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पहाड़ के ग्रामीणों के पानी पर होटल व्यवसाहियों का कब्जा

रिपोर्टर: Author August 5, 2026
वन एवं पर्यावरण मंत्री डा0 हरक सिंह ने किया पाखरो रेंज में टाइगर सफारी का शिलान्यास
कोटद्वार। प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डा0 हरक सिंह रावत ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत गूजरस्रोत स्थित पाखरो में टाइगर सफारी का पूजा अर्चना कर विधिवत शुभारंभ किया। टाइगर सफारी का संचालन होने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद जग गयी है।पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत वन एवं पर्यावरण मंत्री डा0 हरक सिंह रावत ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग के पाखरो रेंज में टाइगर सफारी का शुभारंभ करते हुए कहा कि टाइगर सफारी का संचालन हो जाने से इस क्षेत्र में देश विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटकों की आने की संभावना बढेगी, जिससे कई लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होगे। कहा कि प्रदेश सरकार नौजवानो को रोजगार मुहैया करवाने के लिए संकल्पबद्ध है, जिसके लिए प्रदेश सरकार के द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है। इस मौके पर भाजपा नेता सुमन कोटनाला, नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रष्मि राणा, सुनीता कोटनाला, लीला कर्णवाल, पीआरओ सीपी नैथानी सहित कार्बेट टाइगर रिजर्व रामनगर के निदेशक, प्रभागीय वनाधिकारी कालागढ रिजर्व प्रभाग लैंसडौन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

पाखरौ में टाइगर सफारी भूमि का पूजन करते वन मंत्री

सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम् ने .इ.का. पौड़ी एवं रा.इ.का. खोलाचैरी में संचालित वर्चुअल क्लासेज का  किया निरीक्षण
कोटद्वार।सचिव पशुपालन, सहकारिता, डेरी, मत्स्य विभाग, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड शासन/जनपद प्रभारी सचिव श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम् ने आज रा.इ.का. पौड़ी एवं रा.इ.का. खोलाचैरी में संचालित वर्चुअल क्लासेज का निरीक्षण किया। छात्रों के साथ वर्चुअल क्लास में बैठकर शिक्षक द्वारा पढ़ाये जा रहे पाठन विधि से रूबरू हुए। सचिव श्री सुन्दरम् प्रार्थना समय में पहुंचे विद्यालय परिसर, अधिकारी, शिक्षक एवं छात्रों ने स्वागत अभिवादन किया। विद्यालय परंपरा के अनुसार सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
 सचिव श्री सुन्दरम् ने अपने संबोधन में कहा कि कोविड-19 के चलते यह साल सब के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है, किन्तु शिक्षा विभाग, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं के लिए बहुत ही मुश्किल भरा समय रहा। कहा कि भारत सरकार द्वारा स्कूल खोलने हेतु दी गई अनुमति के क्रम में स्कूल खोलने का जो निर्णय लिया गया, वह आसान नहीं था, कही पहलुओं को देखते हुए दसवीं एवं बारहवी की कक्षाएं खोलने का साहसिक निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के चलते काफी लम्बे समय से स्कूल में कक्षाएं नहीं चल पाई, इसलिए शिक्षकगणों एवं छात्र-छात्राओं से अनुरोध है कि जो बचा हुआ समय है उसका उत्तम उपयोग करें। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी अपने बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करें। कहा कि हम बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों को भी आगे बढ़ायेंगे ताकि आपको बेहत्तर तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। कहा कि आपकी कठिनाई को दूर करने के लिए जितना प्रयास हो सका है, उतना किया गया है। 
सचिव विद्यालयी शिक्षा श्री सुन्दरम ने छात्र-छात्राओं से कहा कि अब समय कठिन परिश्रम करने का है, क्योंकि यह समय आपका भविष्य तय करेगा, इसलिए समय का बेहत्तर सद्उपयोग करें। कहा कि स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क होता है और मस्तिष्क स्वस्थ होगा तभी आप अपनी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से कर पायेंगे। इसलिए कोविड-19 की गाइड लाइन का शत प्रतिशत अनुपालन करें, मास्क को अनिवार्य रूप से पहने, सामाजिक दूरी बनायें, सेनिटाइज का प्रयोग करें, अनावश्यक भीड़-भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें तथा स्वच्छता का ध्यान रखें। साथ ही खांसी, जुखाम, बुखार, कफ, सांस लेने में तकलीफ आदि रोग के हल्के से लक्षण होने पर भी चेकअप करवायें।
वर्चअल क्लास निरीक्षण के उपरान्त उन्होने वर्कसीट कार्यक्रम के तहत पहुंचे स्कूली बच्चों से मुलाकात किया। किताबे के बारे में जानकारी ली जिस पर बच्चों ने कहा कि उन्होने बाजार से क्रय किया है। जिस पर सचिव श्री सुन्दरम् ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया है इन बच्चों के पुस्तक के पैसे डीबीटी के माध्यम से खाते में डालने की कार्यवाही करना सुनिश्चत करेंगे।इस मौके पर अपर निदेशक माध्यमिक एम.एस. बिष्ट, अपर निदेशक बेसिक एस.पी. खाली, उपजिलाधिकारी एस.एस. राणा, तहसीलदार हरिमोहन खण्डूडी, राइका पौड़ी प्रधानाचार्य बिमल चन्द्र बहुगुणा सहित संबंधित शिक्षक एवं शिक्षिका व विद्यार्थी उपस्थित थे।

