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उत्तराखंड में भी पूर्व भाजपा विधायक शैलेन्द्र सिंह रावत कांग्रेस के हाथ छोड़, कमल के फूल को लगाया सर माथे

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

राजनीतिक कबड्डी,हाथ मिलाकर पाला बदलो 

केन्द्रीय राजनीति से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में भी अदला बदली का खेल जारी 
  उत्तराखंड में भी पूर्व भाजपा विधायक शैलेन्द्र सिंह रावत कांग्रेस के हाथ छोड़, कमल के फूल को लगाया सर माथे
कोटद्वार में मेयर का ख्वाब देख रहे कई दावेदारों की नींद उड़ी 

लोक संवाद टुडे: कोटद्वार/देहरादून।

कोटद्वार। कड़ाके की सर्दी में रविवार का दिन केन्द्रीय राजनीति से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में भीषण गर्मी लिए रहा। जहां केन्द्रीय राजनीति में नितिश कुमार ने इंडिया गठबंधन को बाय बाय करते हुए भाजपा से हाथ मिला लिए, तो उत्राखंड में भीषण सर्दी में सियासी गर्मी में अदला बदली खेल चला। 

  कोटद्वार से पूर्व विधायक शैलेन्द्र रावत जो कि पूर्व में 2007 में भाजपा से विधायक बनने के बाद में 2012 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के कोटद्वार से चुनाव लड़ने पर बगावत के चलते कांग्रेस का हाथ थाम लिया। मुख्यमंत्री खंडूरी की हार का जिम्मेदार शैलेंद्र रावत को मानते हुए भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए। वापसी से कोटद्वार में मेयर का चुनाव लडने का ख्वाब देख रहे कई भाजपाईयों के अरमानों पर पानी फिर गया है। शैलेन्द्र रावत वर्ष 2017 और 2022 में यमकेश्वर विधानसभा से  कांग्रेस से चुनाव लड़ने के वावजूद विधायक नहीं बन पाए। वहीं कांग्रेस की अंदरूनी उठा-पटक, मोदी व भाजपा के बढ़ते कुनबे तथा कोटद्वार में दमदार भाजपा दावेदार की रिक्ति के  चलते कोटद्वार में शैलेंद्र समर्थकों ने भाजपा संगठन में शैलेंद्र रावत वापसी के लिए एड़ी चोटी की ताकत  लगा दी। रविवार को भाजपा में घर वापसी का शैलेंद्र रावत का व समर्थकों का सपना साकार हो गया परन्तु  कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा जो जमीनी राजनीतिक पृष्ठभूमि के कार्यकर्ता को नहीं रोक पाई।

 शैलेंद्र रावत के भाजपा में शामिल होने से कोटद्वार का राजनीतिक समीकरण भी बिगड़ गया है। शैलेंद्र रावत के कोटद्वार में प्रभाव के चलते नगरनिगम  में भाजपा के टिकट से मेयर की दावेदारी की गोटियां बिछाए बैठे कई भाजपाईयों की नींद उड़ गई  है।

  अब देखना यह है कि कोटद्वार में भाजपा की राजनीति में दमदार खिलाड़ी के रूप में क्या शैलेंद्र रावत खरे उतर पाएंगे या फिर कोटद्वार में विधायक बनाने वाली लाबी विधानसभा अध्यक्ष के लिए दंगल का मैदान का खिलाड़ी बनाकर शतरंज की बिसात बिछाएंगे….?

पुष्कर सिंह पवार 

            

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