसे बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा, खाद्य सामग्री, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधा, शासकीय सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण समेत अन्य प्रावधान भी किए गए हैं।

वहीं बुआ रेखा आर्या ने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मैं आप सभी को भरोसा दिलाती हूं कि आपकी ये ‘बुआ’ हमेशा आपके साथ है। कहा कि रेखा आर्या भले ही मंत्री हैं लेकिन आपके लिए आपकी बुआ हैं… और मेरे दिल और मेरे घर के दरवाजे आप बच्चों के लिए हमेशा खुले है आप जब चाहें तब अपनी बुआ के घर आ-जा सकते हैं। आपने कोई अच्छी पेंटिंग बनाई या कोई पुरस्कार जीता तो आप मुझे बता सकते हैं। आपकी खुशी में मेरी खुशी है।

इस दौरान निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास प्रशांत आर्य, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मोहित चौधरी,उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता समेत अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे!

संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि 
कान्ट्रेक्ट प्रशिक्षिकों का चयन/ कान्ट्रेक्ट आधार पर 3 वर्ष के लिए

 कार्यकाल के दौरान एक माह का ब्रेक भी दिया जाएगा 

प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से राज्य की प्रतिभाओं को निखारा जाएगा 

  अन्तर्राष्ट्रीय एवं  राष्ट्रीय  स्तर के खिलाड़ी शिविर में होंगे तैयार-रेखा आर्या

देहरादून:खेल विभाग के अन्तर्गत विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने हेतु “संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि एवं चयन प्रक्रिया के निर्धारण हेतु शासन द्वारा शासनादेश जारी किया गया है। विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री  को इस निमित्त धन्यवाद ज्ञापित किया। खेल विभाग द्वारा राज्य के लगभग सभी जनपदों में विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने हेतु कान्ट्रेक्ट प्रशिक्षकों की तैनाती की जाती रही है। पूर्व में कान्ट्रेक्ट प्रशिक्षकों को विभाग द्वारा एक नियत मासिक मानदेय पर एक वर्ष हेतु तैनात किया जाता था नवीन शासनादेश में उक्त अवधि को बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। पूर्व में संविदा खेल प्रशिक्षकों को 06 श्रेणियों में क्रमशः रु० 12,000.00, रु० 15,000.00, रु० 20,000.00, रु0 25,000.00, रु० 35,000.00 एवं रु0 45,000.00 प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था नवीन शासनादेश में 06 श्रेणियों को कम करते हुए 03 श्रेणियां बनाई गई हैं तथा कई श्रेणियों के मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए क्रमशः रु० 25000.00, रु0 35000.00 एवं रु0 45000.00 कर दिया गया है।

उक्त खेल प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न खेलों में वर्षभर खिलाड़ियों हेतु कोचिंग के साथ-साथ प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जायेंगे और राज्य की प्रतिभाओं को निखार कर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। इस शासनादेश में चयनित होने वाले प्रशिक्षक ने यदि एनआईएस पटियाला अथवा इससे सम्बद्ध अन्य संस्थान अथवा लक्ष्मीबाई नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ फिजीकल एजुकेशन, ग्वालियर/अन्य विश्विद्यालय से नियमित कोर्स को पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजीडीएससी) डिग्रीधारी / डिप्लोमाधारी प्रशिक्षकों अथवा ओलम्पिक गेम्स/वर्ल्ड कप/वर्ल्ड चैंपियनशिप / कॉमनवेल्थ गेम्स/एशियाई गेम्स/सैफ गेम्स/एफो एशियन गेम्स में पदक विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ी होने के दशा में रु0 45000.00 प्रतिमाह मानदेय, अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं एशियन चैंपियनशिप / सैफ चैंपियनशिप / कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप / वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स/वर्ल्ड पुलिस गेम्स / वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में पदक विजेता एवं प्रतिभाग खिलाड़ी अथवा राष्ट्रीय खेल/सीनियर नेशनल में पदक प्राप्त कर चुके खिलाड़ी होने की दशा में रु0 35000.00 तथा सीनियर नेशनल में प्रतिभाग/ऑल इण्डिया इन्टरयूनिवर्सिटी गेम्स में पदक विजेता एवं प्रतिभाग खिलाड़ी/सीनियर नॉर्थ जोन प्रतियोगिता में पदक विजेता / प्रतिभाग / जूनियर / कैडेट / सब जूनियर नेशनल में पदक/ स्कूल नेशनल गेम्स में पदक/भारतीय सेना में सर्विसेज में पदक/अखिल भारतीय पुलिस गेम्स में पदक/एन.आई.एस. पटियाला अथवा इससे सम्बद्ध संस्थान अथवा अन्य विश्विद्यालय से छः माह को सर्टिफिकेट कोर्स इन स्पोर्टस कोचिंग होने की दशा में रु0 25000.00 प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। 

विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि होने से खिलाड़ियों की संख्या एवं प्रशिक्षण में अधिकाधिक बढ़ोतरी होगी और उत्तराखण्ड के खिलाड़ी खेलों के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य की तैयारी कर सकेंगे।साथ ही खेल मंत्री ने कहा कि आज इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है ।इससे अब निश्चित रूप से हमारे खिलाडियों को प्रशिक्षण देने वाले संविदा पर काम करने वाले कोच अब दुगने उत्साह के साथ काम करेंगे।प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि होने से खिलाड़ियों की संख्या एवं प्रशिक्षण में अधिकाधिक बढ़ोतरी होगी और उत्तराखण्ड के खिलाड़ी खेलों के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य की तैयारी कर सकेंगे। कहा कि खेल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।जिस प्रकार उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है हमारी कोशिश है कि हम इसे खेल भूमि के रूप में विकसित करें जिस और राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

संबंधित खबरें