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राशन कार्डों का सत्यापन पार्षद और राशन डीलर के घरों और दुकानों पर, आपूर्ति विभाग नींद में

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

  राशन कार्डों का सत्यापन पार्षद और राशन डीलर के घरों और दुकानों पर, आपूर्ति विभाग नींद में 


कोटद्वार। पौड़ी जिले के कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों राशन कार्ड सत्यापन का कार्य जोरों पर जारी है। परन्तु जिस तरह राशनकार्ड का सत्यापन कर्मचारी कर रहे हैं नहीं लगता कि वास्तविक और निष्पक्षता के साथ राशनकार्डों का सत्यापन हो रहा होगा ?  कुछ दिन पूर्व ही लोक संवाद टुडे ने राशनकार्ड सत्यापन में हो रही अनियमितता का खुलासा करने का प्रयास किया था जिससे आपूर्ति विभाग और प्रशासन राशनकार्ड सत्यापन में जुड़े कर्मचारियों को को आगाह कर सके, लेकिन लगता है जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग को इससे कोई लेना-देना नहीं या फिर दोनों विभाग इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को खानापूर्ति के तौर पर देख रहे हैं। जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर  पूर्व जिला पंचायत सदस्य और किसान आलोक रावत का कहना है कि जब राशनकार्ड सत्यापन करने वाले कर्मचारियों के साथ राशन डीलर और पार्षद मिलकर बता रहे हो कि किसका कार्ड बीपीएल श्रेणी का बनाया जाना है और किसका सामान्य श्रेणी का तो प्रशासन की यह नीति गले नहीं उतरती। राशनकार्ड बनाने में जब पार्षद और डीलर की मर्जी चलेगी तो कैसे वास्तविक और जरुरत मंद व्यक्ति का राशन कार्ड बन पाएगा। वहीं रावत ने बताया कि भाबर क्षेत्र में अधिकांश सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य परिवारों के परिवार है जिन्हें या तो पूरा वेतन मिलता है या फिर इतनी पेंशन मिलती है कि वे राशनकार्ड के दायरे में नहीं आते, लेकिन राशनकार्ड उनके परिवार की महिलाओं के नाम से बने हैं इनमें कई के राशनकार्ड बीपीएल श्रेणी के बने हैं। जब राशनकार्ड आधार से लिंक हो चुका है तो क्यों आधार कार्ड को आधार बनाकर कार्डों का सत्यापन नहीं कराया जा रहा ? बात यहीं समाप्त नहीं हो जाती कुछ पार्षद तो इस कार्यक्रम को अपनी दुकान समझकर काम करवा रहे हैं। ऐसा एक मामला कोटद्वार नगरनिगम के वार्ड 5और 10 का देखने को मिला जब शनिवार को वार्ड नंबर 10 के पार्षद द्वारा अपने नजदीकी रिश्तेदारों, परिजनों के कार्डों का सत्यापन दूसरे वार्डो से बुलाकर अपने घर पर सत्यापन करवाया गया।   राशन कार्ड सत्यापन के दौरान स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 10 के लोगों के राशन कार्ड का सत्यापन वार्ड नं 5 पार्षद के घर में बैठकर अधिकारियों के द्वारा किए जा रहे है। जिस कारण राशन कार्ड सत्यापन टीम पर सवाल उठने लगे है। जब वार्ड 10 के लोगों ने आपत्ति जताई तो पार्षद और राशनकार्ड सत्यापन करने वाले कर्मचारियों को सरकारी काम में बांधा डालने में जेल में बंद कराने की धमकी देकर चुप करवा दिया। वार्ड नंबर 5 के  वासियो मिन्नी,पूजा, साहिन, मुनेश  ने प्रशासन से  मांग की राशन कार्ड सत्यापन प्रत्येक घर जा कर होनी चाहिये।जानकारी के मुताबिक राशन कार्ड सत्यापन टीम को प्रत्येक कार्ड धारक के घर जा  कर राशन कार्ड का सत्यापन करना अनिवार्य है, लेकिन क्षेत्र में घूम रही टीम एक जगह बैठ कर लोगों के राशन कार्ड का सत्यापन कर रही है। यहां बताते चलें कुछ सत्यापन करने वाली टीमों ने राशनकार्ड धारकों द्वारा सही जानकारी देने में आनाकानी करने की शिकायत जिला प्रशासन से भी की है। वहीं कुछ कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को खानापूर्ति समझकर कर रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लापरवाह और गैरजिम्मेदार कर्मचारियों पर उनके विभाग, आपूर्ति विभाग और प्रशासन की तरफ से अलग अलग कार्यवाही होनी चाहिए। जिससे आमजन को लाभ मिले और गैरजिम्मेदार कर्मचारियों को सबक। 

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