छात्रों को संबोधित करते सचिव आर सुन्दरम

हंस अस्पताल में डायलिसिस सुविधा शुरू
 
सतपुली। द हंस फाउंडेशन जनरल अस्पताल, चमोलीसैंण में डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई है। अस्पताल में डायलिसिस गत 30 नवंबर से शुरू की गई डायलिसिस सुविधा का अब तक 12 लोग लाभ उठा चुके हैं। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ एचएस मिन्हास ने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि बीपीएल मरीजों को यह सुविधा निःशुल्क प्रदान की जाएगी। जबकि अन्य मरीजों से एक बार डायलिसिस करवाने के सरकारी दर से भी कम महज 800 रूपए चार्ज किए जाएंगे। 
अस्पताल के सीनियर डायलिसिस टैक्नीशियन केशव कौशल ने बताया कि अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू होते ही नजीबाबाद और मंडल मुख्यालय पौड़ी से भी किडनी मरीज डायलिसिस के लिए पंहुच रहे हैं।
पहाड़ के ग्रामीणों के पानी पर होटल व्यवसाहियों का कब्जा 
कोटद्वार।एक ओर राज्य सरकार हर घर में पानी पहुचाने की बात कर रही है 1 रुपये में पानी का कनेक्सन देने की बात कर रही है वही मुख्यमंत्री के ग्रह  जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखण्ड ज़हरीखाल के 5 गांव (असनखेत,घँगलीखाल ,सन्दना, जाख मल्ला, सिसलडी) के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं लोगो का कहना है कि होटल व्यवसाही उनके रिजर्व टैंक में मोटर लगाकर  पानी खींच लेते हैं और गांव में पानी नही आता।
लैंसडाउन टू रिखणीखाल मार्ग पर टाइगर रिजॉर्ट सहित 3 होटल भैसोड़ा से आ रही लाइन के रिजर्व टैंक में मोटर लगाकर पानी खींच लेते हैं वही आपको बता दें कि पहाड़ो में बोरिंग की परमिशन नही है लेकिन टाइगर रिजॉर्ट के मालिक के द्वारा सड़क पर बोरिंग की हुई है  व अन्य होटलों को भी  पानी बेचते हैं अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमे विभाग व प्रशासन की भी मिली भगत हो सकती है। 
 सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिसलडी में किसी स्थानीय नेता के घरेलू कनेक्सन से दो होटलों को पानी की सप्लाई दी जा रही है और ग्रामीण पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहे हैं। 
स्थानीय श्रीमती अमरा देवी जो की बुजुर्ग महिला है उनका कहना है कि होटल वालो की वजह से उनके गांव में पानी का संकट बना हुआ है आखिर हम बुजुर्ग कहा से पानी की व्यवस्था करे सरकार उनके बारे में भी सोचे। 
स्थानीय निवासी अरविंद नेगी जी का कहना है कि ये टैंक एक हप्ते से सूखा हुआ है सारा पानी होटल  वाले चूस दे रहे हैं ग्रामीण परेशान हैं नेगी ने कहा कि पूर्व में बनी पानी की योजना को जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को न देकर होटल व्यवसाहियों को दे दिया 
अन्य कई लोगो ने सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष प्रकट किया गया।
पानी के संकट में स्थानीय गाड़ी मालिक सर्वेस्वर प्रसाद के द्वारा अपनी गाड़ी से निस्वार्थ लोगो की प्यास बुझाने की कोसिस जारी है। पहाड़ के पानी पर अगर इसी तरह होटल व्यवसाई कब्जा करते रहे और सरकारी तंत्र मौन रहा तो ग्रामीणों का आक्रोश पर्यटन व्यवसायियों के लिए मुसीबत बन सकता है।

घर पर लगे पानी के कनेक्शन के बजाय सडक पर पानी भरने को विवस बुजुर्ग महिला

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