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उत्तराखंड में फिर प्रकृति की नाराजगी, हुवा भारी नुकसान

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

   उत्तराखंड में फिर प्रकृति की नाराजगी, हुवा भारी नुकसान

नैनीताल जिले के ओखलढुंगा में बादल फटने से तबाही 

   नैनीताल जनपद की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने ओखलढूंगा में बादल फटने की घटना का लिया संज्ञान,जिलाधिकारी से आपदा राहत कार्य मे तेजी लाने के दिये निर्देश
सरकार आपदा प्रभावितों के साथ है खड़ी, मिलेगी हर संभव मदद- रेखा आर्या

  नैनीताल जनपद के ओखलढूंगा में बादल फटने की घटना का संज्ञान लेते हुए जनपद की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने तत्काल जिलाधिकारी नैनीताल वंदना से दूरभाष पर वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।उन्होंने जिलाधिकारी को अतिशीघ्र आपदा राहत एवं बचाव कार्य के साथ ही सहायता राशि मुहैया कराने के निर्देश दिए।जिसके क्रम में जिलाधिकारी नैनीताल ने प्रभारी मंत्री रेखा आर्या को बताया कि ओखलढूंगा, पटटी अमगढी व डॉन परेवा के गधेरे में पानी व मलुवा आने से 18 प्रभावित परिवारों को क्षति का आंकलन कर अहेतुक सहायता राशि मौके पर उपलब्ध कराई गई तथा कृषि भूमि एवं फसल की क्षति का आंकलन उद्यान एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ ही बीमा कम्पनियों यथाशीघ्र कराकर राहत वितरण किया जायेगा। वही मौके पर प्रभावित परिवारों को 50 राशन किट वितरित किये गये। साथ ही अवगत कराया कि भंडारपाणी-पाटकोट, अमगढ़ी ,ओखलढुंगा मोटर मार्ग जो मुख्य सड़क से ओखलढुंगा और डॉन परैया का एक मात्र सड़क मार्ग है उसमे 25 से 30 स्थानों पर मलवा आने से अवरुद्ध है। 30 km के कुल मार्ग में से 18 km तक मार्ग को खोला जा चुका है। पीडब्ल्यूडी रामनगर द्वारा 4 जेसीबी मार्ग पर मलवा हटाने और खोलने हेतु तैनात की गई हैं। 

जनपद प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सभी प्रभावित परिवारों के लिए राशन किट तैयार कर दी गई है,जिन्हे प्रभावितों तक पहुंचा जा रहा है। सभी ऐसे परिवार जिनके घरों में जल भराव या मलवा आया है, उन्हे तत्काल धनराशि दिए जाने की कार्यवाही की जा रही है।प्रभारी मंत्री ने कहा कि वह स्वयं दूरभाष के माध्यम से आपदा राहत कार्यो की स्थिति के बारे में पता कर रहीं हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आपदा कार्यो को जल्द पूर्ण करने और पीड़ितों को जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनको हुए नुकसान की हर प्रकार से मदद करेगी। 

  दुग्ध का उत्पादन और विक्रय बढ़ाने की जिले में कसरत शुरू
 निष्क्रिय दुग्ध उत्पादक समितियों को करें पुनर्जिवित करने का बीड़ा
 गुर्जर बाहुल्य क्षेत्रों से दुग्ध संग्रहण बढ़ाने का लक्ष्य

  दुग्ध उत्पादन कैसे अधिक लोगों की जीविका का साधन बनें इसके लिए पशुधन सुधार से लेकर इसके उत्पादन-विक्रय तक की लागत कम करने व इनोवेटिव प्रयास 

      जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने उपरोक्त दिशा-निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार के एनआईसी कक्ष में आयोजित की गयी दुग्ध समितियों के नेटवर्क विस्तार तथा उसमें आ रही कठिनाईयों के निवारण से संबंधित बैठक में डेयरी विभाग के अधिकारियों को दिये।

      उन्होंने डेयरी, पशुपालन व कृषि विषय में पासआउट नये डिग्रीधारकों से पशुधन नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन बढ़ोतरी, संग्रह से लेकर इसके विक्रय इत्यादि सभी प्रक्रिया के संबंध में नया आइडिया लेकर उसे शामिल करने को कहा ताकि दुग्ध उत्पादन अधिक लोगों के स्वरोजगार का जरिया बन सके।

      जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को दुग्ध उत्पादन क्षेत्रों का तथा विभिन्न सीजन में दुग्ध की डिमांड में कमी व अधिकता तथा किन-किन क्षेत्रों में डिमांड कम या ज्यादा है इत्यादि का डेयरी विभाग के समन्वय से सर्वे करने के निर्देश दिये। उन्होंने निष्क्रिय पड़ी दुग्ध उत्पादन समितियों को पुनर्जिवित करते हुए उनको बेहतर प्रशिक्षण देकर क्रियाशील व प्रभावी बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कुनाऊ, लालढांग तथा ऐसे ही गुर्जर बाहुल्य क्षेत्रों में जहां अधिक दुग्ध उत्पादन होता है उन क्षेत्रों में संबंधित दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध से संबंधित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण व उत्पादन से संबंधित उपकरण उपलब्ध करवाने तथा उनसे दुग्ध क्रय करने इत्यादि पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिये।

    जिलाधिकारी ने दुग्ध से अन्य उत्पाद तैयार करते हुए उसे ‘‘मिल्क पार्लर’’ ब्रांड से विक्रय करने की प्रक्रिया पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस बात पर भी ध्यान दिया जाय कि दुग्ध के संग्रहण और विक्रय तक की पूरी चैन के दौरान हम इसकी लागत में कैसे कमी ला सकते हैं तथा दुग्ध के संग्रहण और उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छा कार्य करने वाले कार्मिकों और दुग्ध समितियों को कैसे प्रेरित और सम्मानित कर सकते हैं इस पर भी कार्य करने को कहा। साथ ही कहा कि हम दुग्ध उत्पादन के प्राइवेट पार्टनर्स के मुकाबले कैसे दुग्ध उत्पादन में प्रतिस्पर्दी बनें इस पर भी गंभीरता से कार्य करने की जरूरत बतायी।

     बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पाण्डेय, उप निदेशक डेयरी डॉ0 डी0पी0 सिंह, सहायक निदेशक लीलाधर सागर, प्रधान प्रबंधक श्रीनगर गढ़वाल दुग्ध संध जे0एस0 मौर्या सहित संबंधित कार्मिक उपस्थित थे।

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