सिद्ध बली मंदिर स्थित 22 दुकानदारों सहित परिवारों को मंदिर समीति द्वारा किए अतिक्रमण की मिली सजा
रोजी रोटी का जरिया छिना, परिवार पर बच्चों की जिम्मेदारी का भारी संकट ….!
सिद्ध बली बाबा भी मंदिर समीति के खेला देखते रहे, गरजता रहा बुलडोजर, परिसर से जुड़े दुकानदार देखते रहे अपनी बर्बादी का मंजर ….!
मंदिर समीति द्वारा स्वयं उजाडा दुकानदारों की आय का ठिकाना ..!
कोटद्वार। सोमवार का दिन सिद्धबली मंदिर परिसर पीले पंजे की हुंकार से गरजता रहा। लोनिवी की जगह पर सिद्बबली मंदिर समीति द्वारा 22 दुकानों को मंदिर का प्रसाद पूजा पाठ सामग्री सहित बच्चों के खिलौने, धार्मिक सामग्री व जलपान के लिए दुकानें आबटित की थी। माननीय उच्चतम न्यायालय के अतिक्रमण हटाने को लेकर दिए कठोर निर्णय के आधार पर जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा सभी विभागों को अपने अपने अधिकार क्षेत्र की भूमि से अगस्त माह में अतिक्रमण हटाने की डेडलाइन दी गई थी। कोटद्वार शहर में नगरनिगम और प्रशासन द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तो चल रही है वहीं सिद्बबली मंदिर के समीप स्थापित दुकानों को मंदिर समीति द्वारा स्वयं ध्वस्त करवाने की कार्यवाही की गई, क्योंकि लोनिवी की जगह पर सिद्बबली मंदिर समीति द्वारा अतिक्रमण कर दुकाने बनाकर आबंटित की गई थी।
जब मंदिर समीति द्वारा दुकानों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण किया जा रहा था तब दुकानदारों की आंखों से बरस रहे आंसू सिद्बबली बाबा से पूछ रहे थे कि मंदिर समीति की गलती से उन्हें क्यों उजाडा़ जा रहा है। जो मंदिर समीति वर्षों से उनका दोहन कर रही थी उस मंदिर समीति ने आस्था की आड़ में धर्मशाला व गेट से लगी दुकानों को तो बचाया परन्तु उन्हें क्यों उजाडा़…..?

