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सरकारी धन का गबन करने वाले नगर निगम पार्षद महिला ठेकेदार और नगर निगम कर्मचारी का पर्दाफाश

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

सरकारी धन का गबन करने वाले नगर निगम पार्षद महिला ठेकेदार और नगर निगम कर्मचारी का पर्दाफाश

फर्जी दस्तावेज बनाकर  24 लाख की धोखाधड़ी हुई थी नगर निगम कोटद्वार में

कोटद्वार नगर निगम में फर्जी दस्तावेज बनाकर नगर निगम कर्मचारी, महिला ठेकेदार और वार्ड पार्षद मिलीभगत से निगम को लाखों का चूना लगा दिया था. नगर आयुक्त, कोटद्वार किशन सिंह नेगी, द्वारा वित्तीय घपले का खुलासा करते हुए  कोतवाली कोटद्वार पर प्रथम सूचना रिर्पोट 14 अक्टूबर 2022 को दर्ज करायी थी. नगर निगम आयुक्त द्वारा रिपोर्ट में दर्ज कराया कि निगम कोटद्वार से वर्ष 2017-18 में रू0 23,89,584/- की धनराशि तत्समय काम करने वाले ठेकेदारों के खातों में भुगतान किया गया था। जिसके सम्बन्ध में केवल एक पत्रावली वर्ष 2017-18 में कार्य करने के पश्चात भुगतान हो चुका था। तत्कालीन एकाउण्टेन्ट पंकज सिंह रावत द्वारा धोखाधड़ी व कूटरचना कर पुनः वर्ष-2021 में उसी कार्य का भुगतान रू0 17,73,886/- की धनराशि ठेकेदार सुमिता देवी को पुनः कर दिया गया। नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी द्वारा थाना कोटद्वार पर दर्ज प्रथम सूचना रिर्पोट के आधार पर कोतवाली कोटद्वार पर मु0अ0सं0 254/2022, धारा-409/420/467/468/471/120 (बी) भादवि पंजीकृत किया गया था। कोटद्वार पुलिस द्वारा टीम प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह, उपनिरीक्षक संजय रावत आरक्षी विकास गैरोला व महिला आरक्षी श्रेया पुलिस टीम गठित कर विवेचना उपनिरीक्षक संजय रावत के सुपुर्द की गयी। उपनिरीक्षक संजय रावत द्वारा अपने उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देशन में कार्यवाही करते हुए ठोस अभिलेखीय/दस्तावेजी एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ कार्यवाही की गयी। जांच के दौरान अभियुक्त कोटद्वार नगर निगम पार्षद कुलदीप सिंह पुत्र राजपाल काम्बोज का निवासी विकास नगर गाडीघाट कोटद्वार.अभियुक्ता ठेकेदार सुमिता देवी पत्नी स्व. राजेन्द्र सिंह चौधरी निवासी बड़थ्वाल कालौनी पदमपुर, कोटद्वार को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया. मुख्य आरोपी पंकज रावत,निवासी कामरुप नगर, देवीरोड़ कोटद्वार जो कोटद्वार नगर निगम में एकाउटेंट के पद पर उक्त समय तैनात था वर्तमान में फरार है. गौरतलब है कि पार्षद कुलदीप कम्बोज महिला ठेकेदार का सहयोगी और ठेकेदारी का काम देखता था. फर्जी तरीके से भुगतान लेने में पार्षद की भूमिका सक्रियता रही. पार्षद कुलदीप द्वारा उक्त प्रकरण में  धनराशि रू0 17,73,886/- में से 15 लाख रू0 से अधिक स्वयं निकालना व एकाउण्टेन्ट पंकज सिंह रावत के साथ बांटना पाया गया। साक्ष्यों के आधार पर गठित पुलिस टीम द्वारा गुरुवार को अभियुक्ता सुमिता देवी एवं अभियुक्त कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त पंकज सिंह फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम प्रयासरत है।

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