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भविष्य में लैंसडाउन का नाम हो सकता है कालोडांडा

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

   भविष्य में लैंसडाउन का नाम हो सकता है कालोडांडा 

  भाजपा सरकार बदलने जा रही पर्यटन नगरी लैंसडाउन का नाम 

पर्यटन नगरी लैंसडाउन क्षेत्र की दुर्लभ तस्वीरें 

देहरादून: भाजपा सरकार में अंग्रेजी और मुगलकालीन नाम से जाने वाले शहरों और ऐतिहासिक धरोहरों के नामों में बदलाव करने का जूनून सर चढ़ कर बोल रहा है। उत्तराखंड में भी ऐसा ही एक प्रयास भाजपा सरकार द्वारा किए जाने का मामला शोसल मिडिया पर गुरुवार को खूब वायरल हो रहा है। मामला उत्तराखंड के पौड़ी जिले के लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के लैंसडाउन पर्यटन शहर को लेकर है जहां रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव पर अमल किया तो पौड़ी जिले में स्थित सैन्य छावनी क्षेत्र लैंसडौन का नाम फिर ‘कालौं का डांडा (काले बादलों से घिरा पहाड़)’ हो जाएगा। 132 साल पुराने लैंसडौन नाम को बदलने की तैयारी है। रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव पर अमल किया तो पौड़ी जिले में स्थित सैन्य छावनी क्षेत्र लैंसडौन का नाम फिर ‘कालौं का डांडा (काले बादलों से घिरा पहाड़)’ हो जाएगा। 132 साल पुराने लैंसडौन नाम को बदलने की तैयारी है। रक्षा मंत्रालय के आर्मी हेड कवार्टर ने सब एरिया उत्तराखंड से ब्रिटिशकाल में छावनी क्षेत्रों की सड़कों, स्कूलों, संस्थानों, नगरों और उपनगरों के रखे नामों को बदलने के लिए प्रस्ताव मांगें हैं। रक्षा मंत्रालय ने उनसे ब्रिटिशकाल के समय के नामों के स्थान पर क्या नाम रखे जा सकते हैं, इस बारे में भी सुझाव देने को कहा गया है। इसी के तहत लैंसडौन छावनी ने इसका नाम ‘कालौं का डांडा’ रखने का प्रस्ताव भेजा है। पहले इसे ‘कालौं का डांडा’ पुकारा जाता था। स्थानीय लोग इसका नाम यही रखने की मांग वर्षों से करते आए हैं। रक्षा मंत्रालय को भी इस बाबत कई पत्र भेजे जा चुके हैं।

1886 में गढ़वाल रेजीमेंट की स्थापना हुई। पांच मई 1887 को ले.कर्नल मेरविंग के नेतृत्व में अल्मोड़ा में बनी पहली गढ़वाल रेजीमेंट की पलटन चार नवंबर 1887 को लैंसडौन पहुंची। उस समय लैंसडौन को कालौं का डांडा कहते थे। 21 सितंबर 1890 तत्कालीन वायसराय लार्ड लैंसडौन के नाम पर लैंसडौन रखा गया।

        केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री उवाच 

समय-समय पर क्षेत्र के लोग नाम बदलने की मांग करते रहे हैं। देश, काल और परिस्थितियों को देखकर ऐसे प्रस्तावों पर विचार किया जाता है।


–अजय भट्ट, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री

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