उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए रिखणीखाल में महिलाओं का विशाल मिलन
उत्तराखंड में पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत और संस्कृति को बचाने के लिए पौड़ी जिले के रिखणीखाल ब्लॉक की अंदरगांव और कोटडीसैण की महिलाओं ने एक विशाल महिला मिलन का कार्यक्रम आयोजन किया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के विधायक महंत दलीप सिंह रावत ने उपस्थिति दी। महिला मिलन केंद्र के माध्यम से क्षेत्र की 28 महिला मंगल दलों ने प्रतिभाग भाग कर उत्तराखंड के बहु प्रचलित पोशाकों, नृत्य शैली, गायन शैली का कार्यक्रम किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिलाओं द्वारा थडिया, चौपला, झुमैलो जैसे सामूहिक नृत्य को फिर से पुनर्जीवित करने का रहा। कार्यक्रम का संचालन यशपाल चौहान और लक्ष्मी देवी ने किया कार्यक्रम की अध्यक्षता थोकदार सुरेंद्र सिंह द्वारा की गई। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों का महिला मंगल दलों को काफी प्रोत्साहन मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन से हमारी नई पीढ़ी को हमारे सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानकारी मिलती है और हमारे राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बने रीति-रिवाजों का, खानपान का और पहनावे का भी परिचय मिलता है इसे पुनर्जीवित करना बहुत जरूरी है। उनका प्रयास होगा कि ऐसे आयोजनों को राज्य सरकार द्वारा मान्यता मिले और पूरे देश विदेश में उत्तराखंड की संस्कृति का परचम लहराए।
जनसंख्या विस्फोट को लेकर जनजागरण अभियान
जनसंख्या विस्फोट को लेकर जनसंख्या समाधान फाउंडेशन द्वारा कोटद्वार में जन जागरूकता अभियान चलाया गया। फाउंडेशन के सदस्यों ने कोटद्वार शहर से सिद्धबली मंदिर तक रैली निकालकर जनसंख्या विस्फोट के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए जनसंख्या कानून लाने की मुहिम छेड़ने के लिए आम जनता से फाउंडेशन से जुड़ने और अपने स्तर से जन जागरूकता अभियान चलाने का आवाहन किया। पूरे देश में समान रूप से दो बच्चों के कानून को लागू करने के लिए धर्म जाति वर्ग विशेष से हटकर कानून बनाने की बात कही गई। जिसमें 2 बच्चों के परिवारों को ही सरकारी सुविधाओं के लाभ की प्राथमिकता तथा 3 बच्चे होने पर सभी सरकारी सुविधाओं से मुक्त करना व 3 से अधिक बच्चे होने पर 10 साल तक की कैद का प्रस्ताव फाउंडेशन के सदस्यों ने रखा।



