कोटद्वार की मूलभूत समस्याओं के लिए संघर्षरत पूर्व सैनिक
पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के बैनर तले कोटद्वार की समस्याओं से जूझ रही आम जनता के साथ खड़ा पूर्व सैनिक महेंद्र पाल रावत
कोटद्वार। नगर निगम बनने के बाद कोटद्वार की आम जनता जो राजनीतिक दलों की घोषणाओं और प्रलोभनों से पिछले पांच साल सालों से ठगी जा रही है उससे आम जनता राजनीतिक दलों से दूरियां बनाने लगी है। कोटद्वार में राजनीतिक दलों चाहे वह सत्ताधारी दलों से जुड़े हों या फिर विपक्षी दलों से,जब वे कोटद्वार विधानसभा से जुडी अच्छी या बुरी घटनाओं को लेकर जनरैली या प्रदर्शन करते हैं तो आम जनता की सहभागिता नगण्य नजर आती है। टुकड़ों में बंटे राजनीतिक दलों की गुटबाजी कहें या फिर निजी स्वार्थ के लिए प्रदर्शन करने वाले पार्टी के लम्बरदार स्वयं को कोटद्वार का सर्वश्रेष्ठ हितैषी साबित करने के चक्कर में पार्टी और जनता से दूरी बना ले रहा है।
ऐसे में कोटद्वार में पिछले दो-तीन वर्षों में पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के बैनर तले पूर्व सैनिक समिति के अध्यक्ष के रूप में महेंद्र पाल सिंह रावत ने कोटद्वार गढ़वाल सहित पूरे गढ़वाल मंडल में पूर्व सैनिकों सहित आम जनता की छोटी-छोटी समस्याओं को स्थानीय स्तर से गढ़वाल मंडल तक की जनता के लिए सड़क से लेकर जिलाधिकारी, नगरनिगम आयुक्त वर्तमान सरकार के मंत्रीयों तक आवाज उठाकर जनता के दिलों में राज करना शुरू कर दिया है।
हाल ही में कोटद्वार में मातृशक्ति की पहचान तीलू रौतेली चौक को हटाकर घंटाघर बनाने का मामला हो, कोटद्वार में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन का ढुलमुल रवैया हो, पूर्व सैनिकों की पेंशन, विकलांग पेंशन, बिजली के अव्यवस्थित पोल, पेयजलापूर्ति का मामला हो शहर में आवारा पशुओं का आतंक, भूमाफिया व खनन माफिया का मामला हो महिलाओं को भयमुक्त करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाना हो व कूड़ा निस्तारण के लिए शासन प्रशासन से संघर्ष करना हो जैसे मुद्दों पर जनता के साथ कदमताल कर सरकार तक आवाज पहुंचाकर विश्वास बनाकर कोटद्वार की जनता के दिलों में राज करना शुरू कर दिया है। महेंद्र पाल रावत ने अपने सैनिक संघर्ष समिति के माध्यम से सरकारी मशीनरी पर दबाव बनाकर कई मामलों में जनता के हित में निर्णय करवाने में भी सफलता हासिल कर ली है यही उपलब्धि महेंद्र पाल रावत को भविष्य में कोटद्वार में सफल जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित करने में मददगार साबित होगी। गैर राजनीतिक और बिना राजनीतिक संरक्षण के महेंद्र पाल सिंह रावत ने अपने सैनिक समिति के माध्यम से एक जुझारू और जीवट व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है। अगर महेंद्र पाल रावत भविष्य में कोटद्वार से एक जनप्रतिनिधि के रूप में स्वयं को प्रस्तुत करते हैं तो निसंदेह कोटद्वार की आम जनता के लिए कारगर जनप्रतिनिधि हो सकते हैं।
