कोटद्वार एन एच पर लुकाछिपी
अतिक्रमणकारियो और न्यायालय के बीच ‘ तू डाल डाल तो में पात पात
मेरठ – बुवाखाल राष्ट्रीय राजमार्ग कोटद्वार में जहाँ आक्रमणकारियों के अतिक्रमण के आगे शासन प्रशासन से लेकर न्यायालय तक पस्त
उत्तराखण्ड में अधिकांश सरकारी भूमि से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक अतिक्रमण की जद में है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश से लेकर कई राज्यों में कठोर कार्यवाही हो रही है । उत्तराखंड एक ऐसा प्रदेश है जहाँ पर अतिक्रमणकारियो को कानून का भी भय नहीं ।अतिक्रमणकारियो के अनुसार कानून उनके हिसाब से ही काम करता है । अतिक्रमणकारियो की मारने तो कानून को कानूनी पेंच में उलझाने उन्हें बखूबी आता है ।
उत्तराखण्ड के कोटद्वार में भी यह खेल खूब खेला जा रहा है । कोटद्वार मुख्य बाजार से गुजरने वाला बद्रीनाथ मोटर मर्ग अथार्त नजीबाबाद बुवाखाल राष्ट्रीय राजमार्ग 534 जो कि नजूल भूमि के अन्तर्गत के आता है उसे खाली कराने में माननीय न्यायालय के भी पसीने छूट रहे हैं । नजूल भूमि पर न्यायालय द्वारा बार बार स्टे जारी होने से आम जनता में न्यायालय की कार्य शैली पर घालमेल नजर आ रहा है । गरीब और जरूरत मंदों पर शासन प्रशासन भी अपने डंडे के बल बूते अतिक्रमण हटाने देता है परन्तु ताकतवर,राजनीतिक और कानूनी पहुंच बनाने वालो के आगे साशन प्रशासन से लेकर न्यायालय तक जी हजूरी करता दिख रहा है । जब लोक संवाद टुडे ने इस संबंध में राजनीतिक कार्यकर्ता राजेन्द्र जजेडी से बात की तो वोट-बैंक के चक्कर में लाग लपेट की भाषा में गलत तो माना परन्तु किसी पर दोष थोपने से बचते नजर आ रहे हैं ।
वही सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलोक रावत ने व्यापारियों,शासन प्रशासन,कोटद्वार का जनप्रतिनित्व करने वाले विधायकों, मंत्रियों और अतिक्रमणकारियो को खूब जमकर लताड़ लगाई।