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प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश को भेजी चूडियां

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

असामाजिक तत्वों और हुडदंगियों पर रोक लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों का तहसील मे प्रदर्शन

कोटद्वार।ऐता,मथाणा,रामडी,पुलिंडा,चरेख  मोटर मार्ग पर असामाजिक गतिविधियों को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत नेगी के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों,क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों ने कोटद्वार तहसील परिसर मे बुधवार को असामाजिक तत्वों,और हुडदंगियों की रोकथाम के लिए पुलिस गस्त और कार्यवाही करने के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पहाडी ग्रामीण क्षेत्र की सामाजिक संस्कृति और परिवेश को पहुंच रही क्षति व क्षेत्र के बिगडते माहौल पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने खासी नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार कोटद्वार कोतवाली और दुगड्डा चौकी सहित उपजिलाधिकारी कोटद्वार को इस संबंध मे शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है लेकिन किसी ने भी गंभीरता से संज्ञान नही लिया जिस कारण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को तहसील मे प्रदर्शन करने को मजबूर होना पडा है। क्षेत्र के जिलापंचायत सदस्य भरत नेगी ने कहा कि उनके द्वारा पूर्व में कोटद्वार उप जिलाधिकारी से लेकर कोटद्वार कोतवाली और पौडी जिलाधिकारी और एसपी को इस संबंध में शिकायत दर्ज की कराई थी।लेकिन न तो प्रशासन और न ही पुलिस ने ईस संबंध कोई ठोस कार्रवाई की। रामणी पुलिंडा ऐता ,चरेख,मथाणा मोटर मार्ग पर असामाजिक तत्व सड़क के किनारे अस्लील हरकतें करते तथा शराब पीकर हुड़दंग करते हैं। इसके अलावा वन एवं पर्यावरण को भी  नुकसान पहुंचाते हैं। जगह-जगह प्लास्टिक की बोतलों प्लास्टिक की थैलियों,रैपरों वन क्षेत्र मे फेक देते हैं, जिससे जंगली जानवरों और पर्यावरण को इससे भारी नुकसान पहुंचता है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जो जंगल में  चारा पत्ती,लकडी लेने जाती हैं अपने पशुओं को चुगाने के लिए जंगलों के किनारे अपने पशुओं को चुगाती है तो असामाजिक तत्व  इन महिलाओं से भी अश्लील हरकतें करने से बाज नहीं आते और हुड़दंग बाजी से महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी कर परेशान करते रहते हैं। जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है। कई बार  स्थिति गंभीर हो जाती है क्षेत्र के ग्रामीण इन असामाजिक तत्वों को  कई बार समझा चुके हैं परंतु यह अपनी हरकतों से बाज नहीं आते।  इसलिए इन असामाजिक तत्वों पर रोक लगानी बहुत आवश्यक है।अगर शिघ्र ही इन असामाजिक तत्वों और हुडदंगियों पर रोक और पुलिस गस्त की व्यवस्था नही की गई तो क्षेत्र की समस्त जनता एक बडे आन्दोलन को विवस होगी,जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस की होगी।

 प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के लिए चूड़ियां भेज जताया विरोध
कोटद्वार । यूथ कांग्रेस व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केन्द्र,उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड सरकार को हर विषय में विफल करार देते हुए विरोध किया है ।कार्यकर्ताओ ने कृषि विधेयक को किसान विरोधी करार देने के साथ उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध तथा उत्तराखंड में बढ़ती बेरोजगारी के लिए सरकारों के मुखियाओ को जिम्मेदार ठहराया है। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के लिए चूड़ियां भेजी।
बुधवार को युवा कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता मालवीय उद्यान में एकत्रित हुए ।जहाँ पर उन्होने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान विरोधी कानून पारित करके देश के किसानों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है, लेकिन मोदी सरकार संस्थानों के निजीकरण करने पर व्यस्त है। उत्तर प्रदेश में महिलाओं का जीना दूभर हो गया है, राज्य में आए दिन महिलाओं व बेटियों के खिलाफ जघन्य अपराधों के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन योगी सरकार इसे रोकने में नाकाम साबित हुई है। भाजपा सरकार बेटी बचाओ का नारा लगाती हैं, लेकिन भाजपा शासित प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं है। वहीं त्रिवेंद्र सरकार के शासन में राज्य का विकास दस वर्ष पीछे चला गया है, प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अभाव में पलायन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी, युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष विजय रावत, मीना बछवाण, विनीता भारती, नीरज बहुगुणा, दिव्यांश, सुनील थापा, कुलदीप, आरीफ, पंकज राणा, मून अली, अंकित थपलियाल, मोहित उनियाल, मुदीत, आकाश, शिवानी, नेहा,आयुष, अमन राणा, सूर्यमणि सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
उत्तराखंड ओबीसी एम्पलाइज एशोसिएशन ने कर्मचारियों ने  सरकार पर धोखाधड़ी का लगाया आरोप 

सरकार की दमनकारी नीति का प्रतिकार आवश्यक ही नहीं अपरिहार्य है ।जिस प्रकार संगठन को झांसा देकर आश्वासन देकर यह कहा गया कि एक दो दिन में नोटिस वापस ले लेंगे लेकिन उत्तराखंड सरकार का एक दो दिन नहीं आया इसका मतलब यह सब उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाईज एसोसिएशन के सदस्यों को भी परेशान किया जा रहा है और उनकी ताकत को भी कम आंकने की कोशिश शासन ने की है प्रदेश अध्यक्ष श्री दीपक जोशी जी के खिलाफ जो पत्र निकाला गया है उसका कोई आधार नहीं था आज भी नहीं है । केवल और केवल परेशान करने का दृष्टि है। सभी सदस्यों से अनुरोध है कि प्रस्तावित मशाल जुलूस में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर एकता का परिचय दें और शासन की दमनकारी नीतियों की खिलाफत करें। सरकार द्वारा उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाईज को बेमतलब परेशान करके कमजोर करने की भी साजिश की जा रही है इस तुगलकी फरमान को हर हाल में निरस्त कराना ही होगा । शासन में बैठे आई ए एस स्तर के अधिकारी झूठ बोलने का भी काम करते हैं यह भी स्पष्ट हो गया है । सरकार व शासन की नादिरशाही का जवाब दिया जाना नितांत आवश्यक है सभी सदस्यों को एकजुटता से ज़वाब देना होगा। सभी संगठन स्वयं सिद्ध होते हैं उन्हें हड़ताल करने के लिए किसी नेता सरकार या व्यवस्था से अनुमति लेने की आवश्यकता कभी नहीं होती है । हां इन लोगों को नोटिस जरूर जारी किया जाता है । सरकार ने अनुमति को आधार बनाकर निराधार पत्र जारी किया गया है अब जब तक यह पत्र निरस्त नहीं होता तब तक शासन का विरोध किया जायेगा। इस संबंध मे गुरुवार को एशोसिएशन ने मशाल जुलूस निकालने का भी निर्णय लिया है।

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